इस खबर में क्या है?
Parliament Session : लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में बदलाव और परिसीमन से जुड़े तीन अहम विधेयकों की पेशकश के साथ ही संसद का माहौल बेहद गरम हो गया. सरकार इन विधेयकों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष ने इनके समय, उद्देश्य और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सदन के भीतर तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला, वहीं बाहर भी इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है. विशेष सत्र के पहले ही दिन साफ हो गया कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक केंद्र बनने वाला है.
207 Lok Sabha MPs vote for the introduction of the Constitution (One Hundred and Thirty-First Amendment) Bill, 2026. While 126 members voted against it. The Opposition members in the Lok Sabha had pressed for a division against the move to introduce the bill. pic.twitter.com/NMKwPrFd0q
— ANI (@ANI) April 16, 2026
विधेयकों की पेशकश के साथ बढ़ा विवाद
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और परिसीमन से संबंधित विधेयक को लोकसभा में प्रस्तुत किया. इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक सदन में रखा. 131वें संशोधन विधेयक को पेश करने के प्रस्ताव पर मतदान हुआ, जिसमें 251 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 185 सांसदों ने विरोध में वोट डाला.
VIDEO | Parliament Session: Law Minister Arjun Ram Meghwal moves to introduce bills to tweak women quota law, set up delimitation panel. Home Minister Amit Shah moves to introduce bill to implement proposed amended women quota law in UTs of Delhi, Puducherry, Jammu and Kashmir.… pic.twitter.com/PTeDvc1D9X
— Press Trust of India (@PTI_News) April 16, 2026
जैसे ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक पेश किया गया, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने इसका विरोध शुरू कर दिया. उनके विरोध के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. विपक्षी दलों ने इस कदम को जल्दबाजी में उठाया गया फैसला बताते हुए सरकार को घेरा.
VIDEO | Parliament Special Session: "Opposition will get ample time to speak on the bill, and we will give all answers," says Union Home Minister Amit Shah in Lok Sabha.
— Press Trust of India (@PTI_News) April 16, 2026
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/lMLpahcXd9
संघीय ढांचे पर सवाल, उद्देश्य पर उठी शंका
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक देश के संघीय ढांचे के खिलाफ है और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून पारित कर चुकी है, तो फिर इस तरह का नया प्रावधान लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी.
उनके इस बयान के बाद विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी समर्थन में आवाज उठाई और सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की. विपक्ष का कहना था कि इस तरह के बड़े बदलावों को बिना व्यापक सहमति और स्पष्ट प्रक्रिया के लागू करना उचित नहीं है.
सरकार का रुख साफ, हर सवाल का जवाब देने का भरोसा
गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए पूरा समय दिया जाएगा और सरकार किसी भी सवाल से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से जवाब दिया जाएगा और किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.
VIDEO | Speaking in Lok Sabha, Congress leader KC Venugopal said,
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"I object to the bill introduced by Union Ministers Arjun Ram Meghwal and Amit Shah. This bill is a fundamental attack on the Indian federal structure. What exactly is the intention of this bill? The parliament… pic.twitter.com/GkEG3XzqtP
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के अनुरूप नहीं है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि 2027 की जनगणना की तैयारियां चल रही हैं और सरकार ने जाति आधारित गणना कराने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य की नीतियों में स्पष्टता लाई जा सके.
Reservation based on religion is unconstitutional: HM Amit Shah in LS.
— Press Trust of India (@PTI_News) April 16, 2026
Census 2027 is on; we have decided to go for caste enumeration: HM Amit Shah hits back at Akhilesh Yadav in LS. pic.twitter.com/C93QlHgFtu
अखिलेश यादव का आरोप, जल्दबाजी में निर्णय
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के फैसले इतनी जल्दबाजी में नहीं किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार जनगणना से बचने की कोशिश कर रही है.
VIDEO | Delhi: “Why is the government in a hurry? we are in favour of Women's Reservation Bill; they don't want census because then we will demand caste reservation, you want to mislead,” says Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) in Lok Sabha.
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(Source: Third… pic.twitter.com/vltnMblyoY
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यदि जनगणना हो जाती है, तो उसके बाद जातिगत आरक्षण की मांग और तेज हो सकती है, जिससे सरकार बचना चाहती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है और सच्चाई को छिपाया जा रहा है.
