इस खबर में क्या है?
PM Modi In Parliament: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण में बराबरी की भूमिका देना ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि सांसदों के पास यह एक महत्वपूर्ण अवसर है और इसे गंवाना नहीं चाहिए. उनके अनुसार यह फैसला देश की राजनीति ही नहीं बल्कि उसकी दिशा और दशा भी तय करेगा. उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने की दिशा में यह एक सार्थक प्रयास है.
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, PM Modi says, "I'd also like to offer advice to those who think only in political terms. Ever since the discussion about women's reservations began in our country, and every election that followed, whoever… pic.twitter.com/KhvBYrlXLx
— ANI (@ANI) April 16, 2026
विधेयक का विरोध करने वालों पर चेतावनी
प्रधानमंत्री ने सभी दलों से महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसका विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. पीएम ने यह बात महिला आरक्षण अधिनियम, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान कही.
महिलाओं के अधिकार पर ऐतिहासिक टिप्पणी
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वालों को जनता ने कभी स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि समय के साथ ऐसे लोगों को राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. 2024 के चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तब स्थिति अलग थी क्योंकि इससे पहले सभी दलों ने मिलकर विधेयक पारित किया था. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इसमें राजनीति दिखती है, वे इतिहास पर नजर डालें.
परिसीमन पर स्पष्टता का भरोसा
परिसीमन विधेयक पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सीटों का अनुपात पहले जैसा ही रहेगा और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होगी.
नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ सिर्फ आर्थिक या बुनियादी ढांचे का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसमें सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश की 50 प्रतिशत आबादी को नीति-निर्माण में शामिल करना समय की जरूरत है.
देर से लागू हुआ लेकिन अब आगे बढ़ रहा कदम
पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विचार 25-30 साल पहले आया था और इसे पहले ही लागू होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि अब इसे एक मजबूत और परिपक्व चरण तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने इसे लोकतंत्र की एक प्राकृतिक प्रक्रिया बताया, जिसमें समय के साथ सुधार होते रहते हैं.
इसे भी पढ़ें-लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर घमासान, 3 विधेयकों ने बढ़ाई सियासी गर्मी
इसे भी पढ़ें-तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का तीखा विरोध, प्रस्तावित कानून की कॉपी जलाकर जताया आक्रोश
इसे भी पढ़ें-दिल्ली में दर्दनाक आग हादसा, रोहिणी में एक परिवार के 3 लोगों की मौत
इसे भी पढ़ें-दिल्ली में दर्दनाक आग हादसा, रोहिणी में एक परिवार के 3 लोगों की मौत
इसे भी पढ़ें-छत्तीसगढ़ के वेदांता प्लांट में बड़ा हादसा, बॉयलर ब्लास्ट से 10 श्रमिकों की मौत
इसे भी पढ़ें-Video : नोएडा में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, सैलरी बढ़ाने की मांग पर भड़का गुस्सा, पत्थरबाजी और तोड़फोड़

