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Bihar News: चिट्ठी-पार्सल अब ढूंढना होगा आसान, बिहार के हर मकान को मिलेगा डिजिपिन

बिहार के हर मकान को मिलेगा डिजिपिन
बिहार के हर मकान को मिलेगा डिजिपिन

Bihar News: अब बिहार में किसी भी चिट्ठी या पार्सल का पता लगाना आसान हो जाएगा. डाक विभाग ने राज्य के सभी गली-मोहल्लों को डिजिटल लोकेशन से जोड़ने का काम पूरा कर लिया है. इसके तहत प्रत्येक घर को डिजिपिन (डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर) जारी किया जाएगा.

एक करोड़ से ज्यादा मोहल्लों का डिजिटल सर्वे

अधिकारियों के अनुसार, अब तक एक करोड़ से अधिक गली और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग की जा चुकी है. इस तकनीक से हर घर की सटीक लोकेशन दर्ज होगी, जिसे डाकिया मोबाइल से देख सीधे उस पते तक पहुंच सकेगा.

30 डिवीजनों में लागू होगी योजना

बिहार सर्किल के करीब 30 डिवीजन इस परियोजना में शामिल किए गए हैं. फिलहाल पिन कोड व्यवस्था लागू है, लेकिन डिजिपिन के बाद हर घर का अलग डिजिटल कोड होगा. इससे किसी भी इलाके या मोहल्ले में घर तक पहुंचना और आसान होगा.

अधूरे पते से खत्म होगी परेशानी

अब तक आधे-अधूरे पते के कारण बड़ी संख्या में डाक और पार्सल सही जगह नहीं पहुंच पाते थे. आंकड़ों के अनुसार, 45 फीसदी तक डाक गलत पते की वजह से अटक जाती थी और 30-35 फीसदी वापस लौट जाती थी. डिजिपिन लागू होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और हर डाक सही पते पर पहुंचेगी.

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डाक कर्मियों को मिलेगी डिजिटल ट्रेनिंग

राज्य में मौजूद 10 हजार से अधिक डाकियों को इस नई व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. इन्हें मोबाइल पर लाइव लोकेशन देखने और डिजिपिन की मदद से पते खोजने का तरीका सिखाया जाएगा. इससे पार्सल और चिट्ठियों की डिलीवरी तेज और सुचारू हो सकेगी.

क्या है डिजिपिन?

डिजिपिन 10 अंकों का यूनिक कोड है, जो डिजिटल एड्रेस सिस्टम पर आधारित है. इसमें हर गली, मोहल्ले और घर को 4 मीटर के दायरे में चिह्नित किया जाता है. इस तकनीक को आईआईटी हैदराबाद और इसरो के एनआरएससी की मदद से डाक विभाग ने विकसित किया है. इसके जरिए अब किसी भी जगह का सटीक डिजिटल पता आसानी से पता लगाया जा सकेगा.

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पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप.
पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप.

Jharkhand News : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में खुलासा हुआ है कि पीएलएफआई का मुखिया दिनेश गोप हर साल करीब दो करोड़ रुपये लेवी के नाम पर वसूलता था. ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी योजनाओं से जुड़े ठेकेदारों से वह दो प्रतिशत की दर से वसूली करता था. सड़क निर्माण, रेल परियोजनाएं, बिल्डिंग निर्माण कार्य के साथ-साथ कोयला, बॉक्साइट, आयरन ओर, बालू और पत्थर के कारोबारियों से भी लेवी वसूल की जाती थी.

राजनीतिक संगठन से नक्सली संगठन तक

ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश गोप ने वर्ष 2004 में झारखंड लिबरेशन टाइगर नामक संगठन का गठन राजनीतिक दल के तौर पर किया था. शुरुआत में इसमें केवल 40 सदस्य थे और यह खूंटी, गुमला, रांची, सिमडेगा समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय था. वर्ष 2008 में झारखंड सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया. इसके बाद इसका नाम बदलकर पीएलएफआई रख दिया गया और संगठन को चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, स्टेट प्रेसीडेंट, कमांडर और विभिन्न स्तरों पर पदों में बांटा गया.

