26.1 C
Delhi
15 February 2026, Sunday
Home Blog Page 29

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Maha Twist : भिड़ेंगे अरमान-अभीरा, कहानी लेगी खतरनाक मोड़; खतरे में वाणी की जान

Yeh Rishta
Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Maha Twist

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Maha Twist : स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक ये रिश्ता क्या कहलाता है के आज रात के एपिसोड में दर्शकों को जबरदस्त ड्रामा देखने को मिलेगा. कहानी एक बार फिर अभीरा और अरमान के आमने-सामने आने से तेज मोड़ लेती नजर आएगी, जहां सच और भावनाओं की टकराहट देखने को मिलेगी.

एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अभीरा, अरमान से वीडियो को पूरा देखने की जिद करती है. अरमान का मानना होता है कि वीडियो में रजत की सच्चाई साफ नजर आ रही है और उसे ज्यादा देखने की जरूरत नहीं. वहीं अभीरा सवाल उठाती है कि अधूरी जानकारी के आधार पर कोई फैसला कैसे लिया जा सकता है.

इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो जाती है. अरमान, अभीरा पर आरोप लगाता है कि वह मेहर के दर्द को नजरअंदाज कर रही है. जवाब में अभीरा बताती है कि अनीता ने अपनी मौत से पहले उसे सच्चाई से अवगत कराया था और वह इस मामले की तह तक जाने से पीछे नहीं हटेगी.

इसे भी पढ़ें-बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला कार्तिक-अनन्या का जादू, सिर्फ इतने करोड़ कमाए

घर में मित्तल पोद्दार परिवार की एंट्री

आगे कहानी में मित्तल पोद्दार परिवार की एंट्री होती है, जिसे देखकर अभीरा और अरमान दोनों चौंक जाते हैं. मित्तल अरमान को बताता है कि मेहर ने जरूरी दस्तावेजों पर साइन कर दिए हैं, जिससे केस को दोबारा खोला जा सकता है. वह मायरा का जन्मदिन खराब होने के लिए माफी भी मांगता है, लेकिन घर का माहौल फिर भी तनावपूर्ण बना रहता है.

वाणी और मायरा के बीच उलझी अभीरा

इसी बीच अभीरा देखती है कि वाणी की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है. वह उसे संभालने जाती है, तभी मायरा अपनी मां से यह कहकर झूठ बोल देती है कि उसकी भी तबीयत ठीक नहीं है. इस हालात में अभीरा दोनों बच्चों की देखभाल को लेकर असमंजस में पड़ जाती है. अंत में अरमान मायरा के पास रुकने का फैसला करता है, जबकि अभीरा वाणी की जिम्मेदारी संभालती है.

केस वापस लेने का दबाव

आने वाले दृश्यों में विद्या और कावेरी, अभीरा पर केस वापस लेने का दबाव बनाती हैं. हालांकि अभीरा साफ कह देती है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आ जाती, वह पीछे हटने वाली नहीं है. वह उनसे मायरा और वाणी की देखभाल में मदद मांगती है, लेकिन दोनों इससे इनकार कर देती हैं. मजबूरन अभीरा खुद ही दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लेती है.

वाणी की जान पर मंडराया खतरा

एपिसोड का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आएगा, जब मनीषा अभीरा को बताएगी कि वाणी घर से अचानक गायब हो गई है. दूसरी ओर वाणी को सड़क पर भागते हुए दिखाया जाएगा, जहां मेहर की नजर उस पर पड़ती है. हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि मेहर की कार वाणी से टकराने ही वाली होती है. ठीक उसी वक्त अभीरा अपनी जान जोखिम में डालकर वाणी को बचा लेती है.

आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस घटना के बाद सच सामने आएगा और अभीरा की कोशिशें रंग लाएंगी या नहीं.

इसे भी पढ़ें-प्रभास की ‘द राजा साब’ का बॉक्स ऑफिस ग्राफ नीचे, डे-4 कलेक्शन ने चौंकाया

इसे भी पढ़ें-आसान और स्वादिष्ट खाना बनाने के लिए कुछ बेहतरीन टिप्स, फिर मिलेगी वाहवाही

इसे भी पढ़ें-लोहड़ी पर लिपस्टिक शेड से बनाएं अपना फेस्टिव स्टेटमेंट, ये करें ट्राई

Success Tips : दिन की शुरुआत में ये 4 काम कभी नहीं करते सफल लोग, यहीं छिपा है सफलता का राज

Yoga
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Success Tips : सुबह का समय इंसान के पूरे दिन की बुनियाद माना जाता है. जैसे ही नींद खुलती है, उसी पल से दिमाग और शरीर आने वाले घंटों के लिए खुद को तैयार करने लगते हैं. हर व्यक्ति चाहता है कि उसका दिन बेहतर हो और जीवन में आगे बढ़ने के मौके मिलें, लेकिन बहुत कम लोग यह समझ पाते हैं कि कामयाबी की शुरुआत बड़ी चीजों से नहीं, बल्कि रोज की छोटी आदतों से होती है.

