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Sarkari Naukri: पैरामेडिकल कैडर में 752 पदों पर भर्ती, 30 अगस्त तक करें आवेदन

NEET PG (प्रतीकात्मक तस्वीर)
NEET PG (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Sarkari Naukri: मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पैरामेडिकल कैडर में 752 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसमें फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, फार्मासिस्ट, नेत्र सहायक और ओटी टेक्नीशियन जैसे कई पद शामिल हैं. आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 तय की गई है. स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर है.

कितने पद और किन-किन प्रोफाइल पर भर्ती

इस भर्ती अभियान के अंतर्गत कुल 752 रिक्तियों पर नियुक्ति की जाएगी. इसमें फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, फार्मासिस्ट ग्रेड-2, नेत्र सहायक और ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन जैसे अहम पद शामिल किए गए हैं.
आवेदन प्रक्रिया कब तक?

इच्छुक अभ्यर्थी 30 अगस्त 2025 तक आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in

क्यों महत्वपूर्ण है यह भर्ती?

राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका बेहद अहम होती है. डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ मिलकर पैरामेडिकल टीम मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराती है. इस भर्ती से न केवल युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी.

योग्यता और शैक्षिक मानदंड

  • हर पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं तय की गई हैं.
  • फार्मासिस्ट ग्रेड-2: डिप्लोमा इन फार्मेसी आवश्यक.
  • फिजियोथेरेपिस्ट और काउंसलर: स्नातक स्तर की डिग्री जरूरी.
  • अन्य पदों के लिए भी संबंधित क्षेत्र में डिग्री/डिप्लोमा तथा पंजीयन (Registration) अनिवार्य है.

तैयारी कैसे करें?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परीक्षा में सफलता के लिए उम्मीदवारों को विषय की गहरी समझ, प्रैक्टिकल स्किल और नियमित अभ्यास पर जोर देना चाहिए. बेहतर रणनीति और आत्मअनुशासन से सफलता की संभावना बढ़ जाती है.

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झारखंड हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के 4 अफसरों पर 25-25 हजार का लगाया जुर्माना

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Jharkhand High Court

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अवमानना मामले में जुर्माना लगाया है. आदेशपाल से तृतीय श्रेणी का कार्य कराए जाने पर वेतन भुगतान को लेकर दायर याचिका की सुनवाई में अदालत ने विभाग की लापरवाही को गंभीर माना. अदालत ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी जानबूझकर आदेश की अवमानना कर रहे हैं.

इसके बाद प्रधान सचिव प्रशांत कुमार, मुख्य अभियंता जमील अख्तर, अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार और कार्यपालक अभियंता रंजीत कुजूर पर 25-25 हजार रुपये का दंड लगाया गया. यह राशि एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी, तभी उन्हें अगली तारीख पर व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत मिलेगी. भुगतान न करने की स्थिति में 12 सितंबर को सुबह 10:30 बजे उन्हें अदालत में पेश होना होगा.

ड्रेस कोड पर भी अदालत की नाराजगी

सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिकारियों के पहनावे पर भी आपत्ति जताई. जस्टिस द्विवेदी ने कहा कि अफसर कैजुअल ड्रेस में कोर्ट पहुंचे थे, जो अस्वीकार्य है. अदालत ने साफ किया कि आगे से सभी अधिकारी उचित ड्रेस कोड का पालन करते हुए ही पेश होंगे.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. शीर्ष अदालत ने 19 मार्च 2025 को राज्य सरकार को चार सप्ताह में वेतन भुगतान का आदेश दिया था. इसके बावजूद विभाग ने टालमटोल करते हुए आदेश की अनुपालना नहीं की. जबकि प्रार्थी लखन प्रसाद यादव को प्रधान सचिव ने लिखित आश्वासन भी दिया था कि उन्हें तृतीय श्रेणी में कराए गए कार्य का वेतन मिलेगा. इसके बावजूद देरी हुई, जिससे हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पैरवी की.

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जानें, क्या है पूरा मामला?

लखन प्रसाद यादव जल संसाधन विभाग में आदेशपाल के पद पर कार्यरत थे. विभाग ने उनसे तृतीय श्रेणी का काम कराया, लेकिन उस अनुरूप वेतन नहीं दिया. उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर एकल पीठ ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. राज्य सरकार ने इसे चुनौती दी, मगर अपील खारिज हो गई. बाद में सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन वहां भी एसएलपी खारिज कर दी गई.

सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह में भुगतान करने का आदेश दिया था. विभाग की ढिलाई से मामला अवमानना तक पहुंचा. अंततः 11,87,230 रुपये का भुगतान हुआ, मगर कोर्ट ने देरी और आदेश उल्लंघन को गंभीर मानते हुए चार अधिकारियों पर जुर्माना ठोक दिया.

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चार अफसरों पर आदेश अवमानना के लिए 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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ट्रंप टैरिफ की पृष्ठभूमि में इंडिया के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है PM Modi का जापान दौरा

PM Modi का जापान दौरा
PM Modi का जापान दौरा

PM Modi in Japan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 और 30 अगस्त 2025 को जापान पहुंचे. यह उनका आठवां जापान दौरा है. शुक्रवार को उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ पहली बार शिखर वार्ता की. व्यापारिक अनिश्चितताओं और ट्रंप प्रशासन की नीतियों के बीच यह यात्रा भारत के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है. दोनों नेताओं ने अगले दस वर्षों के लिए साझा रोडमैप तैयार किया, जिसके तहत जापान ने भारत में 10 हजार अरब येन के निवेश का संकल्प लिया है. रणनीतिक खनिज, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है.

अगले दशक के लिए साझा रणनीति

वार्ता के बाद दोनों देशों ने “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” को और व्यापक करने की घोषणा की. पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में जापान से भारत में बड़े स्तर पर निवेश आएगा और इसका ढांचा निवेश, नवाचार तथा आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित होगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत और जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे. रक्षा उद्योग और टेक्नोलॉजी सहयोग पर भी नई पहलें तय की गईं.

विश्वास की नींव पर खड़ी साझेदारी

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मोदी ने कहा कि आतंकवाद, साइबर खतरे और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों की चिंताएं एक जैसी हैं. उनके मुताबिक भारत-जापान साझेदारी आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर आधारित है. वहीं जापानी पीएम इशिबा ने कहा कि अगली पीढ़ी की चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाना चाहिए.

क्यों है यह यात्रा खास

मोदी का यह दौरा “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” को नई गति देने वाला माना जा रहा है. मारुति-सुजुकी जैसे जापानी ऑटोमोबाइल ब्रांड अब इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात भी कर रहे हैं, जो अमेरिकी बाजार की कमी पूरी कर सकते हैं. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में भूकंप-रोधी और ड्राइवरलेस तकनीक पर बड़ा समझौता होने जा रहा है. इसके अलावा मोदी सेमीकंडक्टर और एआई प्लांट का भी दौरा करेंगे जहां रोबोटिक्स, अंतरिक्ष और अर्धचालक क्षेत्र में सहयोग पर फोकस होगा. रक्षा क्षेत्र में जहाज रखरखाव और संयुक्त उत्पादन पर सहमति बन रही है.

बढ़ता हुआ व्यापारिक संतुलन

वित्त वर्ष 2023-24 में भारत-जापान का द्विपक्षीय व्यापार 22 अरब डॉलर से अधिक रहा. दोनों देश आने वाले समय में इसे और विस्तार देने पर सहमत हुए हैं. 10 वर्षीय रोडमैप के तहत जापान भारत में विशाल निवेश का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है.

हाई स्पीड रेल से नई रफ्तार

मोदी ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल दोनों देशों के सहयोग का प्रतीक है और आने वाले वर्षों में इस पर यात्री सेवाएं शुरू होंगी. उनका लक्ष्य 7,000 किमी लंबा हाई स्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने का है, जिसमें अधिकतर काम मेक इन इंडिया के माध्यम से होगा. उन्होंने जापानी कंपनियों को इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया.

जापान: निवेश और भरोसे का स्तंभ

मोदी ने कहा कि जापान लंबे समय से भारत की आधारभूत संरचना और विकास यात्रा में मजबूत भागीदार रहा है. मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, केमिकल्स और दवाइयों जैसे क्षेत्रों में जापान भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक अहम स्रोत है. आज भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 1,500 तक पहुंच चुकी है जबकि 400 से अधिक भारतीय कंपनियां जापान में काम कर रही हैं.

