Budget 2026 : 01 फरवरी, 2026 रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 संसद में पेश किया. इस बजट में आम आयकरदाताओं के लिए कोई बड़ी छूट या बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और घरेलू खर्चों को लेकर कुछ अहम राहतें दी गई हैं. कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों की कीमतों में कमी की घोषणा इसके प्रमुख आकर्षणों में रही. बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि ‘सुधार एक्सप्रेस’ अपनी तय गति से आगे बढ़ रही है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा कर्तव्य है कि हर परिवार, हर समुदाय और हर वर्ग तक संसाधन, सुविधाएं और अवसर पहुंचें.”
विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि श्रम संहिता, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश और एसटी में सुधार जैसी कई पहलों को पहले ही 15 अगस्त से लागू कर दिया गया है. उन्होंने सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा, “सरकार का कर्तव्य केवल आर्थिक वृद्धि करना नहीं है, बल्कि इसे बनाए रखना और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना भी है. हमारी कोशिश है कि गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए.”
तीन कर्तव्य, तीन लक्ष्य
सीतारमण ने बजट में सरकार के तीन प्रमुख ‘कर्तव्य’ भी बताए, जिनसे न केवल अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी, बल्कि गरीब और पिछड़े वर्गों की स्थिति भी मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि यह पहला बजट है जिसे कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है और इसे सरकार के संकल्प के अनुरूप बनाया गया है.
पहला कर्तव्य: उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर और वैश्विक आर्थिक अस्थिरताओं के प्रति लचीलापन रखते हुए आर्थिक वृद्धि को तेज करना और उसे स्थायी बनाना.
दूसरा कर्तव्य: नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का विकास करना, ताकि वे भारत की प्रगति और समृद्धि में सक्रिय भागीदार बन सकें.
तीसरा कर्तव्य: ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विज़न के अनुरूप यह सुनिश्चित करना कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधनों तक पहुंच प्राप्त हो.
क्या सस्ता, क्या महंगा देखिए पूरी लिस्ट
| क्या सस्ता | क्या महंगा |
|---|---|
| कैंसर, शुगर से जुड़ी दवाइयां | खनिज |
| सोलर एनर्जी से जुड़ी चीजें | स्क्रैप |
| चमड़ा और कपड़ा निर्यात | शराब |
| जूते, बैट्री | वायदा कारोबार करना |
| माइक्रोवेव ओवन | – |
| रक्षा क्षेत्र में बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट | – |
विदेश में पढ़ाई और पैसा भेजना हुआ आसान
सरकार ने विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत बढ़ाई है. पहले एजुकेशन लोन लेकर विदेश भेजते समय TCS देना पड़ता था. अब मान्यता प्राप्त बैंक या संस्थान से लिए गए लोन पर यह TCS नहीं लगेगा. इससे विदेशी शिक्षा का खर्च थोड़ा कम हुआ है.
साथ ही, LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) के तहत टैक्स-फ्री राशि की सीमा भी ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है. इसका मतलब है कि परिवार अब अपने बच्चों की विदेश पढ़ाई, इलाज या अन्य आवश्यक खर्चों के लिए अधिक पैसा बिना किसी अतिरिक्त टैक्स कटौती के भेज सकते हैं. इसका मकसद मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ने वाले अचानक वित्तीय बोझ को कम करना और छात्रों के लिए ग्लोबल एजुकेशन के अवसर आसान बनाना है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत – दवाइयां सस्ती होंगी
बजट में ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना की शुरुआत की घोषणा की गई है. इसके तहत अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा. इस पहल से विशेषकर शुगर (डायबिटीज) और कैंसर जैसी बीमारियों की जरूरी दवाओं की कीमतें कम होने की उम्मीद है. इससे मरीजों और उनके परिवारों पर इलाज का खर्च कम होगा और जरूरी उपचार करवाना आसान होगा.
खेलकूद और घरेलू सामान में राहत
‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को अब और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा. इसके तहत 10,000 करोड़ रुपये SMEs को आवंटित किए गए हैं, जिससे बैट, बॉल और फिटनेस गियर जैसे खेलकूद के सामान सस्ते होंगे. इससे खेलकूद में निवेश बढ़ेगा और बाजार में इन उत्पादों की बिक्री में भी तेजी आएगी.
मछुआरों और समुद्री उद्योग को बढ़ावा
अब भारत के जहाजों द्वारा EEZ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में पकड़ी गई मछलियों पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी. इससे समुद्री मत्स्य उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और मछुआरों की आय में सुधार होगा. इसके परिणामस्वरूप समुद्री खाद्य सामग्री के दामों में भी थोड़ी कमी आ सकती है.
चमड़ा उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहारा
चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ आवश्यक कच्चे माल और उत्पादों के आयात पर कस्टम ड्यूटी मुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे जूते, बेल्ट और बैग जैसी भारतीय लेदर वस्तुएं सस्ती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगी.
लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी छूट जारी रखी गई है. इससे भारत में बैटरी निर्माण बढ़ेगा और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है. इसके साथ ही मोबाइल फोन और टैबलेट्स भी सस्ते होने की संभावना है.
किसानों और सहकारी समितियों के लिए राहत
कपास के बीज और पशु चारा सप्लाई करने वाले सहकारी समितियों को मिलने वाली टैक्स छूट बढ़ा दी गई है. इसका उद्देश्य किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों को आर्थिक सहारा देना है.
टैक्स विवादों में राहत
यदि कोई करदाता पेनल्टी के खिलाफ पहली अपील प्राधिकरण (First Appellate Authority) के पास अपील करता है, तो सुनवाई के दौरान पेनल्टी पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. इससे कर विवादों में लोगों पर तत्काल वित्तीय दबाव कम होगा.
अन्य राहतें और महंगाई
माइक्रोवेव, सोलर पैनल और इम्पोर्टेड लकड़ी के सामान सस्ते होंगे. इसके अलावा 17 दवाइयों और 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज की दवाओं के आयात पर कीमत में कमी आएगी.
वहीं, शराब, सिगरेट और पान मसाला जैसे उत्पाद महंगे होंगे. इससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ सकता है.
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