Jharkhand Treasury Scam: रांची में ट्रेजरी से जुड़ी अनियमित निकासी के मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच का निर्णय लिया है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मामले की गहराई से पड़ताल के लिए दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी. एक ओर वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अगुवाई में उच्च स्तरीय समिति बनाई जा रही है, जिसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है. वहीं दूसरी ओर, आपराधिक एंगल की जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को दी गई है.
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तीन जिलों में वेतन मद पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी में हजारीबाग, बोकारो और रांची जिलों में वेतन मद के जरिए बड़ी राशि की निकासी पर सवाल खड़े हुए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि नियमों को नजरअंदाज कर धन निकाले जाने की आशंका है. गठित की जा रही कमेटी यह जांच करेगी कि प्रक्रिया में कहां चूक हुई और किन स्तरों पर मिलीभगत संभव है. वहीं, सीआईडी इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर पूरे नेटवर्क को सामने लाने का काम करेगी.
पूरे राज्य के कोषागार जांच के दायरे में
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं रहेगी. राज्य के सभी 33 कोषागारों की ऑडिट प्रक्रिया कराई जाएगी. विभागीय पोर्टल के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है और हर ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जा रही है. यदि किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित जगह पर तुरंत कार्रवाई के लिए टीम भेजी जाएगी.
रिपोर्ट के बाद सख्त कदम तय
सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी. जांच पूरी होने के बाद जिन अधिकारियों या कर्मियों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. सरकार इस कदम के जरिए स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में लापरवाही या अनियमितता को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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