Bihar Politics: बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब भाजपा कार्यालय के बाहर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से जुड़ा एक पोस्टर लगाया गया. पोस्टर में सम्राट चौधरी की तस्वीर के साथ लिखा गया था, ‘वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार, बिहार में हो सम्राट की सरकार. भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ, ठेकेदारी प्रथा आपकी सरकार में हो समाप्त.’ यह पोस्टर भाजपा नेता राजेश कुमार की ओर से लगाया गया था. पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई.
कुछ ही देर में हटा दिया गया पोस्टर
यह पोस्टर ज्यादा देर तक भाजपा कार्यालय के बाहर नहीं लगा रह सका. पोस्टर लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उसे फाड़ दिया गया. खास बात यह रही कि पोस्टर हटाने के दौरान भाजपा के ही कार्यकर्ता और भाजपा कार्यालय के कर्मचारी मौजूद थे. पोस्टर पहले लगाए जाने और फिर थोड़ी देर बाद हटाए जाने की वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.
BJP मीडिया प्रभारी ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पोस्टर किसने लगाया और किसने फाड़ा, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टर लगाने के पीछे क्या उद्देश्य था, इस बारे में भी उन्हें कुछ पता नहीं है.
दानिश इकबाल ने साफ कहा कि इस पोस्टर को भाजपा के किसी कार्यकर्ता ने नहीं लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने यह पोस्टर लगाया है, उनका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है.
सम्राट चौधरी को CM बनाने की मांग पर भी जवाब
सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर भी दानिश इकबाल ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कौन क्या मांग कर रहा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. भाजपा एक बड़ी पार्टी है और पार्टी में सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं.
उन्होंने साफ किया कि इस तरह की मांग किसी कार्यकर्ता का विषय नहीं है और पार्टी का निर्णय पार्टी स्तर पर ही लिया जाता है.
पोस्टर फाड़ने को लेकर भी दी सफाई
पोस्टर फाड़े जाने के सवाल पर दानिश इकबाल ने कहा कि वहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और कौन पोस्टर लगा रहा है या कौन उसे फाड़ रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. उन्होंने आखिर में फिर दोहराया कि इस पूरे मामले में भाजपा या पार्टी के किसी कार्यकर्ता की कोई भूमिका नहीं है.
दूसरी ओर, पहले पोस्टर लगाए जाने और फिर उसके फाड़ दिए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. अब इस मामले में आगे क्या बयान आते हैं, इस पर नजर बनी हुई है.
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