Bhagalpur News : भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में प्राथमिकता सूची वाले लंबित कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के सभी कार्यालय प्रधान, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी उपस्थित रहे.
प्रखंड स्तर पर समन्वय बैठक और कमजोर प्रखंडों पर विशेष फोकस
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कैबिनेट के निर्णय के आलोक में प्रखंड स्तर पर महीने में कम से कम दो बार समन्वय बैठक आयोजित की जानी चाहिए. यदि दो विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी कोई समस्या हो तो उसका समाधान जिला स्तर के पदाधिकारी करेंगे.
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों के प्रदर्शन में सबसे नीचे रहने वाले तीन प्रखंडों का चयन करे, वहां स्वयं भ्रमण कर समीक्षा करे और निरंतर प्रयास से स्थिति में सुधार लाए.
किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय उद्योग पर निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि किसान सम्मान निधि और ई-केवाईसी के लिए 6 से 9 जनवरी तक विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. सरकार द्वारा इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, इसलिए समय पर कार्य निष्पादन अनिवार्य है.
उन्होंने अंचलाधिकारियों के दाखिल-खारिज और परिमार्जन कार्यों की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि अपने-अपने अंचल की शिकायतों का अलग फोल्डर बनाकर ऐसा तंत्र विकसित करें, जिससे शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालय न आना पड़े.
जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षकों के अनुशासन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. वहीं अनुमंडल पदाधिकारियों से कहा गया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि एनआईसीयू एवं पीआईसीयू के बेड खाली न रहें.
जहां सर्जन पदस्थापित हैं वहां ऑपरेशन नहीं होने की स्थिति की समीक्षा सिविल सर्जन करेंगे. साथ ही आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं के कार्यों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया.
जिलाधिकारी ने छोटे और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि भागलपुर में आटा, चावल सहित स्थानीय उत्पादों तथा जीविका के माध्यम से बनाए जा रहे आम, मक्का, जूस, फूल और बेलपत्र जैसे उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए. इसके लिए जीएमडीआईसीटी को बैठक कर स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास करने का निर्देश दिया गया.
प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में कम से कम तीन खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण करने और वहां मौजूद किसानों से फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया. साथ ही जियो-टैग्ड उत्पादों को निर्यात तक ले जाने पर जोर देते हुए जर्दालू आम और सिल्क को बढ़ावा देने की बात कही गई.
पर्यटन विकास को लेकर जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रखंड विकास पदाधिकारी को अपने प्रखंड के एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल का चयन कर उसके विकास के लिए समिति गठन का निर्देश दिया. वहां साफ-सफाई, चप्पल-जूता रखने की व्यवस्था, सीसीटीवी और स्थल की जानकारी देने के लिए उचित स्क्रिप्ट तैयार करने को कहा गया.
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
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