Ram Navami 2026: झारखंड की राजधानी में शुक्रवार को रामनवमी का पर्व पूरी आस्था, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा. शहर में सुबह से ही पूजा-पाठ, मंदिरों में दर्शन और दोपहर बाद विशाल शोभायात्राओं का माहौल देखने को मिलेगा. इस बार नवमी तिथि का संयोग ऐसा बना है कि सुबह का समय पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषीय दृष्टि से भी दिन को अत्यंत फलदायी बताया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ गया है. राजधानी के अलग-अलग इलाकों में धार्मिक आयोजन, जुलूस, भजन, सेवा शिविर और मंदिरों में विशेष कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं.
सुबह से शुरू होगा पूजन, दोपहर में मनाया जाएगा जन्मोत्सव
रामनवमी के मौके पर राजधानी के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी. भक्त भगवान श्रीराम के दर्शन, पूजा और अनुष्ठान के लिए बड़ी संख्या में पहुंचेंगे. दिन के मध्य भाग में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे. दोपहर के समय मंदिरों में जन्मोत्सव, मंगल ध्वनि, आरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रहेगा. इसके बाद मंदिर परिसरों को शोभायात्राओं के स्वागत और आगे की धार्मिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा.
दोपहर बाद शहर की सड़कों पर उतरेगी आस्था की भव्य तस्वीर
रामनवमी के अवसर पर राजधानी के कई इलाकों से भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जो शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए धार्मिक स्थलों तक पहुंचेंगी. बजरा, हेहल, पुंदाग, लोवाडीह, बांधगाड़ी, बड़गाई समेत कई क्षेत्रों से निकलने वाले जुलूस इस बार भी श्रद्धा और परंपरा का बड़ा प्रतीक बनेंगे. इन यात्राओं में शामिल अखाड़े पारंपरिक प्रदर्शन, धार्मिक झांकियां और जयकारों के साथ माहौल को भक्तिमय बना देंगे. शहर के प्रमुख मार्गों और ओवरब्रिज क्षेत्र से गुजरने वाली ये शोभायात्राएं श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी.
हजारों अखाड़ों की भागीदारी से बढ़ेगा आयोजन का विस्तार
इस बार रामनवमी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में अखाड़ों की भागीदारी रहने वाली है, जिससे आयोजन का स्वरूप और भव्य हो जाएगा. रांची, डोरंडा, नामकुम और एचईसी क्षेत्र से निकलने वाले अखाड़े अलग-अलग मार्गों से जुड़ते हुए मुख्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचेंगे. कई इलाकों से निकलने वाले जुलूस रास्ते में एक-दूसरे से जुड़ते हुए शहर को आस्था के रंग में रंग देंगे. डोरंडा, हिनू और आसपास के इलाकों की यात्राएं भी इस बार खास आकर्षण का हिस्सा होंगी. कुछ मार्गों पर राम-भरत मिलाप जैसे पारंपरिक दृश्य भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेंगे.
शहरभर में सेवा शिविर, स्वागत द्वार और भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था
रामनवमी को लेकर राजधानी में सिर्फ शोभायात्राएं ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और जुलूस मार्गों पर सेवा शिविर लगाए जाएंगे, जहां जल, प्रसाद और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. कई स्थानों पर स्वागत द्वार और भव्य अभिनंदन की भी तैयारी की गई है. शहीद चौक, अलबर्ट एक्का चौक, महात्मा गांधी चौक और ओवरब्रिज के आसपास का इलाका विशेष रूप से धार्मिक उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा. इससे पूरे शहर में त्योहार का माहौल और अधिक जीवंत दिखाई देगा.
मंदिरों से लेकर सड़कों तक छाएगी भक्ति की अनोखी छटा
पूरे दिन राजधानी में रामभक्ति का माहौल बना रहेगा. मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती, भजन और प्रसाद वितरण के साथ श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाएंगे. वहीं दोपहर बाद सड़कों पर निकलने वाली शोभायात्राएं शहर को उत्सव के रूप में बदल देंगी. धार्मिक अनुशासन, परंपरा और जनभागीदारी के कारण इस बार का आयोजन और भी खास माना जा रहा है. राजधानी में रामनवमी का यह पर्व आस्था, संस्कृति और सामूहिक उत्साह का बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है.
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