सपा का स्पष्ट विरोध, जनगणना से जोड़ने की मांग
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इन तीनों विधेयकों का विरोध करती है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन को जनगणना से अलग करने की कोशिश की जा रही है, जो सही नहीं है.
उनके अनुसार, यदि जनगणना पूरी नहीं होती है और उसके आधार पर परिसीमन नहीं किया जाता, तो यह प्रक्रिया अधूरी और असंतुलित रहेगी. इसी वजह से उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकती.
राज्यसभा में कार्यवाही स्थगित, विपक्ष का बहिष्कार ऐलान
राज्यसभा में नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद और पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई तथा पार्श्व गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
VIDEO | Parliament Session: Speaking in Lok Sabha, Samajwadi Party MP Dharmendra Yadav says his party opposes all the three bills introduced by the government. He says bills on tweaking women quota law as delimitation is being de-linked from Census.#ParliamentSession… pic.twitter.com/nmMRf4Rwok
— Press Trust of India (@PTI_News) April 16, 2026
कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष राज्यसभा के उपसभापति चुनाव का बहिष्कार करेगा. इससे साफ संकेत मिला कि संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा टकराव का कारण बना रहेगा.
प्रधानमंत्री का संकेत, बड़े फैसले की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को मजबूत बनाने के अपने संकल्प को तेजी से आगे बढ़ा रही है.
उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में लिए जाने वाले निर्णय देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे और इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा.
STORY | Country all set to take historic step for women empowerment in special sitting of Parliament: PM Modi
— Press Trust of India (@PTI_News) April 16, 2026
Prime Minister Narendra Modi on Thursday asserted that his government is resolutely moving forward for empowerment of women in the three-day special sitting of… pic.twitter.com/vXG9W9EQMX
रिजिजू की अपील, अफवाहों से दूर रहने की बात
सत्र शुरू होने से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है और इस पहल को लंबे समय तक याद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि इन विधेयकों के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त होगा.
#WATCH | Delhi: On Women's Reservation Bill, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "I am very happy that today is a historic day… This bill is a historic piece of legislation which will forever be remembered that the Parliament of India has taken this historic… pic.twitter.com/e3Wq1kL10b
— ANI (@ANI) April 16, 2026
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि परिसीमन के नाम पर गलतफहमी न फैलाएं और खासकर दक्षिण भारत के लोगों को गुमराह न किया जाए. उन्होंने सभी दलों से इस मुद्दे पर सहयोग की अपेक्षा जताई.
दक्षिण भारत में विरोध, स्टालिन का तीखा रुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन विधेयक की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव दक्षिण भारत के राज्यों के हितों के खिलाफ जा सकता है.
Congress MP Hibi Eden gives notice to oppose the introduction of the proposed Delimitation Bill in the Lok Sabha during the special session of Parliament.
— ANI (@ANI) April 16, 2026
उनका आरोप था कि इस तरह के कदम से क्षेत्रीय संतुलन प्रभावित होगा और कुछ राज्यों के साथ अन्याय की स्थिति पैदा हो सकती है. इस बयान के बाद दक्षिण भारत में भी इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है.
मनीष तिवारी का सुझाव, अलग किया जाए आरक्षण
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान में 543 सीटों में से एक-तिहाई, यानी 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं.
#WATCH | Delhi | "This is not a women's reservation bill, this is a delimitation bill dressed up as a women's reservation bill, and that is the principal objection," says Congress MP Manish Tewari.
— ANI (@ANI) April 16, 2026
"I am the greatest supporter of women's reservation. The government should delink… pic.twitter.com/5w1OSJ15vY
उनके अनुसार, यदि दोनों प्रक्रियाओं को अलग-अलग रखा जाए, तो इससे ज्यादा स्पष्ट और संतुलित व्यवस्था बनाई जा सकती है. उन्होंने सरकार से इस दिशा में पुनर्विचार करने की मांग की.
तीन दिवसीय सत्र में होगा आगे का फैसला
सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें इन विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. सरकार इन्हें पारित कराने के पक्ष में है, जबकि विपक्ष लगातार इसका विरोध कर रहा है.
विपक्ष का कहना है कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी किए बिना इस तरह का फैसला जल्दबाजी होगा. ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे पर और तीखी बहस होने की संभावना है.
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