अक्सर जब हम सफल लोगों को देखते हैं, तो उनकी उपलब्धियों और पद पर ही ध्यान जाता है. लेकिन उनके दिन की शुरुआत कैसे होती है, वे सुबह किन बातों से दूरी बनाते हैं, इस पर कम चर्चा होती है. जबकि सच यह है कि कुछ गलत आदतें ऐसी होती हैं, जो अगर सुबह-सुबह दोहराई जाएं, तो पूरा दिन बिगड़ सकता है. सफल लोग इन्हीं गलतियों से खुद को बचाकर रखते हैं.

सुबह का पहला वक्त मोबाइल को नहीं देते

आज की डिजिटल दुनिया में फोन हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. लेकिन जो लोग आगे बढ़ना चाहते हैं, वे सुबह उठते ही स्क्रीन में खो नहीं जाते. सोशल मीडिया, ईमेल और नोटिफिकेशन दिमाग को बिना वजह व्यस्त कर देते हैं. सफल लोग जानते हैं कि दिन की शुरुआत शांति और साफ सोच के साथ होनी चाहिए, इसलिए वे सबसे पहले खुद पर और अपने विचारों पर ध्यान देते हैं, न कि मोबाइल पर.

आलस को सुबह के दरवाजे से ही लौटा देते हैं

देर तक बिस्तर में पड़े रहना कई लोगों की आदत बन चुकी है. लेकिन कामयाब लोग सुबह के समय को हल्के में नहीं लेते. वे जानते हैं कि सुबह का आलस पूरे दिन की गति को धीमा कर देता है. समय पर उठना न सिर्फ अनुशासन सिखाता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है. यही वजह है कि सफल लोग दिन की शुरुआत सक्रिय रहकर करते हैं.

नकारात्मक विचारों को जगह नहीं देते

जो व्यक्ति हर सुबह शिकायतों, डर या बीते कल की गलतियों में उलझा रहता है, उसके लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है. सफल लोग इस बात को अच्छी तरह समझते हैं. वे दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करते हैं और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं. उनका मानना होता है कि सोच सही होगी, तो हालात अपने आप संभलने लगते हैं.

बिना दिशा तय किए आगे नहीं बढ़ते

कामयाबी पाने वाले लोग कभी भी यूं ही दिन की शुरुआत नहीं करते. उनके पास यह साफ होता है कि आज उन्हें किन कामों पर ध्यान देना है. सुबह की गई छोटी सी योजना उन्हें पूरे दिन फोकस बनाए रखने में मदद करती है. वे मानते हैं कि बिना योजना काम करने से न तो नतीजे मिलते हैं और न ही संतोष.

इन आदतों को अपनाकर और गलतियों से बचकर कोई भी व्यक्ति अपने दिन को बेहतर बना सकता है. धीरे-धीरे यही सुबह की सही शुरुआत जीवन में बड़े बदलाव लाने लगती है.

इसे भी पढ़ें-आसान और स्वादिष्ट खाना बनाने के लिए कुछ बेहतरीन टिप्स, फिर मिलेगी वाहवाही

इसे भी पढ़ें-लोहड़ी पर लिपस्टिक शेड से बनाएं अपना फेस्टिव स्टेटमेंट, ये करें ट्राई

Bomb Threat : दिल्ली–पटना तेजस राजधानी को बम से उड़ाने की धमकी, इंवेस्टिगेशन एजेंसियां अलर्ट, कई स्टेशनों पर जांच

Tejas Rajdhani
तेजस राजधानी एक्सप्रेस (फोटो: सोशल मीडिया).

Bomb Threat: दिल्ली से पटना जा रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस उस वक्त सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में आ गई, जब ट्रेन को लेकर बम रखे जाने की सूचना सामने आई. इस खबर से यात्रियों के बीच बेचैनी का माहौल बन गया और रेलवे प्रशासन में भी हलचल मच गई. सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया. ट्रेन में मौजूद यात्रियों को किसी भी अनहोनी की आशंका सताने लगी. सुरक्षा कारणों से पूरे रूट पर निगरानी बढ़ा दी गई. रेलवे और पुलिस विभाग के अधिकारी लगातार संपर्क में बने रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई.

