BJP Manifesto for Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भाजपा अब अपने चुनावी एजेंडे को खुलकर सामने लाने जा रही है. पार्टी का घोषणा पत्र शुक्रवार को जारी किया जाएगा, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता के न्यूटाउन स्थित नोवोटेल होटल में लॉन्च करेंगे. शाह के इस दौरे को भाजपा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी बंगाल में चुनावी लड़ाई को निर्णायक मोड़ देने की कोशिश में जुटी है.
घोषणा पत्र जारी करने के साथ ही अमित शाह राज्य में कई बड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. 10 अप्रैल को खड़गपुर में उनका भव्य रोड शो प्रस्तावित है, जबकि 11 अप्रैल को बांकुड़ा के ओंडा विधानसभा क्षेत्र में वह एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे.
संकल्प पत्र में दिख सकती हैं मोदी की 6 गारंटी
अमित शाह के दौरे से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को बंगाल में तीन-तीन मेगा रैलियों को संबोधित कर चुनावी माहौल को और गरमा दिया. इन रैलियों के दौरान उन्होंने राज्य की जनता के सामने 6 बड़ी गारंटियों का जिक्र किया. माना जा रहा है कि भाजपा इन्हीं वादों को अपने संकल्प पत्र का अहम हिस्सा बना सकती है.
पार्टी जिन मुद्दों को प्रमुखता दे सकती है, उनमें भयमुक्त बंगाल का वादा, सरकारी सिस्टम की जवाबदेही तय करना, भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़ी फाइलों को खोलना, भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को जेल भेजना, टीएमसी से जुड़े कथित गुंडों पर कार्रवाई और सातवां वेतन आयोग लागू करने जैसे बिंदु शामिल हो सकते हैं. भाजपा इस चुनाव में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही को बड़ा चुनावी हथियार बनाने की तैयारी में दिख रही है.
इस बार रणनीति बदली, सरकार की नाकामी पर फोकस
भाजपा ने इस चुनाव में अपनी रणनीति में एक अहम बदलाव किया है. पार्टी इस बार सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर सीधे हमले से बचती नजर आ रही है. इसके बजाय उसका फोकस टीएमसी सरकार की कार्यशैली और उसकी कथित नाकामियों पर केंद्रित है. भाजपा कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार को चुनावी बहस के केंद्र में लाना चाहती है.
पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों के जरिए वह मतदाताओं तक ज्यादा प्रभावी ढंग से पहुंच सकती है और सरकार के खिलाफ माहौल को अपने पक्ष में मोड़ सकती है.
दो चरण में मतदान, 4 मई को आएगा नतीजा
पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराया जाएगा. राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि सभी 294 सीटों की मतगणना 4 मई को की जाएगी. इसी दिन यह साफ हो जाएगा कि बंगाल की सत्ता पर अगला कब्जा किसका होगा. भाजपा इस चुनाव को लेकर पूरी ताकत झोंक चुकी है.
पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री लगातार बंगाल पहुंच रहे हैं. साफ है कि भाजपा इस बार बंगाल चुनाव 2026 को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानते हुए कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है.
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