Bhagalpur News : भागलपुर नगर क्षेत्र में गंगा तट के किनारे बूढ़ानाथ से लेकर बरारी तक चल रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट (STP) को अब नई गति मिलने वाली है. लंबे समय से अटके पांच पंपिंग स्टेशनों के निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है. बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) ने वन्यप्राणी क्लीयरेंस के लिए 8 करोड़ 26 लाख 58 हजार रुपये की राशि वन विभाग को जमा कर दी है. यह रकम कैंपा फंड के तहत ‘वाइल्डलाइफ मिटिगेशन मेजर’ के लिए बतौर अतिरिक्त शुल्क दी गई है.
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 10 पंपिंग स्टेशन बनाए जाने हैं. इनमें से पांच का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष पांच स्टेशनों का काम गंगा किनारे स्थित होने की वजह से रुका हुआ था. वन विभाग ने बिना वन्यप्राणी क्लीयरेंस के निर्माण पर रोक लगा दी थी. अब निर्धारित राशि के भुगतान के बाद विभाग से मंजूरी मिलने का रास्ता खुल गया है.
एनओसी जारी होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य
बुडको अधिकारियों ने बताया कि राशि जमा करने के बाद अब वन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. बुडको की ओर से चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है और संबंधित दस्तावेज व भुगतान विवरण विभाग को भेज दिए गए हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग के एमडी स्तर से भी इस मामले पर पहल की जा रही है ताकि जल्द से जल्द एनओसी जारी हो सके. मंजूरी मिलते ही गंगा किनारे के शेष पांच पंपिंग स्टेशनों का निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा.
कहलगांव STP को भी मिली राहत
कहलगांव में भी सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट का कार्य क्लीयरेंस के अभाव में रुका हुआ था. अब बुडको ने वहां के लिए भी 98.40 लाख रुपये वन विभाग को जमा कर दिए हैं. राशि जमा होने के बाद अब केवल एनओसी जारी होने की औपचारिकता बाकी है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा.
बोलेआधिकारिक
“भागलपुर और कहलगांव, दोनों स्थानों के लिए वन्यप्राणी क्लीयरेंस की राशि जमा कर दी गई है. एनओसी मिलने के बाद शेष निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा. इस संबंध में वन विभाग से सकारात्मक बातचीत चल रही है.”
— अखिलेश प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, बुडको, भागलपुर.
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