Bihar Bhawan in Mumbai : मुंबई में बिहार सरकार का नया और अत्याधुनिक बिहार भवन जल्द आकार लेने जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 314.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू होने की तैयारी है. भवन निर्माण विभाग ने इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. सरकार का उद्देश्य सिर्फ एक भवन खड़ा करना नहीं, बल्कि इसे बिहार के औद्योगिक विस्तार, निवेश प्रोत्साहन और राज्य से बाहर रहने वाले लोगों के लिए सुविधाजनक केंद्र के रूप में विकसित करना है. यह भवन निवेशकों को सहयोग देने, बिहार की आधुनिक पहचान प्रस्तुत करने और इलाज के लिए मुंबई आने वाले लोगों को बेहतर ठहराव की सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा.
निवेश और सुविधा का नया केंद्र बनेगा भवन
जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना को राज्य मंत्रिपरिषद ने 13 जनवरी 2026 को मंजूरी दी थी. इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने इसकी रूपरेखा, डिजाइन और तकनीकी प्रक्रियाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया. बिहार भवन को सिर्फ सरकारी उपयोग तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां आने वाले निवेशकों, अधिकारियों, अतिथियों और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग जरूरतों के अनुसार व्यवस्था की जाएगी, ताकि यह भवन बिहार की नई प्रशासनिक और विकासशील सोच का प्रतीक बन सके.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
प्रस्तावित बिहार भवन में आधुनिक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है. इसमें उच्च क्षमता वाली लिफ्ट, जेनरेटर, बिजली सबस्टेशन, एयर कंडीशनिंग सिस्टम और छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र की व्यवस्था होगी. इसके अलावा एसटीपी और ईटीपी जैसी जल शोधन प्रणालियां भी स्थापित की जाएंगी. भवन में आग से सुरक्षा के लिए उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा. आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए भी बेहतर योजना तैयार की गई है, ताकि भवन तक पहुंचने और वहां ठहरने में किसी तरह की असुविधा न हो.
3.10 लाख वर्गफुट में फैला होगा विशाल ढांचा
सूत्रों के अनुसार, इस भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल 3 लाख 10 हजार 43 वर्गफुट होगा. बिहार भवन को कुल 35 मंजिलों का बनाया जाएगा, जिसमें तीन मंजिला बेसमेंट भी शामिल होगा. बेसमेंट में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. इसके ऊपर ग्राउंड फ्लोर और मेजनाइन फ्लोर का निर्माण होगा, जबकि शेष 30 मंजिलों का उपयोग अलग-अलग आवासीय और अतिथि सुविधाओं के लिए किया जाएगा. इस पूरी संरचना को उपयोगिता और सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.
वीवीआईपी से आम लोगों तक, सभी के लिए अलग व्यवस्था
भवन की ऊपरी मंजिलों पर वीवीआईपी, वीआईपी और आम आगंतुकों के लिए अलग-अलग फ्लोर पर ठहरने की सुविधा विकसित की जाएगी. यहां सूइट, सामान्य कमरे और डोरमेटरी जैसी व्यवस्थाएं होंगी, ताकि जरूरत और श्रेणी के अनुसार लोगों को जगह मिल सके. खास बात यह है कि यह भवन मुंबई आने वाले बिहार के मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी राहत का केंद्र बन सकता है. इसके अलावा भवन परिसर में कैफेटेरिया की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे यहां ठहरने वालों को दैनिक जरूरतों के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी.
30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है. बिहार भवन के निर्माण के लिए 30 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है. यदि कार्य योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो आने वाले समय में मुंबई में बिहार सरकार का यह भवन न सिर्फ एक प्रशासनिक पहचान बनेगा, बल्कि राज्य के आर्थिक, सामाजिक और जनसुविधा से जुड़े कई उद्देश्यों को भी एक साथ पूरा करेगा.
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