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ठेकेदारों पर हमले और आगजनी

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि नक्सली संगठन पीएलएफआइ चीफ दिनेश गोप स्थानीय कमांडरों के जरिए लेवी की वसूली करता था. जो ठेकेदार पैसे देने से इंकार करते थे, उनकी परियोजनाओं पर हमला कर दिया जाता था और निर्माण स्थल पर आगजनी की घटनाएं होती थीं. जांच में यह भी सामने आया कि 2008 से 2012 तक गोप हर साल लगभग एक करोड़ रुपये की लेवी वसूलता था, जबकि 2012 से 2020 के बीच यह रकम बढ़कर दो करोड़ रुपये वार्षिक हो गई. यानी इस अवधि में उसने करीब 20 करोड़ रुपये की उगाही की.

शेल कंपनियों के जरिए मनी लाउंड्रिंग

ईडी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गोप ने अपने सहयोगी सुमंत, पत्नी हीरा देवी और शकुंतला देवी के नाम से कई शेल कंपनियां बनाई थीं. लेवी से जुटाए गए नकद धन को इन्हीं कंपनियों के जरिए बैंक खातों में जमा कराया जाता था. बाद में इन कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मनी लाउंड्रिंग की गई.

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Muzaffarpur
मनियारी पुलिस ने पकड़ी विदेशी शराब से भरी पिकअप.

Jharkhand Liquor Shop : झारखंड सरकार की नई उत्पाद नीति के तहत अब शराब की खुदरा बिक्री निजी हाथों में सौंपी जा रही है. शुक्रवार को पूरे राज्य में दुकानों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई, जिससे विभाग को लगभग 40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. नई व्यवस्था में कुल 1343 दुकानों को लाइसेंस दिया जाएगा. इनमें 1184 कंपोजिट दुकानें होंगी, जहां देसी और विदेशी दोनों तरह की शराब बिकेगी, जबकि 159 दुकानों पर सिर्फ देसी शराब उपलब्ध रहेगी.

राजधानी रांची में सबसे अधिक 150 दुकानें खोलने की तैयारी है. इस प्रक्रिया में झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कारोबारी भी शामिल हुए.

कीमतों में बदलाव: विदेशी शराब सस्ती, देसी ब्रांड महंगे

नई नीति के लागू होने के साथ शराब की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव होगा. सरकार ने जहां वैट घटाया है, वहीं एक्साइज ड्यूटी और ट्रांसपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है. ऐसे में कई लोकप्रिय ब्रांड की कीमतें 10 से 20 रुपये तक बढ़ेंगी. दूसरी ओर, विदेशों में निर्मित शराब पहले की तुलना में सस्ती हो जाएगी.

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रामगढ़ में 42 दुकानों का लाइसेंस आवंटन

रामगढ़ जिले में 42 शराब दुकानों की बंदोबस्ती की गई. इसके लिए 12 अलग-अलग समूह बनाए गए थे. 20 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे और प्रशासन को कुल 178 आवेदन मिले थे. शुक्रवार को ई-लॉटरी के जरिए समूहवार दुकानों का आवंटन किया गया.

हर ग्रुप से अलग-अलग संख्या में आवेदन आए, जिनमें सबसे अधिक 30 आवेदन पहले ग्रुप में और सबसे कम 2 आवेदन छठे ग्रुप में मिले. अब एक सितंबर से चयनित निजी लाइसेंसधारी जिले में खुदरा बिक्री शुरू करेंगे.

गुमला में 57 करोड़ की लॉटरी से बंटी दुकानें

गुमला जिले में समाहरणालय परिसर स्थित उत्पाद विभाग कार्यालय में लॉटरी निकाली गई. यहां दुकानों की बंदोबस्ती 57 करोड़ रुपये में हुई है. अधिकारियों ने बताया कि यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है और हर साल इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. जिले से कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए थे. लॉटरी प्रक्रिया के बाद पांच समूहों का चयन किया गया, जिन्हें पूरे जिले में दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है.