दिल्ली से निकलने के बाद मिला फोन

जानकारी के अनुसार, ट्रेन के दिल्ली से खुलने के करीब डेढ़ घंटे बाद धमकी भरा फोन आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि ट्रेन की एक बोगी में विस्फोटक रखा गया है. सबसे पहले यह सूचना पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के आरपीएफ अधिकारियों को दी गई. इसके बाद पटना रेल प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी गई. उस समय ट्रेन अलीगढ़ के आसपास पहुंच रही थी. सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया. सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया.

अलीगढ़ स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

हालांकि अलीगढ़ स्टेशन पर तेजस राजधानी का नियमित ठहराव नहीं होता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से ट्रेन को वहां रोक दिया गया. स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और जीआरपी के जवान तैनात कर दिए गए. अन्य जांच एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं. यात्रियों को अपनी सीटों पर ही बने रहने को कहा गया. स्टेशन परिसर को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. पूरे माहौल में सख्ती साफ नजर आ रही थी. किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई.

दो घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

अलीगढ़ स्टेशन पर करीब दो घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया. ट्रेन के सभी कोचों की एक-एक कर जांच की गई. यात्रियों के बैग, सीटों के नीचे और तकनीकी हिस्सों को भी खंगाला गया. सुरक्षा बलों ने हर कोने को ध्यान से चेक किया. किसी भी संदिग्ध वस्तु को नजरअंदाज नहीं किया गया. जांच के दौरान यात्रियों को लगातार सूचना दी जाती रही. पूरे ऑपरेशन पर वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए थे.

प्रयागराज और डीडीयू जंक्शन पर दोबारा जांच

अलीगढ़ से रवाना होने के बाद ट्रेन को प्रयागराज के पास सुबेदारगंज स्टेशन पर रोका गया. यहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया. इसके बाद पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर फिर से जांच की गई. हर कोच को दोबारा चेक किया गया. सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई. रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. यात्रियों को लगातार हालात की जानकारी दी जाती रही.

बिहार में प्रवेश के साथ हाई अलर्ट

ट्रेन के बिहार में दाखिल होते ही सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. बक्सर, दानापुर और पटना जंक्शन को हाई अलर्ट पर रखा गया. इन स्टेशनों पर डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए. हैंड मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों से जांच की गई. यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी ली गई. कोचों के अलावा प्लेटफॉर्म एरिया भी चेक किया गया. पूरे स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई.

वॉशरूम और पैंट्री कार तक जांच

जांच अभियान के दौरान ट्रेन के वॉशरूम, पैंट्री कार और अन्य तकनीकी हिस्सों को भी खंगाला गया. हर छोटे-बड़े हिस्से की जांच की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी तरह का खतरा न रह जाए. कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई. सभी यात्रियों पर नजर रखी गई. पूरे अभियान में कई घंटे का समय लगा. ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले पूरी तरह संतुष्टि की गई.

कई घंटे की देरी से पटना पहुंची ट्रेन

लगातार चलती रही जांच के कारण तेजस राजधानी अपने तय समय से काफी पीछे हो गई. अलीगढ़ से दानापुर तक चले सुरक्षा अभियान का असर पूरे शेड्यूल पर पड़ा. ट्रेन करीब पौने छह घंटे की देरी से पटना जंक्शन पहुंची. स्टेशन पर भी सुरक्षा बल पहले से तैनात थे. ट्रेन के पहुंचते ही दोबारा निगरानी की गई. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.

जांच एजेंसियां कॉल की कर रही पड़ताल

पटना रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया कि बिहार में की गई जांच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि जांच से जुड़ी सभी जानकारियां संबंधित आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों को भेज दी गई हैं. वहीं धमकी भरे फोन कॉल की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. नंबर की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. दिल्ली की जांच एजेंसियां भी मामले में जुटी हुई हैं. दोषी तक पहुंचने के लिए हर स्तर पर जांच जारी है.