वैकल्पिक बाजार और निवेश की संभावना

मोदी का यह दौरा साफ संकेत देता है कि ट्रंप टैरिफ के बीच जापान भारत के लिए नए बाजार और निवेश का रास्ता खोल सकता है. भारत की युवा जनसंख्या जापान की वृद्धावस्था चुनौती का समाधान बन सकती है. यह यात्रा न केवल आर्थिक मोर्चे पर बूस्टर साबित हो सकती है, बल्कि “अमेरिका फर्स्ट” नीति के बरक्स भारत की बहुपक्षीय कूटनीति की मिसाल भी है. वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत-जापान की साझेदारी एशियाई सदी की मजबूत नींव रख सकती है.

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Bhagalpur News : भागलपुर में जश्न और सम्मान के बीच डॉ. राणा ने मनाया 50वां जन्मदिन

डॉ. राणा ने मनाया 50वां जन्मदिन.
डॉ. राणा ने मनाया 50वां जन्मदिन.

Bhagalpur News: भागलपुर शहर के एक निजी होटल में मानवाधिकार रक्षा आयोग (Human Right Protection Commission) के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ. रितेश कुमार राणा का 50वां जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया. इस खास मौके पर सम्मान समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और केक काटने का आयोजन किया गया. पूरे होटल परिसर में जश्न का माहौल छाया रहा.

सम्मान समारोह में समाजसेवियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम की शुरुआत सम्मान समारोह से हुई, जहां डॉ. राणा ने समाजहित में योगदान देने वाले कई गणमान्य लोगों को अंगवस्त्र और महापुरुषों की तस्वीर देकर सम्मानित किया. सम्मानित होने वालों में भाजपा प्रदेश समिति सदस्य पवन मिश्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, अधिवक्ता भोला मंडल और शिक्षक राकेश कुमार सहित अन्य हस्तियां शामिल रहीं.

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सम्मान समारोह के बाद डॉ. राणा ने अपने परिवार और अतिथियों की उपस्थिति में 50वें जन्मदिन का केक काटा. जैसे ही उन्होंने केक काटा, पूरा हॉल तालियों और शुभकामनाओं से गूंज उठा. इस खास पल को सभी ने यादगार बना लिया.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा

स्थानीय कलाकारों ने गीत-संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया. उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और डॉ. राणा को बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और लंबी उम्र की कामना की.

मानवता की सेवा ही जीवन का उद्देश्य : डॉ. राणा

इस अवसर पर डॉ. रितेश कुमार राणा ने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य मानवता की सेवा है. आगे भी मैं मानवाधिकारों की रक्षा और समाज के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा. अगर हर व्यक्ति मानव सेवा के लिए एक कदम बढ़ाए तो समाज और देश दोनों का कल्याण सुनिश्चित होगा.

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झारखंड का प्रकृति पर्व करमा आज
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Karma Puja 2025 : करमा पूजा पर करम देवता की उपासना की जाती है और भाई-बहन के रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए व्रत और अनुष्ठान किए जाते हैं. इस दिन फसलों और पेड़ों की पूजा कर भूमि की उर्वरता और समृद्धि की कामना की जाती है. यह पर्व खासकर आदिवासी समाज और किसानों के बीच विशेष महत्व रखता है.

करमा पूजा कब है?

इस वर्ष करमा पूजा 3 सितंबर, बुधवार को होगी. झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में इसे विशेष धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, फसलों की खुशहाली और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है.

पर्व के दौरान किए जाने वाले मुख्य अनुष्ठान

इस अवसर पर करमा धरमा कथा का पाठ, व्रत विधि, भाई दूज और प्राकृतिक पूजा जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं. लोग घर, आंगन और फसल क्षेत्रों को सजाते हैं और भाई-बहन के रिश्तों में प्रेम और सम्मान बढ़ाने की प्रार्थना करते हैं.

करम देवता की पूजा में बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती हैं. माना जाता है कि करम देवता फसलों और खुशहाली के संरक्षक हैं.

करमा पूजा का सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व

यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और पारिवारिक रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है. इस दिन वृक्षों, फसलों और करम देवता की पूजा कर प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है.

करम पर्व हमें याद दिलाता है कि हमारे जीवन की खुशहाली सीधे धरती माता और उसकी उपज से जुड़ी है. इसका मुख्य संदेश है: प्रकृति का सम्मान करें, परिवारिक बंधनों को मजबूत बनाएं और जीवन में प्रेम, सौहार्द और समृद्धि अपनाएं.

