Bhagalpur News: भागलपुर को बिहार सरकार की पशुपालन विकास योजना के तहत बड़ी सौगात मिलने जा रही है. जिले में जल्द ही 500 पशुओं की क्षमता वाला हीफर स्टेशन और कृत्रिम गर्भाधान (AI) केंद्र स्थापित किया जाएगा. जिला प्रशासन ने इसके लिए 20 से 30 एकड़ जमीन खोजने की प्रक्रिया तेज कर दी है.
जिलाधिकारी के निर्देश पर वरीय उप समाहर्ता (जिला विकास शाखा) ने अपर समाहर्ता और भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं (सदर, कहलगांव और नवगछिया) को पत्र भेजकर जल्द से जल्द जमीन चिन्हित करने के आदेश दिए हैं. सदर अनुमंडल के गोराडीह अंचल को प्राथमिकता दी गई है और अधिकारियों को एक सप्ताह में भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि परियोजना समय पर शुरू की जा सके.
हीफर स्टेशन क्या है
हीफर उन मादा बछियाओं को कहा जाता है, जिन्होंने अभी तक कोई बच्चा जन्म नहीं दिया है. हीफर स्टेशन एक आधुनिक केंद्र होता है, जहां उच्च नस्ल की बछियाओं को वैज्ञानिक तरीके से पाला और प्रशिक्षित किया जाता है.
- यहां उनका खान-पान और स्वास्थ्य विशेष ध्यान से देखा जाता है.
- समय पर टीकाकरण और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
- यह केंद्र किसानों को आधुनिक पशुपालन तकनीकें सीखने का अवसर भी देता है.
कृत्रिम गर्भाधान केंद्र क्या है
कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) केंद्र के माध्यम से स्थानीय गायों में उच्च गुणवत्ता वाले सांडों के सीमेन का उपयोग कर नस्ल सुधारी जाती है.
- इससे अगली पीढ़ी की गायों की दूध देने की क्षमता बढ़ती है.
- प्राकृतिक गर्भाधान में होने वाले संक्रमण और बीमारियों का खतरा समाप्त हो जाता है.
- किसानों को स्वस्थ और उच्च उत्पादक गायों की सुविधा मिलती है.
किसानों को होगा लाभ
भागलपुर और आसपास के जिलों के पशुपालकों के लिए यह केंद्र मील का पत्थर साबित होगा.
- उच्च नस्ल की गायों की उपलब्धता बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी.
- गोराडीह जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे.
- केंद्र स्थानीय किसानों के लिए आधुनिक पशुपालन का मॉडल भी बनेगा.
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