IPL 2026: आईपीएल 2026 के आगाज से पहले गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने मीडिया से बातचीत में अपने इरादे पूरी तरह स्पष्ट कर दिए. भारतीय टी20 टीम से बाहर किए जाने के बाद उन पर लगातार सवाल उठते रहे, लेकिन गिल ने साफ कर दिया कि वह किसी आलोचना या बहस के दबाव में नहीं खेल रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड खुद उनकी बल्लेबाजी की कहानी कहता है और उन्हें अपने खेल के जरिए अलग से कोई संदेश देने की जरूरत महसूस नहीं होती.
गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद संतुलित अंदाज में कहा कि एक खिलाड़ी के लिए सबसे अहम चीज निरंतरता होती है और वह उसी पर ध्यान दे रहे हैं. उनके मुताबिक, अगर बीते कुछ सीजन को देखा जाए तो उन्होंने लगातार अच्छा योगदान दिया है. ऐसे में वह किसी चयन या बहस को अपने खेल का केंद्र नहीं बनाना चाहते. उनका फोकस सिर्फ इस सीजन में अपनी टीम के लिए असरदार प्रदर्शन करने पर है.
VIDEO | When asked about him missing the successful T20 World Cup campaign at the IPL 2026 Pre-Season press conference, Indian Test team captain Shubman Gill (@ShubmanGill) says he has no regrets, and that he need not prove his skills to anyone as he has been a prolific scorer,… pic.twitter.com/Dprkoprg94
— Press Trust of India (@PTI_News) March 26, 2026
चयन पर बहस, लेकिन गिल का फोकस सिर्फ क्रिकेट
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले शुभमन गिल को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी. इससे पहले वह टीम नेतृत्व समूह का हिस्सा माने जा रहे थे, लेकिन अंतिम संयोजन में बदलाव के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा. शीर्ष क्रम में दूसरे विकल्पों को मौका दिए जाने के बाद यह फैसला काफी चर्चा में रहा. हालांकि, गिल ने इस मुद्दे को लेकर किसी तरह की निराशा या नाराजगी जाहिर नहीं की.
उन्होंने साफ संकेत दिया कि क्रिकेट में हर फैसला परिस्थितियों और टीम संतुलन के हिसाब से लिया जाता है. ऐसे में किसी एक चयन को व्यक्तिगत चुनौती बनाकर देखने के बजाय वह अपने प्रदर्शन पर भरोसा रखना चाहते हैं. गिल का रुख यह रहा कि खिलाड़ी को हर बार बयान से नहीं, बल्कि बल्ले से जवाब देना चाहिए. यही कारण है कि उन्होंने अपनी ऊर्जा अतीत की चर्चा में लगाने के बजाय आगामी आईपीएल पर केंद्रित रखी है.
रन मशीन के रूप में मजबूत हुई पहचान
शुभमन गिल का नाम अब आईपीएल के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में लिया जाने लगा है. पिछले कई सत्रों में उन्होंने जिस तरह निरंतर रन बनाए हैं, उसने उन्हें लीग के सबसे प्रभावशाली टॉप ऑर्डर खिलाड़ियों की सूची में मजबूती से खड़ा किया है. एक सीजन में 890 रन जैसी बड़ी उपलब्धि हासिल करना आसान नहीं होता, और उसके बाद भी उनका प्रदर्शन नीचे नहीं गिरा.
हाल के वर्षों में उनके बल्ले से लगातार बड़े स्कोर निकले हैं. एक सत्र में 650 रन और उससे पहले 426 रन बनाकर उन्होंने यह दिखाया कि वह सिर्फ एक चमकदार सीजन वाले खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबी रेस के बल्लेबाज हैं. यही निरंतरता उनके आत्मविश्वास की सबसे बड़ी वजह है. गिल का मानना है कि जब प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा हो, तब खुद को लेकर असुरक्षा की कोई गुंजाइश नहीं बचती.
गुजरात टाइटंस के लिए फिर ट्रॉफी की तैयारी
गिल ने अपनी टीम की संभावनाओं पर भी भरोसा जताया. उनका कहना है कि गुजरात टाइटंस के पास ऐसा संयोजन है जो पूरे टूर्नामेंट में मजबूत चुनौती पेश कर सकता है. उन्होंने टीम की एकजुटता, तैयारी और निरंतरता को सफलता की सबसे बड़ी शर्त बताया. कप्तान के तौर पर उनका लक्ष्य सिर्फ व्यक्तिगत रन बनाना नहीं, बल्कि टीम को खिताब की दौड़ में आगे रखना है.
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि टीम अगर पूरे टूर्नामेंट में योजनाओं के मुताबिक खेलती रही, तो ट्रॉफी दोबारा जीतना मुश्किल नहीं होगा. गुजरात टाइटंस पहले ही अपने शुरुआती वर्षों में खुद को एक मजबूत फ्रेंचाइजी के रूप में स्थापित कर चुकी है. ऐसे में इस बार भी टीम से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं. गिल चाहते हैं कि खिलाड़ी दबाव को बोझ की तरह नहीं, बल्कि अवसर की तरह लें.
कप्तानी में जिम्मेदारी और भरोसे का नया दौर
शुभमन गिल ने गुजरात टाइटंस की कमान उस समय संभाली थी जब टीम नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ. हार्दिक पंड्या के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आई और तभी से उन पर दोहरी चुनौती रही है. एक तरफ उन्हें अपनी बल्लेबाजी का स्तर ऊंचा रखना था, वहीं दूसरी तरफ पूरी टीम को दिशा भी देनी थी. अब वह इस भूमिका में पहले से ज्यादा सहज दिखाई दे रहे हैं.
गुजरात टाइटंस ने 2022 में लीग में कदम रखते ही खिताब जीतकर सबको चौंकाया था. उस सफर में गिल की मौजूदगी अहम रही और तब से वह इस टीम की पहचान का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं. बल्लेबाज के रूप में उनकी भूमिका जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही कप्तान के तौर पर उनकी सोच भी अब टीम की दिशा तय कर रही है. आईपीएल 2026 में गिल के सामने सिर्फ रन बनाने की नहीं, बल्कि गुजरात को फिर चैंपियन बनाने की भी बड़ी जिम्मेदारी है.
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