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सुप्रीम कोर्ट में ई-20 पेट्रोल पर याचिका
सुप्रीम कोर्ट में ई-20 पेट्रोल पर याचिका

Petrol : भारत में 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) की देशव्यापी बिक्री को लेकर नया विवाद सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका में इस ईंधन के अनिवार्य इस्तेमाल को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि यह कदम कई वाहन चालकों के लिए समस्याएँ पैदा कर सकता है.

वाहन चालकों पर बढ़ती मजबूरी

अधिवक्ता अक्षय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि अधिकांश वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर ई-20 खरीदने के लिए बाध्य महसूस कर रहे हैं. उनका तर्क है कि वाहन निर्माता सभी वाहनों के लिए इस ईंधन की अनुकूलता सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं. याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी स्टेशनों पर इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल (ई0) आसानी से उपलब्ध हो.

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वाहन अनुकूलता पर खतरे

याचिका में बताया गया है कि 2023 से पहले निर्मित कार और दोपहिया वाहन ई-20 के लिए उपयुक्त नहीं हैं. कुछ बीएस-VI मॉडल भी इससे प्रभावित हो सकते हैं. इससे इंजन में जंग, माइलेज में कमी और वाहन की प्रदर्शन क्षमता पर असर पड़ सकता है.

उपभोक्ता अधिकार और पारदर्शिता

याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया है कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को उनके वाहन के लिए इथेनॉल अनुकूलता की स्पष्ट जानकारी दी जाए. इथेनॉल की मात्रा के बारे में लेबलिंग जरूरी है ताकि खरीदार सही विकल्प चुन सकें.

आर्थिक और बीमा संबंधी प्रभाव

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि ई-20 के इस्तेमाल से इंजन मरम्मत का खर्च बढ़ रहा है, जबकि बीमा कंपनियां इथेनॉल से हुए नुकसान के दावे स्वीकार नहीं कर रही हैं. इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ रहा है.

सरकार की ईंधन नीति पर चुनौती

ई-20 पेट्रोल को पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिकोण से लागू किया गया था, लेकिन तकनीकी और उपभोक्ता अनुकूलता के मुद्दों ने इसे विवादास्पद बना दिया है. अब यह सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर करेगा कि इस मामले में क्या दिशा तय होती है.

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TVS Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर 99,900 रुपये में भारत में लॉन्च, रेंज 158 KM

TVS Orbiter
TVS Orbiter

TVS Motor Company ने भारतीय बाजार में नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Orbiter पेश किया है. ₹99,900 की एक्स-शोरूम कीमत के साथ यह स्कूटर एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तैयार है. 3.1 kWh की बैटरी और 158 किलोमीटर की IDC टेस्टेड रेंज इसे रोजमर्रा की शहर यात्रा के लिए उपयुक्त बनाती है.

मजबूत बैटरी और लंबी राइडिंग रेंज

Orbiter में 3.1 kWh लिथियम-आयन बैटरी लगी है, जो फुल चार्ज होने पर लगभग 158 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है. बैटरी को दो मोड्स—Eco और Power—में चलाया जा सकता है, और दोनों मोड्स में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का फीचर मौजूद है, जो ऊर्जा की बचत करता है.

आरामदायक डिजाइन और उपयोगी फीचर्स

Orbiter का 14-इंच फ्रंट व्हील बेहतर नियंत्रण और स्थिरता देता है. इसकी 845 mm लंबी सीट और 290 mm फ्लैट फुटबोर्ड राइड को आरामदायक बनाते हैं. अंडरसीट स्टोरेज 34 लीटर का है, जिसमें दो हेलमेट आसानी से रखे जा सकते हैं.

स्मार्ट कनेक्टिविटी और सुरक्षा

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इस स्कूटर को TVS की मोबाइल ऐप से कनेक्ट किया जा सकता है, जिससे बैटरी स्टेटस, ओडोमीटर रीडिंग और लोकेशन ट्रैक की जा सकती है. सुरक्षा फीचर्स में क्रैश अलर्ट, एंटी-थेफ्ट ट्रैकिंग, जियो-फेंस और टाइम-फेंसिंग शामिल हैं. इसके अलावा, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल डिस्प्ले और OTA सॉफ्टवेयर अपडेट इसे और स्मार्ट बनाते हैं.

