Bihar News : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत गुरुवार को माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य भर की 10 लाख महिला लाभुकों को 10-10 हजार रुपये की दर से कुल 1,000 करोड़ रुपये की राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया गया. इस ऐतिहासिक योजना में भागलपुर जिले की 10 हजार से अधिक महिलाएँ भी शामिल रहीं जिन्हें आज राशि प्राप्त हुई.
भागलपुर जिले में अब तक 4,28,086 महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है, जिनके बैंक खातों में कुल 428.086 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया जा चुका है. आज आयोजित विशेष कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक अतिरिक्त महिलाओं को शामिल करते हुए 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया.
लाइव प्रसारण के साथ पूरे जिले में उत्साह, बड़ी संख्या में पहुंची जीविका दीदी
अंतरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण जिला मुख्यालय के समीक्षा भवन, सभी प्रखंड मुख्यालयों तथा जीविका संकुल संघों में किया गया. समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह की उपस्थिति रही. कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी और भारी संख्या में जीविका दीदी शामिल हुईं.
लाइव कार्यक्रम के दौरान भागलपुर की फूलन कुमारी (ओम जीविका सहायता समूह) ने मुख्यमंत्री को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया और बताया कि इससे ग्रामीण महिलाओं को नए रोजगार अवसर और उद्यमिता की राह मिली है.
35,478 स्वयं सहायता समूह — 4,30,985 महिलाएं जुड़ीं
भागलपुर जिले में अब तक 35,478 स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं और 4,30,985 महिलाएँ इन समूहों से जुड़ चुकी हैं. सिर्फ पिछले दो महीनों में 1 लाख से अधिक नई महिलाएँ जीविका समूह से जुड़ीं और 7,000 से अधिक नए समूहों का गठन हुआ है.
योजना की वजह से ग्रामीण महिलाओं में समूह से जुड़ने और स्वावलंबन की भावना तेजी से बढ़ी है.
क्या है मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना?
यह बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है जिसकी शुरुआत 29 अगस्त 2025 को की गई. योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यम शुरू करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिससे वे स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन सकें.
जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़े प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को 10,000 रुपये डीबीटी द्वारा सीधे बैंक खाते में दिए जा रहे हैं ताकि महिलाएँ घर की आय में वृद्धि कर सकें और नए रोजगार की ओर कदम बढ़ा सकें.
योजना के प्रमुख उद्देश्य
✔ महिलाओं को उद्यम एवं स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहारा देना.
✔ ग्रामीण क्षेत्रों में महिला आर्थिक मजबूती को प्रोत्साहन.
✔ सामाजिक-आर्थिक स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा.
✔ प्रत्येक पात्र लाभुक महिला तक योजना की पहुंच सुनिश्चित करना.
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