Attack on BLO in Bengal : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़ा सरकारी काम उस समय विवाद में आ गया, जब चंचल थाना क्षेत्र में एक बीएलओ के साथ मारपीट की घटना सामने आई. खरबा ग्राम पंचायत इलाके में तैनात बीएलओ अनीसुर रहमान पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला किया. आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और कॉलर पकड़कर खींचा गया. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की. घटना से पूरे इलाके में तनाव फैल गया. पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा.
बचाने आए भांजे पर भी हमला
बीएलओ पर हमले के दौरान जब उनका भांजा बीच-बचाव के लिए आगे आया, तो हमलावरों ने उसे भी निशाना बनाया. आरोप है कि उसके सिर पर पत्थर से वार किया गया. हमले में युवक के सिर में गंभीर चोट आई. घायल की पहचान नूरुल इस्लाम के रूप में हुई है. उसे तुरंत चंचल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. घटना के बाद लोगों में नाराजगी देखी गई.
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पूर्व पंचायत सदस्य सहित कई नामजद
बीएलओ की शिकायत के आधार पर चंचल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. शिकायत में कांग्रेस की पूर्व पंचायत सदस्य सजेदा बेवा का नाम सामने आया है. उनके साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है. प्राथमिकी में सजेदा बेवा, उनके भाई रबीउल इस्लाम, पति हुसैन अली और मेहदी हुसैन के नाम शामिल हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है. आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी.
नोटिस को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना शनिवार को चंचल थाना क्षेत्र के अंतर्गत बूथ नंबर 193 पर हुई. बीएलओ उस समय SIR से संबंधित कार्य कर रहे थे. एक परिवार की ओर से सुनवाई से जुड़ा नोटिस मांगा गया था. बीएलओ का कहना है कि संबंधित व्यक्ति उस क्षेत्र का निवासी नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया था कि नोटिस सही व्यक्ति को ही दिया जाएगा. इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई. बाद में मामला हिंसक झड़प में बदल गया.
तृणमूल कांग्रेस ने जताई नाराजगी
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इस हमले की निंदा की है. चंचल तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष शेख अफसर अली ने बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य में लगे बीएलओ पर हमला गंभीर मामला है. पार्टी ने पीड़ित बीएलओ के साथ खड़े होने की बात कही है. तृणमूल नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पार्टी की ओर से पुलिस को सख्त कदम उठाने को कहा गया है.
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कांग्रेस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
कांग्रेस ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. कांग्रेस के अनुसार यह गांव के अंदरूनी विवाद से जुड़ा मामला है. पार्टी का दावा है कि पूर्व सदस्यों की सूची लगाने को लेकर विवाद हुआ था. नेताओं ने कहा कि यह सड़क से जुड़े विवाद का नतीजा है. कांग्रेस ने बीएलओ पर लगे आरोपों को गलत बताया. पार्टी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.
जांच जारी, राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना के सामने आने के बाद मालदा जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. पुलिस ने कहा है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.
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