Railway Hospital : पूर्व रेलवे ने अपने लाभार्थियों के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर देते हुए बताया कि बी. आर. सिंह अस्पताल के हृदय रोग विभाग ने एक गंभीर मामले में सफल एंजियोप्लास्टी कर मरीज की जान बचाई है. 48 वर्षीय पुरुष मरीज को दोहरी कोरोनरी धमनी रोग था, जिसमें बाईं अग्र अवरोही (एलएडी) धमनी का पूर्ण अवरोध शामिल था. सामान्य रूप से इस तरह के मामले कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) से इलाज किये जाते हैं, लेकिन मरीज और उनके परिवार ने CABG से इनकार किया. इस स्थिति में डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर एंजियोप्लास्टी को चुना, जो अपेक्षाकृत कम समय में मरीज को स्वस्थ करने में सहायक रही.
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एंजियोप्लास्टी से बहाल हुआ रक्त प्रवाह
चिकित्सकों ने एलएडी आर्टरी में एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की, जिससे रक्त प्रवाह सामान्य हो गया और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ. उपचार के तीसरे दिन ही मरीज सक्रिय हो गया और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. चिकित्सकों का अनुमान है कि 10 से 14 दिनों के भीतर मरीज अपनी ड्यूटी पर लौट सकेगा, जबकि सामान्य CABG उपचार के मामले में यह अवधि लगभग तीन महीने होती. इस प्रक्रिया ने न केवल मरीज की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि उत्पादक कार्य-दिवसों के नुकसान को भी कम किया.
रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण और विशेषज्ञता की पुष्टि
मरीज और उनके परिजन पूर्व रेलवे के बी. आर. सिंह अस्पताल की कार्डियोलॉजी टीम द्वारा प्रदान की गई उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं से अत्यंत संतुष्ट रहे. यह मामला रेलवे की चिकित्सा टीम की विशेषज्ञता और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां उपचार संबंधी निर्णय मरीज की प्राथमिकताओं और स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप लिए जाते हैं. पूर्व रेलवे ने बताया कि इस तरह की उन्नत चिकित्सा प्रक्रिया लाभार्थियों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है.
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