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गैंगस्टर मयंक सिंह को अजरबैजान से लाया गया भारत
गैंगस्टर मयंक सिंह को अजरबैजान से लाया गया भारत

Gangster Mayank Singh Video : कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर शनिवार सुबह झारखंड एटीएस रांची लेकर आई. आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) की टीम पुलिस अधीक्षक ऋषव कुमार झा के नेतृत्व में विशेष मिशन पर गई थी. दोनों देशों के बीच औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आरोपी को भारत लाया गया. एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद एटीएस ने उसे सुरक्षा घेरे में लेकर सीधे वाहन में बैठाया. इस पूरी कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है.

झारखंड पुलिस के इतिहास में पहली बार सफल प्रत्यर्पण

एटीएस एसपी ऋषव झा ने बताया कि यह झारखंड पुलिस के इतिहास में पहला मौका है, जब किसी अपराधी को विदेश से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य पुलिस, मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हो पाई है. अधिकारियों को उम्मीद है कि विदेशों में छिपे बाकी अपराधियों को भी इसी तरह जल्द वापस लाया जाएगा.

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50 से ज्यादा मामलों में वांछित, जानें किस गिरोह से जुड़ाव

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मयंक सिंह पर झारखंड, राजस्थान और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार वह कुख्यात अमन साहू गिरोह का करीबी माना जाता है और राजस्थान में सक्रिय कई गैंगस्टरों से उसके सीधे संपर्क की बात सामने आई है. एटीएस अधिकारियों का कहना है कि उससे पूछताछ कर अन्य कनेक्शन और आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी.

अदालत में पेशी की तैयारी

सूत्रों के अनुसार आरोपी को रामगढ़ की अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस उसकी रिमांड लेने की कोशिश करेगी. बता दें कि मयंक सिंह को अजरबैजान में अक्टूबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था और तब से प्रत्यर्पण प्रक्रिया चल रही थी.

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बिहार के इंटर्न डॉक्टरों का विरोध; 2 दिनों में मांगें नहीं मानी गईं तो ठप होगा कामकाज

इंटर्न डॉक्टरों का विरोध
इंटर्न डॉक्टरों का विरोध

Nalanda Medical College: नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) के इंटर्न डॉक्टरों ने शनिवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि बिहार में हर तीन साल पर इंटर्नशिप स्टाइपेंड की समीक्षा होनी चाहिए, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी अब तक इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.

पांच साल से रुका स्टाइपेंड

इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें अब भी वही 20 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड मिल रहा है, जो पांच साल पहले तय किया गया था. उनका कहना है कि पड़ोसी राज्यों में इंटर्न्स को इससे कहीं अधिक राशि दी जा रही है. छात्रों ने मांग की है कि बिहार सरकार तुरंत इसका रिवीजन कर उनके स्टाइपेंड को दोगुना करे.

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सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप

छात्रों का कहना है कि इस मसले को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से भी मुलाकात की थी, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. प्रदर्शनकारी इंटर्न्स ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मंगलवार से अस्पताल की ओपीडी समेत सभी नियमित चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार करेंगे.

प्रशासन सुलह की कोशिश में

अस्पताल प्रबंधन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत शुरू कर दी है और समाधान निकालने का आश्वासन दिया है. हालांकि छात्रों का रुख अब भी सख्त बना हुआ है.

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वोटर अधिकार यात्रा का आज समापन
वोटर अधिकार यात्रा का आज समापन

Rahul Gandhi Voter Adhikar Yatra: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कटिहार जिले के कुरसेला से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की. सुबह उन्होंने कुरसेला स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी और फिर जनसंपर्क यात्रा को आगे बढ़ाया. इस दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब राहुल गांधी गाड़ी से उतरकर सीधे मखाना की खेती में पहुंच गए.

खेतों में मौजूद किसानों से उन्होंने हालचाल पूछा और खेती की समस्याओं पर चर्चा की. इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राहुल गांधी किसानों के बीच खड़े होकर उनसे बात करते नजर आ रहे हैं.

जिला कांग्रेस ने संभाली कमान

यात्रा को सफल बनाने के लिए जिला कांग्रेस ने पूरी तैयारी की है. कुरसेला चौक से यात्रा की आधिकारिक शुरुआत को लेकर स्थानीय स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कई बैठकें कीं. जिलाध्यक्ष के आवास को कंट्रोल रूम में बदल दिया गया है, जहां से पूरे अभियान पर नजर रखी जा रही है.

