Bengal Election: कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो के दौरान हुए हंगामे का मामला अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है. इस घटना को लेकर अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं. अमित शाह, भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के सिलसिले में कोलकाता पहुंचे थे. भवानीपुर से नामांकन के लिए आयोजित इस रोड शो के दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. दक्षिण कोलकाता के कुछ हिस्सों में स्थिति बिगड़ गई और कालीघाट व हाजरा जैसे इलाकों में अशांति देखने को मिली. इस दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी भी हुई.
अलीपुर और कालीघाट थाने में दर्ज हुए मामले
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को हुई इस घटना के संबंध में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें से दो मामले अलीपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए हैं. एक प्राथमिकी चुनाव आयोग की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जिसमें चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला शामिल है.
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दूसरा मामला पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर दर्ज किया है. इसके अलावा एक और प्राथमिकी कालीघाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है. यह मामला भी पुलिस की ओर से स्वतः संज्ञान के आधार पर दर्ज किया गया है.
दोनों दलों की ओर से भी शिकायतें
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तृणमूल और भाजपा दोनों पक्षों ने अलीपुर और कालीघाट थानों में अलग-अलग शिकायतें दी हैं. इन शिकायतों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आगे भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है.
तृणमूल ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
तृणमूल प्रवक्ता रिजु दत्ता ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निकम्मा चुनाव आयुक्त पहले लोगों के नाम हटाएगा. फिर भाजपा के इशारे पर बिहार और उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को फॉर्म 6 भरवाकर मतदान करने दिया जाएगा. कानून व्यवस्था विभाग के सभी शीर्ष अधिकारियों को बदल दिया जाएगा. फिर जब लोग विरोध करेंगे, तो तृणमूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.
भाजपा ने भी दिया जवाब
वहीं भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि लोग अब तृणमूल के साथ नहीं हैं. लोग अब भाजपा के साथ हैं.
बयानबाजी से और गरमाई सियासत
घटना के बाद दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं. तृणमूल की ओर से चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए, जबकि भाजपा की तरफ से दावा किया गया कि जनता का समर्थन अब बदल रहा है और उसका असर सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है.
रोड शो के दौरान हुई अव्यवस्था अब केवल एक कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह बंगाल चुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है. आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं.
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