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Bhagalpur News: आपदा से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से भागलपुर जिला प्रशासन ने अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब प्राकृतिक और अन्य प्रकार की आपदाओं में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि की मंजूरी का अधिकार अनुमंडल पदाधिकारियों से हटाकर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) को सौंप दिया गया है. इस कदम का मकसद सहायता वितरण में हो रही देरी को खत्म करना है.
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नई व्यवस्था लागू, प्रक्रिया होगी तेज
यह निर्णय बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों और संबंधित कानून के प्रावधानों के तहत लिया गया है. जिला दंडाधिकारी, जो आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और इंसीडेंट कमांडर होते हैं, ने अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह बदलाव लागू किया है. प्रशासन का मानना है कि इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.
पहले क्यों हो रही थी देरी
अब तक अनुग्रह अनुदान से जुड़े मामलों की स्वीकृति अनुमंडल पदाधिकारियों के स्तर पर होती थी. लेकिन उनके पास विकास कार्य, कानून-व्यवस्था और न्यायिक जिम्मेदारियों का अधिक बोझ होने के कारण इन मामलों में देरी हो रही थी, जिससे पीड़ित परिवारों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही थी.
अब सीधे भेजे जाएंगे दस्तावेज
नई व्यवस्था के तहत सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनुग्रह अनुदान से जुड़े मूल दस्तावेज सीधे अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) को उपलब्ध कराएं. इससे प्रक्रिया अधिक सरल और तेज बनेगी, साथ ही लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सकेगी.
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