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Bihar Weather Alert Today : आज 9 जिलों में भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का खतरा

यूपी–एमपी समेत कई राज्यों में जारी किया अलर्ट
यूपी–एमपी समेत कई राज्यों में जारी किया अलर्ट

Bihar Weather Alert Today : बिहार में इन दिनों मानसून सक्रिय बना हुआ है. कई जिलों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल रही है. इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताज़ा पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के अनुसार रविवार को राज्य के 9 जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट भी घोषित किया गया है.

किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने गया, औरंगाबाद, भोजपुर, सारण, सिवान, अरवल, रोहतास और कैमूर जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में आज गरज-तड़क के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है.

दक्षिण बिहार में सक्रिय रहेगा मानसून

IMD की मानें तो इस दौरान बारिश के साथ-साथ 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका भी जताई गई है. विभाग का कहना है कि आज उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण बिहार के अधिकतर जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिलेगा. वहीं, अगले तीन दिनों तक राज्य के तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

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बारिश से बदला मौसम, गिरा तापमान

शनिवार, 23 अगस्त को राजधानी पटना समेत 16 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी. इसका सीधा असर राज्य के मौसम पर पड़ा और तापमान में गिरावट देखने को मिली. सबसे अधिक वर्षा जहानाबाद में दर्ज की गई, जहां 15.5 मिमी बारिश हुई. वहीं, सबसे अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस बेगूसराय में रिकॉर्ड किया गया. न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस वाल्मीकिनगर में दर्ज किया गया. दूसरी तरफ बक्सर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं.

पटना में बादलों ने घेरा

रविवार सुबह से ही पटना का मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है. आसमान पर घने बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में ठंडी हवाएं भी चल रही हैं. मौसम विभाग ने राजधानी में आज भी जोरदार बारिश की संभावना जताई है. शनिवार को पटना में सुबह से ही बारिश होती रही थी. यहां दिनभर में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा अधिकतम तापमान में 2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी गई.

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Sarkari Naukri 2025: बिहार स्वास्थ्य विभाग में निकली बंपर वैकेंसी, लैब टेक्नीशियन के 1075 पदों पर भर्ती

बिहार स्वास्थ्य विभाग में निकली बंपर वैकेंसी
बिहार स्वास्थ्य विभाग में निकली बंपर वैकेंसी

Sarkari Naukri 2025: बिहार में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राज्य स्वास्थ्य समिति (State Health Society Bihar – SHS) की ओर से बड़ी भर्ती निकाली गई है. इस अवसर के तहत लैब टेक्नीशियन के 1075 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी. खास बात यह है कि इन पदों पर आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है. ऐसे उम्मीदवार जिनके पास लैब टेक्नीशियन से संबंधित योग्यता या अनुभव है, उन्हें प्राथमिकता मिल सकती है.

आवेदन प्रक्रिया कब से शुरू होगी?

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2025 से प्रारंभ होगी. उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 15 सितंबर 2025 तक का समय दिया गया है. निर्धारित समय के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट shs.bihar.gov.in पर जाएं.
  • होम पेज पर “Recruitment” सेक्शन पर क्लिक करें.
  • Bihar SHS Lab Technician Recruitment 2025 लिंक को ढूंढकर उस पर क्लिक करें.
  • अब “Apply Online” पर क्लिक करके नया रजिस्ट्रेशन करें.
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें.
  • सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स जैसे शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और फोटो अपलोड करें.
  • आवेदन शुल्क ऑनलाइन मोड से जमा करें.
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें.

योग्यता और आयु सीमा

  • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 12वीं पास.
  • लैब टेक्नीशियन कोर्स या अनुभव रखने वालों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
  • आयु सीमा विभाग के नियमों के अनुसार होगी.
  • आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी.

वेतनमान

  • सीनियर लैब टेक्नीशियन: ₹24,000 प्रति माह मानदेय.
  • लैब टेक्नीशियन: ₹15,000 प्रतिमाह वेतन.

ऑफिशियल नोटिफिकेशन

इस भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी और सभी नियम व शर्तें उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन में देख सकते हैं.

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Jharkhand Weather Today: रांची समेत 15 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

48 घंटे पड़ेगी कड़ाके की ठंड, अलर्ट जारी
48 घंटे पड़ेगी कड़ाके की ठंड, अलर्ट जारी.