भागलपुर में की सभा, तेजस्वी भी रहे साथ

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इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी ने मुंगेर से यात्रा की शुरुआत की थी, जो भागलपुर तक पहुंची. भागलपुर घंटाघर चौक पर आयोजित सभा में राहुल गांधी ने जनता को संबोधित किया. इस दौरान प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, भाकपा माले के दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी भी मौजूद रहे. यात्रा के क्रम में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने खानकाह रहमानी जाकर अमीर-ए-शरीअत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी से मुलाकात की.

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Education News
18 जनवरी को होगी प्रवेश परीक्षा.

Ranchi University BEd Admission: रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों की हालत चिंताजनक हो गई है. रांची वीमेंस कॉलेज, डोरंडा कॉलेज और गुमला का केओ कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में इस समय बीएड की कक्षाओं में एक भी छात्र मौजूद नहीं है. इसका असर शिक्षकों पर भी पड़ रहा है—करीब 45 शिक्षक बिना पढ़ाए ही वेतन लेने को मजबूर हैं.

28 कॉलेज प्रभावित

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े 28 बीएड कॉलेजों में यही स्थिति बनी हुई है. हर शिक्षक को लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन मिलता है, लेकिन विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं.

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परीक्षा के बाद छात्रों की गैरहाजिरी

बीएड द्वितीय वर्ष (सत्र 2023–25) की फाइनल परीक्षा अगस्त 2025 से प्रस्तावित है. परीक्षा कार्यक्रम जारी होते ही छात्रों ने कॉलेज आना छोड़ दिया. वहीं बीएड प्रथम वर्ष (सत्र 2024–26) के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है. सितंबर में परीक्षा तय है, लेकिन इन छात्रों की उपस्थिति भी अब नगण्य रह गई है.

नया सत्र शुरू होने से पहले ही संकट

सबसे गंभीर स्थिति बीएड सत्र 2025–27 की है. यह नया सत्र एक अगस्त से शुरू होना था, लेकिन नामांकन प्रक्रिया अटक गई है. झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) ने चार जुलाई को रिजल्ट जारी करने के बाद सात जुलाई को अचानक परिणाम और काउंसलिंग दोनों रद्द कर दिए.

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अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में

रिजल्ट रद्द हुए डेढ़ महीने से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन न तो नया परिणाम जारी हुआ और न ही कॉलेजों या छात्रों को कोई अपडेट मिला. इस वजह से नए सत्र में प्रवेश लेने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते परिणाम घोषित नहीं किया गया तो नामांकन महीनों तक टल सकता है और पूरा शैक्षणिक कैलेंडर अस्त-व्यस्त हो जाएगा.

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Weather New Update: झारखंड में मौसम का कहर, रहें सतर्क; 30 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी

48 घंटे पड़ेगी कड़ाके की ठंड, अलर्ट जारी
48 घंटे पड़ेगी कड़ाके की ठंड, अलर्ट जारी.

Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे लो-प्रेशर सिस्टम का असर झारखंड पर साफ दिख रहा है. 30 अगस्त तक प्रदेश में बारिश और वज्रपात का दौर जारी रहने का अनुमान है. शुक्रवार को सुबह से ही कई जिलों में बारिश देखने को मिली. चाइबासा में सबसे ज्यादा 93 मिमी वर्षा हुई, वहीं रांची में 15 मिमी, मेदिनीनगर में 3 मिमी और जमशेदपुर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई.

गढ़वा, पलामू और लातेहार में भारी बारिश की संभावना

मौसम केंद्र रांची के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, 23 अगस्त को गढ़वा, पलामू और लातेहार जिले में तेज वर्षा की आशंका है. यहां ऑरेंज अलर्ट दिया गया है. इसके साथ ही लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा और दुमका जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है. इन जगहों के लिए येलो अलर्ट लागू किया गया है.

रांची समेत कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश

24 अगस्त को रांची सहित गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, चतरा, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का अनुमान है.

