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Ranchi Railway Hospital: रांची मंडल रेल अस्पताल में मरीजों को बेहतर और तेज चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार विस्तार कार्य किया जा रहा है. डीआरएम करुणानिधि सिंह ने जानकारी दी कि अस्पताल में चरणबद्ध तरीके से नई मेडिकल सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. हाल ही में यहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और यूरोलॉजी जैसी महत्वपूर्ण स्पेशियलिटी यूनिट्स के साथ अल्ट्रासाउंड सेवा भी शुरू की गई है.
इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद इलाज की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है और मरीजों को अधिक विशेषज्ञ सेवाएं मिल रही हैं. अस्पताल में अब जांच और उपचार की प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम और तेज हो गई है, जिससे लाभार्थियों को राहत मिल रही है.
रेफरल मरीजों की संख्या में गिरावट
नई स्पेशियलिटी यूनिट्स और जांच सुविधाओं के शुरू होने का सीधा असर मरीजों के रेफरल पैटर्न पर पड़ा है. पहले हर महीने लगभग 50 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर के अस्पतालों में भेजा जाता था, लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 20 से 25 के बीच रह गई है. स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता से अधिकतर मरीजों का इलाज यहीं संभव हो पा रहा है.
35 हजार लाभार्थियों को राहत
रांची मंडल रेल अस्पताल केवल कार्यरत रेलकर्मियों ही नहीं बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों की भी सेवा करता है. वर्तमान में यहां करीब 7 हजार कार्यरत रेलकर्मी और लगभग 28 हजार पेंशनभोगी पंजीकृत हैं. नई स्वास्थ्य सुविधाओं के जुड़ने से कुल 35 हजार लाभार्थियों को एक ही स्थान पर बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है, जिससे उन्हें निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है.
24 घंटे एंबुलेंस और आपात सेवा
अस्पताल और हेल्थ यूनिट में अब 24 घंटे एंबुलेंस सेवा भी शुरू कर दी गई है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके. रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि आपात सेवाओं को और मजबूत किया जाए और रेफरल दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए. इस व्यवस्था से रांची रेल मंडल के कर्मचारियों और परिजनों को बड़ी सुविधा मिल रही है.
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