Jharkhand Weather Today: झारखंड में मानसून का असर एक बार फिर तेज हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम (निम्न दबाव क्षेत्र) के कारण राज्यभर में बारिश का दौर चल रहा है. लगातार हो रही वर्षा से सड़कें जलमग्न हो गई हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है. मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि रविवार यानी 24 अगस्त को राजधानी रांची सहित 15 जिलों में भारी वर्षा की संभावना है. इन जिलों में येलो अलर्ट घोषित कर लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.

किन जिलों में अलर्ट?

रविवार को जिन जिलों में बारिश का सबसे अधिक असर दिखेगा उनमें रांची, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लातेहार और लोहरदगा शामिल हैं. इन इलाकों में भारी बारिश, आंधी और तेज़ हवाओं की आशंका जताई गई है.

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सोमवार को भी जारी रहेगा प्रभाव

मौसम विभाग ने बताया कि रविवार के बाद सोमवार 25 अगस्त को भी बारिश का जोर बना रहेगा. उस दिन रांची, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसांवा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी वर्षा हो सकती है. इन जिलों के लिए भी विभाग ने येलो अलर्ट घोषित किया है.

रांची और आसपास में बारिश का नया रिकॉर्ड

राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे में 120.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसने इस बार मानसून का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. अब तक यहां 1211.6 मिमी बारिश हो चुकी है. वहीं लातेहार जिले के चंदवा में सबसे ज्यादा 205 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो राज्यभर में सबसे ऊपर है. शनिवार को हजारीबाग में 21 मिमी, रांची में 18 मिमी, जमशेदपुर में 10 मिमी, बोकारो में 15 मिमी और मेदिनीनगर में 7 मिमी बारिश हुई थी. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो रहा है, जिसका असर अगले 24 घंटे में झारखंड के कई हिस्सों पर दिखेगा.

सात जिलों में मानसून का ज्यादा असर

झारखंड में इस साल मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय है. आंकड़ों के अनुसार अब तक सात जिलों में एक हजार मिमी से ज्यादा वर्षा दर्ज की जा चुकी है. इनमें रांची (1211.6 मिमी), पूर्वी सिंहभूम (1463.3 मिमी), धनबाद (1142.5 मिमी), जामताड़ा (1073.3 मिमी), खूंटी (1096.8 मिमी), सिमडेगा (1023.6 मिमी) और पश्चिम सिंहभूम (1042.6 मिमी) शामिल हैं.

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सामान्य से 32 प्रतिशत ज्यादा बारिश

मौसम विभाग का कहना है कि पूरे झारखंड में अब तक औसतन 972.7 मिमी बारिश दर्ज हुई है. यह सामान्य वर्षा से करीब 32 प्रतिशत अधिक है. लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता.

लोगों को सावधानी बरतने की अपील

विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर निचले इलाकों और नदी-नालों के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है. बिजली गिरने और आंधी-तूफान के बीच खेतों या खुले क्षेत्रों में जाने से बचने की हिदायत दी गई है.

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Muzaffarpur News: 3 सितंबर को रोक सूची पर होगी एडीएम की अहम समीक्षा बैठक

Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर में होटल उद्घाटन के दौरान रंगदारी का प्रयास.

मुजफ्फरपुर | संवाददाता : जिले में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक सूची आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. लगातार बढ़ती खेसरा संख्या से हजारों परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट झेल रहे हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, अब तक 1.17 लाख से अधिक प्लॉट इस सूची में आ चुके हैं.

इसी समस्या के समाधान को लेकर 3 सितंबर को एडीएम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक बुलाई गई है. डीएम के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में रोक सूची से जुड़े 32 मामलों पर विशेष चर्चा होगी.

कई विभागों को भेजा गया निमंत्रण

बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अवर निबंधक, डीसीएलआर (पूर्वी और पश्चिमी), एसडीसी, राजस्व अभिलेखागार के पदाधिकारी और सरकारी अधिवक्ता शामिल होंगे. इसके अलावा बोचहां, मुरौल, मुशहरी, कांटी, मोतीपुर, मड़वन, सरैया, साहेबगंज, पारू और औराई के सीओ को अद्यतन रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है.

राजस्व कर्मचारी और अमीन भी होंगे शामिल

निर्धारित तिथि को सीओ के साथ संबंधित अंचल के राजस्व कर्मचारी और अमीन भी बैठक में हिस्सा लेंगे. उम्मीद की जा रही है कि समीक्षा बैठक के बाद रोक सूची के मामलों में तेजी से कार्रवाई हो सकेगी और आम लोगों को राहत मिलने का रास्ता साफ होगा.

