Patna Metro: राजधानी में मेट्रो परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और अब इसका असर जमीन पर साफ दिखने लगा है. शहर के प्रमुख इलाकों में से एक मोइनुल हक स्टेडियम के पास बन रहा पहला भूमिगत स्टेशन अंतिम चरण में पहुंच चुका है. करीब 22 मीटर नीचे तैयार इस स्टेशन का सिविल निर्माण पूरा हो गया है, जो पूरे प्रोजेक्ट के लिए अहम पड़ाव माना जा रहा है. वहीं, टनल बोरिंग मशीनों की गतिविधि अब राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे तक पहुंच चुकी है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि मेट्रो नेटवर्क का काम निर्णायक स्थिति में है.
तेज रफ्तार से हो रही सुरंग की खुदाई
मोइनुल हक इलाके से राजेंद्र नगर की दिशा में सुरंग निर्माण का कार्य लगातार जारी है. अधिकारियों के अनुसार, दो टनल बोरिंग मशीनें एक साथ काम कर रही हैं. पहली लाइन में निर्धारित 705 मीटर में से 278 मीटर की खुदाई पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरी लाइन में 681 मीटर के लक्ष्य के मुकाबले 448 मीटर तक काम पूरा किया जा चुका है. राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे से सुरंग निकालना इस परियोजना का सबसे जटिल हिस्सा माना जा रहा है, जहां हर पल निगरानी रखी जा रही है. अनुमान है कि अगले तीन से चार महीनों में मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन तक करीब छह किलोमीटर का भूमिगत नेटवर्क तैयार हो जाएगा.
एलिवेटेड कॉरिडोर भी अंतिम चरण में
मेट्रो परियोजना का काम सिर्फ जमीन के नीचे ही नहीं, बल्कि ऊपरी ट्रैक पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. न्यू बाइपास क्षेत्र में खेमनीचक से मीठापुर तक एलिवेटेड संरचना तैयार कर ली गई है. अब यहां ट्रैक बिछाने और बिजली से जुड़े कार्य शेष हैं. इस रूट के शुरू होने से जगनपुरा, रामकृष्णा नगर और मीठापुर जैसे इलाकों में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है. मीठापुर के बाद मेट्रो फिर से भूमिगत मार्ग में प्रवेश करेगी और शहर के केंद्रीय हिस्सों को जोड़ेगी.
संचालन शुरू होने से पहले तकनीकी मंजूरी का इंतजार
मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले अब केवल कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं. भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन के बीच निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी सीएमआरएस निरीक्षण और फायर एनओसी का इंतजार है. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने के अंत तक ये प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी. शुरुआती संचालन में खेमनीचक स्टेशन को इंटरजंक्शन कार्य के कारण शामिल नहीं किया जाएगा, और मेट्रो भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच चलाई जाएगी.
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