प्रीमियम फीचर्स

Orbiter में क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड असिस्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो आमतौर पर महंगे स्कूटर्स में ही मिलती हैं. LED हेडलाइट्स, 169 mm ग्राउंड क्लियरेंस, USB चार्जिंग पोर्ट और एर्गोनॉमिक हैंडलबार डिजाइन इसे और आकर्षक बनाते हैं.

रंग और विकल्प

Orbiter को छह आकर्षक रंगों में पेश किया गया है: Neon Sunburst, Stratos Blue, Lunar Grey, Stellar Silver, Cosmic Titanium और Martian Copper.

बाजार प्रतिस्पर्धा

Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर Ola S1X, Vida VX2 और Bajaj Chetak के बेस मॉडल्स को सीधे चुनौती देता है. इसकी कीमत, लंबी रेंज और फीचर्स इसे शहरों में रोजाना उपयोग के लिए आदर्श बनाते हैं.

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BSEB: 10वीं और 12वीं बोर्ड पंजीकरण की अंतिम तारीख अब 3 सितंबर, छात्रों के लिए राहत

10वीं और 12वीं बोर्ड पंजीकरण की तिथि बढ़ी.
10वीं और 12वीं बोर्ड पंजीकरण की तिथि बढ़ी.

BSEB: बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की समय सीमा बढ़ा दी है. अब छात्र और स्कूल 3 सितंबर 2025 तक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. यह बदलाव उन छात्रों और संस्थानों के लिए राहत का कारण है, जिन्होंने पहले निर्धारित समय पर पंजीकरण नहीं कर पाया था.

शुल्क जमा करने की तिथि

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण शुल्क का भुगतान 1 सितंबर 2025 तक ही किया जा सकेगा. इसका मतलब यह है कि फीस जमा करने के बाद ही पंजीकरण को अंतिम रूप दिया जा सकेगा.

पंजीकरण की प्रक्रिया

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छात्र या स्कूल इस तरीके से पंजीकरण कर सकते हैं:

बोर्ड की वेबसाइट secondary.biharboardonline.com
पर लॉगिन करें.

  • ‘मैट्रिक या इंटर पंजीकरण’ विकल्प चुनें और आवश्यक जानकारी भरें.
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और फीस का भुगतान ऑनलाइन करें.
  • आवेदन सबमिट करने के बाद पुष्टिकरण पृष्ठ डाउनलोड करके सुरक्षित रखें.

बोर्ड का संदेश

बोर्ड ने सभी स्कूलों से अपील की है कि पंजीकरण प्रक्रिया समय पर पूरी करें, ताकि कोई भी योग्य छात्र परीक्षा से वंचित न रहे. बोर्ड ने दोहराया कि यह अंतिम अवसर है और इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा.

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Ragda Chaat Recipe: मुंबई का फेमस स्ट्रीट फूड घर पर बनाइए, मिनटों में तैयार हो जाएगी चटपटी रगड़ा चाट

Ragda Chaat Recipe
Ragda Chaat Recipe

Ragda Chaat Recipe: मुंबई की गलियों का मशहूर स्ट्रीट फूड “रगड़ा चाट” अब आसानी से आपके किचन में तैयार हो सकता है. सफेद मटर से बनी रगड़ा की बेस करी और उस पर डाली जाने वाली मसालेदार चटनी, सेव, प्याज-टमाटर और हरी धनिया की टॉपिंग—इस व्यंजन को इतना खास बनाती है कि एक बार खाने के बाद बार-बार मन करेगा. यह न केवल पेट भरने वाला स्नैक है बल्कि शाम की भूख मिटाने के लिए परफेक्ट चॉइस भी है.

आवश्यक सामग्री

रगड़ा बनाने के लिए

सफेद मटर – 1 कप (रातभर भिगोए हुए)

हल्दी – ½ छोटा चम्मच

नमक – स्वादानुसार

पानी – ज़रूरत के हिसाब से

चाट के लिए

उबले आलू – 2 (हल्के तले हुए या टिक्की के रूप में)

हरी चटनी (धनिया-पुदीना वाली)

इमली की मीठी चटनी

प्याज – 1 (बारीक कटा)

टमाटर – 1 (बारीक कटा)

हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच

सेव – ½ कप

चाट मसाला – ½ छोटा चम्मच

भुना जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच

लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार

नमक – स्वादानुसार

नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच (ऑप्शनल)

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बनाने की विधि

रगड़ा तैयार करें

भीगे हुए सफेद मटर को पानी निथारकर कुकर में डालें.