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Dhanbad News: नॉन-अटेंडिंग स्कूलों पर सीबीएसई की सख्ती, बढ़ी प्रबंधन की टेंशन

अवैध खनन रोकने की मांग
अवैध खनन रोकने की मांग

धनबाद | संवाददाता : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने उन स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जहां छात्र नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं होते. हाल ही में रांची के एक बड़े स्कूल में टीम की औचक जांच के बाद अब धनबाद के स्कूलों में भी हलचल मच गई है.

यहां कई ऐसे संस्थान हैं जहां नर्सरी से लेकर आठवीं तक छात्र संख्या सीमित रहती है, लेकिन नौवीं से बारहवीं तक अचानक दाखिले बढ़ जाते हैं. बोर्ड को संदेह है कि ये स्कूल ‘डमी एडमिशन’ के जरिए केवल परीक्षा दिलाने का काम कर रहे हैं, जबकि कक्षा शिक्षण नगण्य है.

अभिभावक और स्कूल आमने-सामने

बोर्ड की सख्ती के बाद कई स्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को फोन कर छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य करने की बात कह रहे हैं. दूसरी ओर, कुछ अभिभावक मानते हैं कि उन्होंने अधिक शुल्क इसी वजह से चुकाया था ताकि उनके बच्चे कोचिंग पर ध्यान दे सके और स्कूल की पढ़ाई में उपस्थिति जरूरी न हो.

75% उपस्थिति का नियम

धनबाद के 65 सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में फिलहाल 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई होती है. बोर्ड ने सभी को साफ निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी. केवल चिकित्सकीय कारण या राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर ही 25 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है, वह भी प्रामाणिक दस्तावेजों के आधार पर.

मान्यता खतरे में

सीबीएसई ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण में गड़बड़ी पाए जाने पर न केवल छात्रों को परीक्षा से बाहर किया जाएगा, बल्कि स्कूल की मान्यता भी रद्द हो सकती है. इस सख्ती ने धनबाद के कई स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है.

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BAU की बड़ी खोज; आम की गुठलियों से बनेगा हाइड्रोजेल, किसानों की बढ़ेगी आमदनी

आम की गुठलियों से बनेगा हाइड्रोजेल
आम की गुठलियों से बनेगा हाइड्रोजेल

भागलपुर | सबौर : आम खाने के बाद उसकी गुठली को लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन अब यही गुठलियां खेती में क्रांति ला सकती हैं. बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के वैज्ञानिकों ने आम की गुठलियों से बायोडिग्रेडेबल हाइड्रोजेल बनाने में सफलता पाई है. इस हाइड्रोजेल की खासियत है कि यह मिट्टी में पानी रोकने और जरूरत पड़ने पर पौधों को धीरे-धीरे उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है.

केंद्र से मिली मान्यता

बीएयू की इस अनूठी खोज को केंद्र सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक न सिर्फ टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगी बल्कि किसानों की आय और जल संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती देगी.

खेतों में बनेगा ‘नमी बैंक’

जानकारी के अनुसार, आम की गुठली से तैयार हाइड्रोजेल अपने वजन से 400 से 500 गुना तक पानी सोख सकता है. खेत की मिट्टी में मिलाने पर यह नमी को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है और पौधों को धीरे-धीरे उपलब्ध कराता है. इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च घटेगा और सूखा प्रभावित इलाकों में भी फसल को बचाना आसान हो जाएगा.

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गुठली से नई अर्थव्यवस्था की शुरुआत

भारत में हर साल लगभग 4 करोड़ टन आम पैदा होते हैं, जिनसे 40–50 लाख टन गुठलियां निकलती हैं. अब तक इन्हें व्यर्थ माना जाता था, लेकिन हाइड्रोजेल बनने से इसका मूल्य कई गुना बढ़ सकता है. एक टन गुठली से 100–120 किलो कर्नेल पाउडर निकलता है, जबकि हाइड्रोजेल में बदलने पर इसकी कीमत 5 से 7 गुना तक बढ़ सकती है.

किसानों की आय में होगा इजाफा

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि बिहार और पूर्वी भारत की केवल 25 प्रतिशत गुठलियों का भी उपयोग किया जाए, तो हर साल 300 से 400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को मिल सकती है. यह हाइड्रोजेल पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल और बायोडिग्रेडेबल है, जिससे खेती को टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी.