इसे भी पढ़ें-लातेहार में रिजर्व बस पलटी, 6 की मौत, 2 दर्जन से ज्यादा यात्री घायल

इसे भी पढ़ें-बक्सर ट्रेन में छिनतई, श्रद्धालु घायल और महिला यात्रियों के साथ छीना-झपटी

Latehar Road Accident : लातेहार में रिजर्व बस पलटी, 6 की मौत, 2 दर्जन से ज्यादा यात्री घायल

Latehar
लातेहार में रिजर्व बस पलटी

Latehar Road Accident : लातेहार जिले में रविवार को ओरसा घाटी में एक रिज़र्व बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. बस छत्तीसगढ़ से आ रही थी और अचानक नियंत्रण खो बैठी, जिससे कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार छह लोगों की मौत हुई है, जबकि 30 से अधिक घायल हैं. प्रशासन ने अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

हादसे में घायल अधिकांश लोग बलरामपुर के महाराजगंज गांव से सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे. बस पलटने के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने मदद के लिए दौड़ लगाई और प्रशासन को सूचना दी.

मौके पर स्वास्थ्य और प्रशासनिक टीम तैनात

महुआडांड़ के एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. महुआडांड़, गारू और नेतरहाट की स्वास्थ्य टीम एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंची. घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर मामलों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया.

स्थानीय लोगों ने भी निजी वाहनों से घायल यात्रियों को अस्पताल पहुँचाने में मदद की. एसडीएम ने कहा कि घायलों का इलाज जारी है और मृतकों व घायलों की स्थिति का आधिकारिक आंकड़ा चिकित्सा जांच के बाद जारी किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें-रांची ईडी ऑफिस पर पुलिस कार्रवाई, आरोप और राजनीतिक बहस तेज; हेमंत सरकार पर लगा बड़ा आरोप

इसे भी पढ़ें-झारखंड की खास परंपरा; यहां लगता सिर्फ महिलाओं का अनोखा मेला, नहीं होता पुरुषों का प्रवेश

Bihar News : बिहार में नेशनल और स्टेट हाईवे पर अब नहीं चलेंगे ई-रिक्शा, जानिए वजह

E-rickshaws
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar News : बिहार सरकार ने राज्य के नेशनल और स्टेट हाईवे पर यातायात सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अहम निर्णय लिया है. परिवहन विभाग ने सभी जिलों के डीटीओ को आदेश जारी किया है कि अब राज्य के लगभग 10 हजार किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क पर ई-रिक्शा का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. यह नियम पटना के न्यू बाइपास, बिहटा–सरमेरा रोड, पटना–गया रोड, फुलवारीशरीफ–दानापुर–बिहटा रोड सहित पूरे राज्य के 6389 किलोमीटर नेशनल हाईवे और 3617 किलोमीटर स्टेट हाईवे पर लागू होगा.

रोक लगाने का क्या है मकसद?

परिवहन मंत्री के निर्देश के अनुसार, ई-रिक्शा और जुगाड़ गाड़ियां हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा करती हैं. ई-रिक्शा की गति सीमित होती है, जबकि हाईवे पर बसें, ट्रक और कारें तेज रफ्तार में चलती हैं. इससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. इसके अलावा, हाईवे का निर्माण भारी और तेज गति वाले वाहनों के लिए किया गया है. ई-रिक्शा न तो पर्याप्त गति पकड़ सकते हैं और न ही अचानक ब्रेक या मोड़ को सुरक्षित तरीके से संभाल सकते हैं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि सभी जिलों में इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना, वाहन जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है.

जुगाड़ वाहनों पर भी सख्त रोक, यातायात सुरक्षा को बढ़ावा

परिवहन विभाग ने जुगाड़ वाहनों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. ये वाहन बिना पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा के चल रहे हैं, जिससे सड़क पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है. तकनीकी रूप से असुरक्षित ये वाहन दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं. ग्रामीण और शहरी इलाकों में इनका इस्तेमाल न केवल माल ढुलाई बल्कि यात्रियों के परिवहन के लिए भी किया जाता है. अधिकांश जुगाड़ वाहनों में ब्रेक सिस्टम, हेडलाइट, इंडिकेटर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जो सड़क सुरक्षा के लिहाज से जोखिम बढ़ाते हैं.

इसे भी पढ़ें-पटना में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पैदल चल रहे युवक को कुचला, मौके पर मौत

इसे भी पढ़ें-पटना में प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया

बंगाल के सिंगूर में मोदी करेंगे विकास परियोजनाओं का शुभारंभ; चुनावी पोस्टर विवाद से माहौल गर्म

PM Modi
बंगाल के सिंगूर में मोदी करेंगे विकास परियोजनाओं का शुभारंभ.

