Pawan Singh News: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री और बिहार की राजनीति में इन दिनों पवन सिंह को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं. उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की संभावना को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं. इसी कड़ी में उनके करीबी माने जाने वाले गायक गुंजन सिंह का बयान चर्चा का केंद्र बन गया है.
गुंजन सिंह ने संकेत दिया कि पवन सिंह का नाम राज्यसभा के लिए लगभग तय माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. उनके इस दावे के बाद राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है और समर्थकों के बीच उत्सुकता का माहौल है.
पुरानी रंजिश फिर सुर्खियों में
राजनीतिक चर्चाओं के समानांतर भोजपुरी इंडस्ट्री की व्यक्तिगत तनातनी भी दोबारा सामने आ गई है. हाल में एक बातचीत के दौरान अक्षरा सिंह ने पवन सिंह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान ने इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गुंजन सिंह ने कहा कि रिश्तों के दौरान सब सामान्य था, लेकिन दूरियां बढ़ने के बाद आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि सार्वजनिक मंच पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है. उनका यह जवाब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया और समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
बयानबाजी में खेसारी लाल का जिक्र
गुंजन सिंह ने खेसारी लाल यादव को भी सावधानी बरतने की सलाह दी. उनका कहना था कि किसी वरिष्ठ कलाकार के बारे में बोलने से पहले सोच-समझकर शब्द चुनने चाहिए. इस टिप्पणी के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री में एक बार फिर खेमेबंदी की चर्चाएं तेज हो गई हैं. अलग-अलग कलाकारों के समर्थक अपनी-अपनी राय खुलकर रख रहे हैं.
दिल्ली की मुलाकात से चर्चा को बल
हाल ही में पवन सिंह की दिल्ली यात्रा ने अटकलों को और मजबूत किया. उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी. इस मुलाकात को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. बातचीत के बाद पवन सिंह ने कहा कि वे आशीर्वाद लेने पहुंचे थे. जब उनसे राज्यसभा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे ऊपरवाले की मर्जी पर छोड़ दिया.
हालांकि अब तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चर्चाओं का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है.
चुनावी भूमिका का मिल सकता है प्रतिफल?
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आरा क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा थी, मगर उन्होंने प्रत्यक्ष तौर पर मैदान में उतरने के बजाय पार्टी के समर्थन में प्रचार किया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी सक्रियता और लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें संसदीय सदन में भेजने पर विचार कर सकती है. हालांकि अंतिम निर्णय की पुष्टि औपचारिक घोषणा के बाद ही होगी.
उपेंद्र कुशवाहा की सक्रियता भी चर्चा में
इधर रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का दिल्ली दौरा भी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, वे शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं. राज्यसभा सीटों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
फिलहाल पवन सिंह को लेकर कयासों का सिलसिला जारी है. आधिकारिक घोषणा तक सियासत और सिनेमा दोनों ही जगत में चर्चा का केंद्र यही मुद्दा बना रहेगा.
इसे भी पढ़ें-भूमिहार-ब्राह्मण नाम सरकारी अभिलेख में रहेगा, निगरानी व्यवस्था हाेगी सख्त
इसे भी पढ़ें-दानापुर में दिनदहाड़े अधिवक्ता के घर चोरी, 5 महीने में दूसरी वारदात से दहशत
इसे भी पढ़ें-पटना के रेलकर्मियों की बल्ले-बल्ले, बनेंगे अत्याधुनिक आवास, महेंद्रूघाट व करबिगहिया में बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी