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Mayank Singh News: गैंगस्टर ने अदालत में कहा- ‘मैं मयंक नहीं’, जेल भेजा गया

गैंगस्टर ने खुद को मयंक सिंह मानने से किया इंकार
गैंगस्टर ने खुद को मयंक सिंह मानने से किया इंकार

Mayank Singh News: झारखंड एटीएस के हत्थे चढ़ा कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह उर्फ सुनील कुमार मीणा शनिवार को भारी सुरक्षा घेरे में रामगढ़ अदालत में पेश किया गया. एंटी लैंड माइंस वाहन से लाए गए आरोपी ने जज के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि वह मयंक सिंह नहीं है. उसने कहा, इस नाम का कोई और व्यक्ति होगा.

अपर न्यायिक दंडाधिकारी संदीप बर्मन की अदालत में एटीएस और बचाव पक्ष के वकील के बीच लंबी दलीलें चलीं. हालांकि एटीएस की रिमांड की मांग को कोर्ट ने ठुकरा दिया और आरोपी को सीधे रामगढ़ उपकारा भेजने का आदेश दिया.

रेड कॉर्नर नोटिस पर हुई थी गिरफ्तारी

सुनील मीणा पर रामगढ़ और पतरातू थाने समेत झारखंड के कई जिलों में गंभीर मामले दर्ज हैं. रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए एटीएस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था. इसी आधार पर उसे अक्टूबर 2024 में अजरबैजान से दबोच लिया गया. प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शनिवार को उसे रांची लाकर कोर्ट में पेश किया गया.

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राजस्थान से लेकर झारखंड-पंजाब तक फैला अपराध नेटवर्क

गैंगस्टर मूल रूप से राजस्थान के नयी मंडी थाना क्षेत्र, जीडीएस पुरानी मंडी घड़ासाहन का रहने वाला है. उस पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. झारखंड के अलावा राजस्थान और पंजाब में भी उसके खिलाफ कई केस चल रहे हैं.

अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई से था कनेक्शन

सूत्रों के अनुसार, आरोपी का झारखंड के कुख्यात अपराधी अमन साहू और इंटरनेशनल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से संपर्क रहा है. यह आपसी सहयोग से रंगदारी और अन्य अपराधों को अंजाम देते थे. कुछ महीने पहले पुलिस मुठभेड़ में अमन साहू मारा गया था.

झारखंड पुलिस के इतिहास में पहला सफल प्रत्यर्पण

अजरबैजान से आरोपी को लाने वाली एटीएस टीम की अगुवाई एसपी ऋषभ कुमार झा ने की. उन्होंने बताया कि यह झारखंड पुलिस के इतिहास में पहला सफल प्रत्यर्पण है. झा के मुताबिक, अब अन्य फरार अपराधियों को भी इसी प्रक्रिया के जरिए भारत लाने की कोशिश होगी. उन्होंने कहा कि यह सफलता पुलिस मुख्यालय, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास का नतीजा है.

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कसबा हादसा: मंत्री लेशी सिंह ने पहुंचकर परिजनों को दिलाया सहारा, मिली 4-4 लाख की मदद

मंत्री लेशी सिंह ने पहुंचकर परिजनों को दिलाया सहारा
मंत्री लेशी सिंह ने पहुंचकर परिजनों को दिलाया सहारा

Purnia News : कसबा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 24 स्थित सुभाष नगर मोहल्ले में शुक्रवार को कोसी नदी धार में डूबकर 5 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद शनिवार को बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह मौके पर पहुंचीं. उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन घड़ी में सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है.

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया है और पीड़ित परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि बांध निर्माण कार्य के दौरान हुई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस मामले में संवेदक समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सरकार की ओर से मृतक परिवारों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान और तीन-तीन हजार रुपये कबीर अंत्येष्टि सहायता तत्काल उपलब्ध कराया गया. मंत्री ने कहा कि ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दें और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.

पीड़ित परिवारों से मिलने के दौरान जेडीयू नेता शंकर कुशवाहा, नगर परिषद उपाध्यक्ष सुभाष कुमार, भाजपा नेता संजय मिर्धा, पूर्व उपाध्यक्ष हसमत राही और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

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Bihar News: चिट्ठी-पार्सल अब ढूंढना होगा आसान, बिहार के हर मकान को मिलेगा डिजिपिन

बिहार के हर मकान को मिलेगा डिजिपिन
बिहार के हर मकान को मिलेगा डिजिपिन

Bihar News: अब बिहार में किसी भी चिट्ठी या पार्सल का पता लगाना आसान हो जाएगा. डाक विभाग ने राज्य के सभी गली-मोहल्लों को डिजिटल लोकेशन से जोड़ने का काम पूरा कर लिया है. इसके तहत प्रत्येक घर को डिजिपिन (डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर) जारी किया जाएगा.

