Bihar News: सीमावर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में किशनगंज जिले में एक अहम पहल सामने आई है. लंबे समय से चर्चा में चल रही मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की योजना को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई शुरू हो चुकी है. इस कड़ी में ठाकुरगंज इलाके में एक उपयुक्त स्थल की पहचान की गई है. चयनित भूमि से जुड़ा प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेज दिया गया है, जिस पर अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है. इस गतिविधि के बाद स्थानीय लोगों में एक बार फिर उम्मीद जागी है कि परियोजना जल्द आगे बढ़ सकती है.
हाईवे के पास जमीन को प्राथमिकता, प्रशासन ने तय किया स्थान
जिला प्रशासन ने जिस जमीन को चुना है, वह ठाकुरगंज के कृषि मैदान के आसपास स्थित है. इस स्थान की खास बात यह है कि यह नेशनल हाईवे के नजदीक है, जिससे मरीजों के आवागमन और आपातकालीन सेवाओं में सुविधा मिलने की संभावना है. सभी तकनीकी और भौगोलिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस भूमि को प्रस्तावित किया गया है. पहले ही राज्य स्तर पर किशनगंज में मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति मिल चुकी है. इसके बाद संबंधित विभाग की ओर से जिलाधिकारी को जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई.
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दौरे के दौरान बढ़ी उम्मीदें, लेकिन घोषणा नहीं हुई
11 मार्च को मुख्यमंत्री Nitish Kumar के ठाकुरगंज आगमन के समय लोगों को बड़ी घोषणा की उम्मीद थी. स्थानीय स्तर पर यह चर्चा थी कि इसी दौरान मेडिकल कॉलेज परियोजना की शुरुआत की घोषणा हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अपनी मांग को लेकर आवाज उठाई और इस योजना को जल्द शुरू करने की अपील की. क्षेत्र के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं. वहीं Samrat Choudhary ने भी सार्वजनिक मंच से इस क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की आवश्यकता जताई थी.
आसपास के जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों को होगा लाभ
इस प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का लाभ केवल किशनगंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के प्रखंडों और सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के इलाकों तक भी पहुंचेगा. वर्तमान में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में लोगों को बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना से इलाज की सुविधा सुलभ हो सकेगी. इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी.
सरकार के फैसले पर टिकी आगे की प्रक्रिया
अब इस पूरे मामले में अगला कदम राज्य सरकार के निर्णय पर निर्भर करता है. प्रस्ताव भेजे जाने के बाद लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इसे स्वीकृति मिल सकती है. यदि योजना को हरी झंडी मिलती है, तो ठाकुरगंज आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र के रूप में उभर सकता है. फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं.
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