25 अगस्त को कई जिलों में फिर बरसेगा पानी

25 अगस्त को गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम और खूंटी में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है. इन जिलों को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम

25 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है. इसके चलते शनिवार को गढ़वा, पलामू और लातेहार में ऑरेंज अलर्ट जबकि 10 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा. रविवार को रांची समेत करीब 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

चतरा जिले में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

इधर, चतरा जिले में शुक्रवार को बारिश ने भारी तबाही मचाई. गिद्धौर में सियारी पार नदी उफान पर आने से एक दंपती की मौत हो गई. वहीं पत्थलगड़ा के नोनगांव गांव में तेज बहाव में बह जाने से 70 वर्षीय परमेश्वर साव की जान चली गई.

बांध टूटे, सड़कें डूबीं, गांव जलमग्न

लगातार बारिश से चतरा जिले के कई बांध टूट गए और सड़कों पर पानी भर गया. इटखोरी, कान्हाचट्टी और गिद्धौर में हालात सबसे खराब हैं. कई घर जलमग्न हो गए हैं और गिद्धौर प्रखंड कार्यालय तक पानी भर गया है.

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थराली क्षेत्र में तबाही का मंजर
थराली क्षेत्र में तबाही का मंजर

Cloudburst Video : उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार आधी रात बाद बादल फटने की घटना ने हालात बिगाड़ दिए. थराली कस्बे और आसपास के गांवों में भारी बारिश और मलबे के चलते तबाही मच गई. अचानक आए पानी के सैलाब ने कई घरों, दुकानों और सड़कों को बहा दिया.

SDRF और प्रशासन जुटा राहत कार्य में

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और SDRF की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश जारी है.

बाजार में मलबा, एक व्यक्ति लापता

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चेपड़ों बाजार में कई दुकानों को भारी नुकसान हुआ है. स्थानीय लोगों के मुताबिक एक व्यक्ति लापता है, जिसकी तलाश जारी है. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं.

सामने आया भयावह वीडियो

बादल फटने के बाद का भयावह वीडियो भी सामने आया है. इसमें चारों ओर मलबा, तबाही और घबराहट का मंजर साफ देखा जा सकता है.

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ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ा कानून
ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ा कानून

Online Gaming Ban: भारत में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर अब पूरी तरह रोक लग गई है. संसद से पारित ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून बन गया है. इसके तहत मनी गेमिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वालों को तीन साल तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ेगा. वहीं, विज्ञापन या प्रचार करने वालों पर दो साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का दंड लगाया जाएगा.

प्रचार पर भी सख्त कार्रवाई

सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाना ही नहीं, बल्कि उसका प्रचार भी अपराध माना जाएगा. इस कदम का उद्देश्य समाज में फैल रही इस लत पर पूरी तरह लगाम लगाना है.

रिकॉर्ड समय में पास हुआ बिल

इस बिल को पारित करने में संसद ने अभूतपूर्व तेजी दिखाई. राज्यसभा ने 26 मिनट और लोकसभा ने केवल 7 मिनट में इसे मंजूरी दे दी. राजनीतिक दलों में इस मुद्दे पर सहमति बनी रही और इसे समाजहित में जरूरी माना गया.

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मंत्री ने बताया “समाजिक बुराई”

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग गंभीर सामाजिक बुराई बन चुकी है. कई लोग अपनी जीवनभर की बचत इसमें गंवा चुके हैं. उन्होंने जोर दिया कि संसद और सरकार का कर्तव्य है कि ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाए.

प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कानून का समर्थन करते हुए कहा था कि यह कदम ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा और उन गेम्स को रोकेगा, जो लोगों की मानसिक और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

कंपनियों पर तुरंत असर

कानून लागू होने के तुरंत बाद ड्रीम11, विंजो जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने भारत में अपना परिचालन बंद करने की घोषणा कर दी. कंपनियों ने कहा कि इस सख्त कानून के बाद अब वे यहां अपनी सेवाएं जारी नहीं रख सकते.

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सरकार करेगी समीक्षा

आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि कानून के प्रावधानों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संशोधन भी संभव है.

परिवारों को राहत की उम्मीद

सरकार का मानना है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, जो ऑनलाइन गेमिंग की वजह से आर्थिक संकट और मानसिक तनाव झेल रहे थे. यह कानून न सिर्फ डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि भारत को गेमिंग की खतरनाक प्रवृत्तियों से भी बचाने का प्रयास है.

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