Bakhtiyarpur-Tajpur Bridge: गंगा नदी पर बन रहे बख्तियारपुर-ताजपुर फोर लेन पुल के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार परियोजना का काम इस वर्ष दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह पुल तैयार होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को काफी आसान बनाएगा.
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की समीक्षा
शनिवार को मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुल के साथ-साथ पहुंच मार्ग का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे चालू किया जा सके.
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कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
यह पुल तैयार होने के बाद क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय की ओर जाने वाली गाड़ियों के लिए यह एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगा.
इसके अलावा गंगा पर बने Mahatma Gandhi Setu और Rajendra Setu पर पड़ने वाले वाहनों के दबाव में भी कमी आने की संभावना है. पुल के चालू होने से लोगों को पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों तक पहुंचने में कम समय लगेगा.
इतनी है परियोजना की कुल लंबाई
बख्तियारपुर के करजान क्षेत्र से शुरू होकर समस्तीपुर जिले के ताजपुर तक जाने वाली यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ती है. पुल और पहुंच मार्ग की कुल लंबाई लगभग 51.26 किलोमीटर है. इसमें गंगा नदी पर बनने वाले मुख्य पुल की लंबाई करीब 5.51 किलोमीटर है, जबकि शेष 45.75 किलोमीटर हिस्सा पहुंच मार्ग का है.
बख्तियारपुर में रेलवे ओवरब्रिज भी बन रहा
पुल परियोजना के साथ बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी चल रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह आरओबी मार्च के आसपास तैयार होने की संभावना है.
यह पुल NH-30 और SH-106 को आपस में जोड़ेगा. इसके बनने से पटना-बख्तियारपुर पुराने मार्ग और नए फोर लेन मार्ग के बीच संपर्क बेहतर होगा. साथ ही आसपास के क्षेत्रों और इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंच भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी.
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