इसमें हल्दी, नमक और पानी डालकर 3–4 सीटी आने तक पकाएँ.

जब मटर नरम हो जाए तो उसमें से कुछ मटर मैश कर लें ताकि ग्रेवी थोड़ी गाढ़ी हो जाए.

ध्यान रखें कि रगड़ा न ज़्यादा पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा.

चाट तैयार करें

एक सर्विंग बाउल में गरमागरम रगड़ा डालें.

इसके ऊपर उबले आलू के स्लाइस या आलू टिक्की रखें.

अपनी पसंद के अनुसार हरी और मीठी चटनी डालें.

प्याज, टमाटर और हरा धनिया डालकर गार्निश करें.

ऊपर से चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर छिड़कें.

आखिर में कुरकुरी सेव और चाहें तो नींबू का रस डालकर परोसें.

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Haritalika Teej 2025: पत्नी को दें ये खास तोहफे, बढ़ेगा रिश्तों में प्यार

Hariyali Teej Gift For Wife
Hariyali Teej Gift For Wife

Haritalika Teej 2025: देशभर में सुहागिन महिलाएं आज पूरे उत्साह और आस्था के साथ हरितालिका तीज मना रही हैं. इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं. ऐसे खास मौके पर अगर पति अपनी पत्नी को कोई प्यारा तोहफा दें तो उनका दिन और भी यादगार बन सकता है. इस पर्व पर गिफ्ट केवल भौतिक चीज़ नहीं, बल्कि रिश्ते में अपनापन और विश्वास का प्रतीक भी बन जाता है. आइए जानते हैं कुछ अनोखे गिफ्ट आइडियाज़, जिनसे आप अपनी जीवनसाथी के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं.

पत्नी को खुश करने वाले तोहफों के आइडियाज़

खास डिजाइन की ज्वेलरी

गहनों का आकर्षण हर महिला के लिए अलग ही होता है. इस तीज पर आप पत्नी को यूनिक डिज़ाइन की ज्वेलरी दे सकते हैं. चाहे वह मंगलसूत्र हो, पेंडेंट, रिंग या ब्रेसलेट—एक सलीकेदार गहना आपके रिश्ते को और गहरा बना देगा.

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पारंपरिक परिधान

तीज जैसे त्योहार पर पारंपरिक परिधान की चमक सबसे अलग होती है. हरे रंग की सिल्क साड़ी, बनारसी या फिर खूबसूरत लहंगा पत्नी के लिए शानदार गिफ्ट साबित हो सकता है. यह न केवल त्योहार की शोभा बढ़ाएगा बल्कि पत्नी को भी खास महसूस कराएगा.

निजी अंदाज में लिखा खत या कार्ड

दिल की भावनाओं को शब्दों में पिरोना सबसे अनमोल तोहफा होता है. अगर आप पत्नी को अपनी भावनाएं जताना चाहते हैं तो उनके लिए खुद से लिखा खत या कार्ड गिफ्ट कर सकते हैं. यह तोहफा सालों तक उनकी यादों में बस जाएगा.

मेकअप और स्किनकेयर किट

अगर आपकी पत्नी को सजना-संवरना पसंद है तो उनकी मनपसंद ब्रांड का मेकअप या स्किनकेयर किट गिफ्ट करें. इसमें लिपस्टिक, आईलाइनर, फाउंडेशन, फेस मास्क और अन्य ज़रूरी ब्यूटी प्रोडक्ट शामिल हो सकते हैं. यह उपयोगी गिफ्ट उन्हें बेहद पसंद आएगा.

घर सजाने की चीजें

अगर पत्नी को घर सजाने का शौक है तो उन्हें वॉल पेंटिंग, डेकोरेटिव लैंप, पारंपरिक कुशन कवर या आधुनिक किचन गैजेट्स गिफ्ट करना बेहतरीन विकल्प है. इससे उनका शौक भी पूरा होगा और घर की खूबसूरती भी बढ़ेगी.

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