Modi in Singur: बंगाल के सिंगूर इलाके में 18 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सिंगूर लंबे समय से भूमि आंदोलन और औद्योगिक विवाद के लिए जाना जाता रहा है. 2008 में टाटा मोटर्स का नैनो प्रोजेक्ट इस इलाके से गुजरात चला गया था, जिसने बंगाल में औद्योगिक ठहराव और राजनीतिक विवाद को जन्म दिया. अब वही सिंगूर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम और जनसभा का मंच बनने जा रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी असम से सिंगूर पहुंचेंगे और हुगली जिले में कुल 830 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं उद्घाटन करेंगे. इसमें नई जयरामबती-गोपीनाथ-मयनापुर रेलवे लाइन, बालागढ़ में ‘एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम’, और पर्यटन व जल परिवहन के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक बोट शामिल हैं. इसके अलावा सिंगूर से तीन अमृत भारत ट्रेनें रवाना की जाएंगी, जो कोलकाता को दिल्ली, बनारस और चेन्नई से जोड़ेगी.

टाटा नैनो प्रोजेक्ट के 17 साल बाद मोदी का दौरा

सिंगूर से जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है. 17 साल पहले टाटा मोटर्स का नैनो प्रोजेक्ट सिंगूर से गुजरात चला गया, जिसे बंगाल के औद्योगिक ठहराव और अवसरों की हानि के रूप में देखा गया. भाजपा इसे चुनावी रणनीति के तहत औद्योगिक ठहराव और निवेश की कमी का प्रतीक मान रही है. पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री का दौरा न केवल निवेशकों को संदेश देगा, बल्कि आम जनता को यह दिखाने का प्रयास भी है कि औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए नए प्रयास किए जा सकते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतीकात्मक माना जा रहा है. यह संकेत भी देता है कि टाटा के जाने के बाद बंगाल पिछड़ा नहीं रहा है, बल्कि नई परियोजनाओं और निवेश के माध्यम से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया जा रहा है.

830 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

प्रधानमंत्री मोदी सिंगूर में कुल 830 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इनमें नई जयरामबती-गोपीनाथ-मयनापुर रेलवे लाइन, बालागढ़ में ‘एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम’, और हुगली नदी के किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक बोट शामिल हैं. पीएमओ की ओर से बताया गया कि यह छह इलेक्ट्रिक बोटों में से पहली है, जिन्हें स्वदेशी रूप से अंतर्देशीय जल परिवहन के लिए निर्मित किया गया है.

इसके अलावा सिंगूर से तीन अमृत भारत ट्रेनें रवाना की जाएंगी, जो कोलकाता को दिल्ली, बनारस और चेन्नई से जोड़ेंगी. इस कदम का उद्देश्य न केवल परिवहन और व्यापार को बेहतर बनाना है, बल्कि राज्य में औद्योगिक और आर्थिक निवेश के लिए एक स्पष्ट संदेश देना भी है.

सिंगूर दौरे से पहले पोस्टर विवाद और चुनावी तनाव

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले सिंगूर में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है. रतनपुर इलाके में सड़क किनारे विवादित पोस्टर लगाए गए, जिनमें मोदी को निशाना बनाया गया और नागरिकता से जुड़ा आरोप लगाया गया. भाजपा का आरोप है कि यह पोस्टर तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं, जबकि तृणमूल इसे आम जनता की प्रतिक्रिया बता रही है.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संदेश और रणनीति का हिस्सा है. चुनाव के दृष्टिकोण से इसे प्रतीकात्मक रूप से देखा जा रहा है, जिससे जनता और निवेशकों के बीच राजनीतिक संदेश और विकास संबंधी संकेत दोनों भेजे जा सकें.

चुनाव और विकास के दृष्टिकोण से मोदी का सिंगूर दौरा

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा चुनाव और विकास दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा इसे न केवल औद्योगिक और निवेश के संदेश के रूप में प्रस्तुत कर रही है, बल्कि आम जनता और चुनावी रणनीति के लिए भी इसे रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, सिंगूर दौरे के माध्यम से भाजपा यह दिखाना चाहती है कि औद्योगिक और आर्थिक विकास राज्य की प्राथमिकता है और इसे लागू करने के लिए पार्टी तैयार है.

इस दौरे में उद्घाटन और शिलान्यास की जाने वाली परियोजनाएं बंगाल में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. साथ ही चुनावी माहौल में यह दौरा पार्टी के संदेश को मजबूत करेगा और जनता के बीच विकास और औद्योगिक निवेश का भरोसा बनाएगा.

