Jharkhand Weather News: झारखंड में मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है. तेज गर्मी के बीच कई इलाकों में बादल, बारिश और ठंडी हवा का असर देखने को मिल रहा है. इससे लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले तीन दिनों में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है.
5 अप्रैल को कई इलाकों में खराब मौसम की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार 5 अप्रैल को राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और तेज आंधी चलने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है. खासतौर पर गढ़वा, पलामू, चतरा और हजारीबाग जिलों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है. इन इलाकों में तेज हवा और खराब मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है.
6 अप्रैल को इन जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट
6 अप्रैल को मौसम का असर राज्य के मध्य और उत्तरी हिस्सों में ज्यादा देखने को मिल सकता है. विभाग ने हजारीबाग, कोडरमा, गिरीडीह, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, रामगढ़ और रांची जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि, गर्जन, वज्रपात और आंधी की संभावना जताई है. इस दौरान भी हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.
7 अप्रैल को पूर्वी हिस्से में तेज असर
7 अप्रैल को झारखंड के पूर्वी और संथाल परगना क्षेत्र के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा रहने की संभावना है. पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि, तेज आंधी, गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने को कहा
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग के मुताबिक आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का असर पेड़-पौधों, बागवानी और खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है. खुले इलाकों में रहने वाले लोग और मवेशी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.
लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें. पशुओं को भी खुले मैदानों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है. फिसलन या जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने को कहा गया है. किसानों को खेतों में जमा पानी की निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. वहीं बिजली चमकने या वज्रपात के दौरान घर के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने, बिजली के उपकरण बंद रखने और पानी वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है.
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