Jamshedpur News : चाईबासा निवासी आनंत गोप के 9 वर्षीय पुत्र अरविंद गोप को पेट दर्द, बुखार और पीठ में दर्द की शिकायत थी. परेशानी बढ़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए काशीडीह स्थित जौहरी यूरो एंड स्टोन सुपरस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. अस्पताल में डॉ. संजय जौहरी ने उसकी जांच की. जांच के दौरान पता चला कि अरविंद की किडनी में 17.5 एमएम का बड़ा पत्थर है, जिसने किडनी को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है. इसके कारण किडनी में पानी भर गया था और उसका फंक्शन धीरे-धीरे प्रभावित हो रहा था.
समय पर इलाज नहीं होता तो बढ़ सकती थी परेशानी
डॉक्टरों के अनुसार, अगर समय रहते इलाज नहीं होता तो बच्चे की स्थिति और गंभीर हो सकती थी. किडनी पर लगातार दबाव बढ़ने से समस्या ज्यादा जटिल होने की आशंका थी. बच्चे की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया.
बिना चीरा लगाये की गयी सर्जरी
अरविंद का इलाज नयी तकनीक आरआइआरएस (रेट्रोग्रेड इंट्रारेनल सर्जरी) के जरिए किया गया. इस प्रक्रिया में पतली दूरबीन की मदद से बिना किसी चीरे के किडनी से स्टोन को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया. डॉक्टरों ने बताया कि यह तकनीक किडनी स्टोन के इलाज में काफी प्रभावी मानी जाती है.
एक दिन में स्वस्थ होकर लौटा घर
इस आधुनिक पद्धति की वजह से बच्चे को कम तकलीफ हुई और रिकवरी भी तेजी से हुई. इलाज के बाद अरविंद की हालत में सुधार हुआ और वह सिर्फ एक दिन में स्वस्थ होकर घर लौट गया.
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