इसे भी पढ़ें-मुर्शिदाबाद में हालात तनावपूर्ण, सांसद यूसुफ पठान पर उठे सवाल; तृणमूल ने दी सफाई

Buxar News : बक्सर ट्रेन में छिनतई, श्रद्धालु घायल और महिला यात्रियों के साथ छीना-झपटी

snatching in train
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Buxar News : गंगा स्नान के लिए बक्सर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की यात्रा उस समय भयावह हो गई, जब चलती ट्रेन के अंदर अपराध की घटना सामने आई. फतुआ से बक्सर जा रही पैसेंजर ट्रेन संख्या 53261 में यात्रियों के साथ छिनतई की वारदात हुई, जिससे ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई. यह घटना दानापुर–बक्सर रेलखंड पर बरुना और बक्सर स्टेशन के बीच रात के समय घटित हुई.

किस तरह से घटी घटना?

घटना के दौरान गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनोद मटियानी गांव निवासी सूरज ठाकुर उर्फ मंगरु ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए. वे लक्ष्मण ठाकुर के पुत्र हैं और गंगा स्नान के उद्देश्य से ही बक्सर की ओर जा रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के एक डिब्बे में अचानक दो युवक घुसे और महिला यात्रियों सहित अन्य श्रद्धालुओं से जबरन सामान छीनने लगे.

अपराधियों का विरोध करने पर सूरज ठाकुर के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसमें उन्हें चोटें आईं. घटना के बाद कुछ देर के लिए ट्रेन के उस हिस्से में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई यात्री भय के कारण अपने स्थान से हिलने तक की हिम्मत नहीं कर पाए.

राजकीय रेल पुलिस हरकत में आई

वारदात की सूचना मिलते ही राजकीय रेल पुलिस हरकत में आई. पीड़ित यात्रियों के बयान के आधार पर जीआरपी थाना बक्सर में प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे.

इसे भी पढ़ें- बगहा में खेत जा रहीं महिलाओं ने देखा पेड़ से लटकता शव, गांव में मचा हड़कंप

रेल डीएसपी कंचन राज और दानापुर जीआरपी सर्किल इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने घटनास्थल से जुड़ी जानकारियां जुटाईं और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. वहीं जीआरपी थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दो अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है और महिला यात्रियों के साथ भी छीना-झपटी की पुष्टि हुई है.

जीआरपी इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है. संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और स्टेशन व ट्रेन से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही आरोपियों की पहचान कर पूरे मामले का खुलासा करेगी.

इसे भी पढ़ें-कुख्यात के नाम से मिली धमकी भरी फोन कॉल, कारोबारियों में दहशत, ढोलबज्जा बाजार बंद

इसे भी पढ़ें-पटना सिटी की तंग गली में मौत का तांडव, युवक को घेरकर मार डाला, दोस्त घायल

इसे भी पढ़ें-पटना में रात को निकली महिला घर नहीं लौटी, गोली मारकर हत्या

इसे भी पढ़ें-पहले चोर ने होटल में भरपेट खाए रसगुल्ले; फिर उड़ा ले गए नकदी-सामान

West Champaran : बगहा में खेत जा रहीं महिलाओं ने देखा पेड़ से लटकता शव, गांव में मचा हड़कंप

Champaran
पेड़ से लटकता शव, गांव में मचा हड़कंप.

West Champaran : बगहा पुलिस जिला के धनहा थाना क्षेत्र में रविवार की सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. सिसवां गांव के सरेह में अहले सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेतों की ओर जा रही कुछ महिलाओं की नजर एक पेड़ से लटक रहे बुजुर्ग व्यक्ति के शव पर पड़ी. देखते ही देखते यह खबर गांव में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई.

घटना की सूचना मिलते ही धनहा थाना पुलिस को जानकारी दी गई. सूचना पाकर पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को पेड़ से नीचे उतरवाया. प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक की पहचान पटखौली थाना क्षेत्र के पटेहरा बाजार निवासी सुरेश शाह के रूप में की गई. उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष बताई जा रही है.

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

ग्रामीणों द्वारा घटना की जानकारी तुरंत धनहा थाना को दी गई. सूचना मिलते ही थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और प्रारंभिक जांच शुरू की. इसके बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई.