एक करोड़ से ज्यादा मोहल्लों का डिजिटल सर्वे

अधिकारियों के अनुसार, अब तक एक करोड़ से अधिक गली और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग की जा चुकी है. इस तकनीक से हर घर की सटीक लोकेशन दर्ज होगी, जिसे डाकिया मोबाइल से देख सीधे उस पते तक पहुंच सकेगा.

30 डिवीजनों में लागू होगी योजना

बिहार सर्किल के करीब 30 डिवीजन इस परियोजना में शामिल किए गए हैं. फिलहाल पिन कोड व्यवस्था लागू है, लेकिन डिजिपिन के बाद हर घर का अलग डिजिटल कोड होगा. इससे किसी भी इलाके या मोहल्ले में घर तक पहुंचना और आसान होगा.

अधूरे पते से खत्म होगी परेशानी

अब तक आधे-अधूरे पते के कारण बड़ी संख्या में डाक और पार्सल सही जगह नहीं पहुंच पाते थे. आंकड़ों के अनुसार, 45 फीसदी तक डाक गलत पते की वजह से अटक जाती थी और 30-35 फीसदी वापस लौट जाती थी. डिजिपिन लागू होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और हर डाक सही पते पर पहुंचेगी.

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डाक कर्मियों को मिलेगी डिजिटल ट्रेनिंग

राज्य में मौजूद 10 हजार से अधिक डाकियों को इस नई व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. इन्हें मोबाइल पर लाइव लोकेशन देखने और डिजिपिन की मदद से पते खोजने का तरीका सिखाया जाएगा. इससे पार्सल और चिट्ठियों की डिलीवरी तेज और सुचारू हो सकेगी.

क्या है डिजिपिन?

डिजिपिन 10 अंकों का यूनिक कोड है, जो डिजिटल एड्रेस सिस्टम पर आधारित है. इसमें हर गली, मोहल्ले और घर को 4 मीटर के दायरे में चिह्नित किया जाता है. इस तकनीक को आईआईटी हैदराबाद और इसरो के एनआरएससी की मदद से डाक विभाग ने विकसित किया है. इसके जरिए अब किसी भी जगह का सटीक डिजिटल पता आसानी से पता लगाया जा सकेगा.

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पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप.
पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप.

Jharkhand News : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में खुलासा हुआ है कि पीएलएफआई का मुखिया दिनेश गोप हर साल करीब दो करोड़ रुपये लेवी के नाम पर वसूलता था. ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी योजनाओं से जुड़े ठेकेदारों से वह दो प्रतिशत की दर से वसूली करता था. सड़क निर्माण, रेल परियोजनाएं, बिल्डिंग निर्माण कार्य के साथ-साथ कोयला, बॉक्साइट, आयरन ओर, बालू और पत्थर के कारोबारियों से भी लेवी वसूल की जाती थी.

राजनीतिक संगठन से नक्सली संगठन तक

ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश गोप ने वर्ष 2004 में झारखंड लिबरेशन टाइगर नामक संगठन का गठन राजनीतिक दल के तौर पर किया था. शुरुआत में इसमें केवल 40 सदस्य थे और यह खूंटी, गुमला, रांची, सिमडेगा समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय था. वर्ष 2008 में झारखंड सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया. इसके बाद इसका नाम बदलकर पीएलएफआई रख दिया गया और संगठन को चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, स्टेट प्रेसीडेंट, कमांडर और विभिन्न स्तरों पर पदों में बांटा गया.

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ठेकेदारों पर हमले और आगजनी

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि नक्सली संगठन पीएलएफआइ चीफ दिनेश गोप स्थानीय कमांडरों के जरिए लेवी की वसूली करता था. जो ठेकेदार पैसे देने से इंकार करते थे, उनकी परियोजनाओं पर हमला कर दिया जाता था और निर्माण स्थल पर आगजनी की घटनाएं होती थीं. जांच में यह भी सामने आया कि 2008 से 2012 तक गोप हर साल लगभग एक करोड़ रुपये की लेवी वसूलता था, जबकि 2012 से 2020 के बीच यह रकम बढ़कर दो करोड़ रुपये वार्षिक हो गई. यानी इस अवधि में उसने करीब 20 करोड़ रुपये की उगाही की.

शेल कंपनियों के जरिए मनी लाउंड्रिंग

ईडी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गोप ने अपने सहयोगी सुमंत, पत्नी हीरा देवी और शकुंतला देवी के नाम से कई शेल कंपनियां बनाई थीं. लेवी से जुटाए गए नकद धन को इन्हीं कंपनियों के जरिए बैंक खातों में जमा कराया जाता था. बाद में इन कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मनी लाउंड्रिंग की गई.

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