मृतक की पहचान और पारिवारिक स्थिति

पुलिस जांच के दौरान मृतक की पहचान पटखौली थाना क्षेत्र के पटेहरा बाजार निवासी सुरेश शाह के रूप में हुई. बताया गया कि उनकी उम्र करीब 65 वर्ष थी. पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बाद मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे. जानकारी के अनुसार सुरेश शाह के चार पुत्र और एक पुत्री हैं. सबसे छोटा पुत्र अविवाहित है, जबकि बाकी सभी संतानें विवाहित हैं.

मानसिक तनाव में रहने की बात आई सामने

मृतक के मंझले पुत्र दीपु साह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान रहा करते थे. उन्होंने यह भी बताया कि सुरेश शाह पिछले लगभग बीस वर्षों से अपने बहनोई प्रेम साह के घर, भितहा थाना क्षेत्र के रूपही गांव में रह रहे थे. परिजनों का कहना है कि वह हाल के दिनों में काफी चुपचाप रहने लगे थे.

मेला में देखे जाने की जानकारी

परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार सुरेश शाह को शनिवार की रात करीब एक बजे तक लूआठाहा मेला क्षेत्र में देखा गया था. इसके बाद उनके घर लौटने की कोई जानकारी नहीं मिली. रविवार सुबह उनका शव मिलने से गांव और परिवार दोनों में शोक की लहर दौड़ गई.

घटनास्थल पर उमड़ी भीड़, पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच गए. हालात को देखते हुए पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा भेज दिया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी.

इस मामले में धनहा थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.

इसे भी पढ़ें-कुख्यात के नाम से मिली धमकी भरी फोन कॉल, कारोबारियों में दहशत, ढोलबज्जा बाजार बंद

इसे भी पढ़ें-पटना सिटी की तंग गली में मौत का तांडव, युवक को घेरकर मार डाला, दोस्त घायल

इसे भी पढ़ें-पटना में रात को निकली महिला घर नहीं लौटी, गोली मारकर हत्या

इसे भी पढ़ें-पहले चोर ने होटल में भरपेट खाए रसगुल्ले; फिर उड़ा ले गए नकदी-सामान

West Bengal : मुर्शिदाबाद में हालात तनावपूर्ण, सांसद यूसुफ पठान पर उठे सवाल; तृणमूल ने दी सफाई

Yusuf Pathan
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हालात तनावपूर्ण.

West Bengal : कोलकाता से सटे मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. बीते दो दिनों से जारी हिंसा के बाद इलाके में पुलिस की लगातार गश्त जारी है. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षा बल सतर्क हैं, वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.

विपक्षी दलों, खासकर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब बेलडांगा पिछले कई दिनों से अशांत है, तब बहरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान सार्वजनिक रूप से नजर क्यों नहीं आए. इसी बीच यह चर्चा भी सामने आई कि भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान यूसुफ पठान को आखिरी बार बेलडांगा में देखा गया था.

तृणमूल की सफाई, अभिषेक बनर्जी ने दी जानकारी

सांसद की मौजूदगी या गैरमौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यूसुफ पठान हिंसा में मारे गए प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख के घर गए थे. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि पार्टी इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है.

अभिषेक बनर्जी ने यह भी बताया कि अलाउद्दीन शेख के परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है. इसमें आर्थिक मदद के साथ-साथ मृतक की पत्नी के लिए रोजगार की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई है.

रोड शो में गैरहाजिरी पर भी आया बयान

हाल ही में बहरामपुर में हुए तृणमूल कांग्रेस के रोड शो में यूसुफ पठान की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे. इस पर अभिषेक बनर्जी ने बताया कि यूसुफ ने उनसे फोन पर बात की थी और बेलडांगा जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन उसी दिन पहले से तय रैली कार्यक्रम के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका.

अभिषेक ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद और विधायक पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और सरकार की ओर से सहयोग में कोई कमी नहीं होगी.

बेलडांगा में मौजूद रहने का यूसुफ का दावा

इस बीच बेलडांगा में यूसुफ पठान की मौजूदगी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत के दौरान वित्तीय सहायता और नौकरी से जुड़ी बातों पर भी चर्चा की थी. स्थानीय विधायक के साथ बेलडांगा पहुंचे यूसुफ पठान ने मीडिया से बातचीत में घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक केवल अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि उस राज्य के विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में इस तरह की घटनाएं समाज के लिए नुकसानदेह हैं. हालांकि, यूसुफ पठान ने इस बात को स्वीकार नहीं किया कि वे घटनास्थल पर देर से पहुंचे थे. उनका कहना था कि वे लगातार इलाके में मौजूद थे और जनप्रतिनिधि हमेशा जमीनी स्तर पर लोगों के बीच रहते हैं.

इसे भी पढ़ें-मजदूर के साथ मारपीट की खबर फैलते मुर्शिदाबाद में भड़का जनाक्रोश, NH-12 और रेल यातायात ठप

झारखंड की खास परंपरा; यहां लगता सिर्फ महिलाओं का अनोखा मेला, नहीं होता पुरुषों का प्रवेश

Saraikela-Kharsawan
झारखंड में यहां लगता महिलाओं का अनोखा मेला.

Saraikela-Kharsawan : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में हर साल मकर संक्रांति के बाद आने वाला पहला शनिवार महिलाओं के लिए खास होता है. इस दिन खरकई नदी के बीचों-बीच स्थित मिर्गी चिगड़ा में केवल महिलाओं का मेला लगता है, जहां पर पुरुषों का प्रवेश परंपरागत रूप से प्रतिबंधित है. यह मेला न सिर्फ झारखंड के आसपास के जिलों से बल्कि पड़ोसी राज्य ओड़िशा से भी महिलाओं को आकर्षित करता है.

मेला: महिलाओं का उत्सव और होती है पिकनिक

इस वर्ष भी मेला शुरू होते ही महिलाएं सरायकेला, खरसावां, राजनगर, जमशेदपुर और सीनी से पहुंची. ओड़िशा से आने वाली महिलाएं भी इस अवसर को खास मानती हैं. महिलाएं यहां पारंपरिक पिकनिक का आनंद उठाती हैं. खरकई नदी के बीच चट्टानों पर बैठकर अपने हाथों से लाए गए या वहीं तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया. कई समूहों में महिलाएं पहुंचती हैं, कुछ अपने साथ घर का बना भोजन लाती हैं, जबकि कई यहां खाना बनाकर खाते हैं.

मांसाहारी भोजन की अनुमति नहीं

मेले में खाना शाकाहारी ही रखा जाता है. मांसाहारी भोजन की अनुमति नहीं है. मेले में लगे अधिकांश स्टॉल भी महिलाएं ही संचालित करती हैं. सुबह से शाम तक बच्चों और महिलाओं का आना-जाना चलता रहता है. महिलाएं दिनभर यहां समय बिताकर शाम को घर लौटती हैं.

बाबा गर्भेश्वर नाथ की पूजा से पूरी होती मनोकामना

मेले के दौरान महिलाएं पहले बाबा गर्भेश्वर नाथ की पूजा अर्चना करती हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से हर मनोकामना पूरी होती है. यहां बच्चों को नदी के साफ पानी में खेलते और डुबकी लगाते देखना आम है. स्थानीय किंवदंती के अनुसार, महाभारत के समय पांडवों के अज्ञातवास के दौरान यहां विश्राम किया गया था, और उनके पैरों के निशान आज भी चट्टानों पर दिखाई देते हैं.

मेला से दूर रहते पुरुष

अधिकतर बुजुर्ग बताते हैं कि महिला मेला में पुरुषों का प्रवेश हमेशा से प्रतिबंधित रहा है. हालांकि, वर्तमान समय में कुछ पुरुष भी मेले में देखने को मिलते हैं. बावजूद इसके, महिलाओं की संख्या हमेशा अधिक रहती है और मेला अपने पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखता है.

श्रद्धालुओं की जानें राय

कन्या कुमारी साहू बताती हैं, “हम बचपन से मिर्गी चिगड़ा में आते रहे हैं. पहले पूजा होती है, फिर पिकनिक का आनंद.”
कल्पना दास कहती हैं, “यह मेला हमारी ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है और इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता है.”
रानी कुमारी जोड़ती हैं, “पहले केवल महिलाएं आती थीं, अब कुछ पुरुष भी आने लगे हैं, लेकिन मेले का आकर्षण अब भी महिला केंद्रित है.”

मेले का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

सुरमा साहू कहती हैं कि मेले में मिलने वाली पुरानी मित्रों और रिश्तेदारों से मिलकर खुशी होती है. ज्योति जामुदा ने कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता मन को सुकून देती है. सुषमा पति बताती हैं कि मकर संक्रांति के बाद आयोजित यह मेला राजराजवाड़े के समय से चलता आ रहा है. माधुरी पति के अनुसार, कुंवारी कन्याओं द्वारा बाबा गर्भेश्वर नाथ की पूजा करने से सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है.

खरकई नदी के किनारे मिर्गी चिगड़ा का यह महिला मेला न केवल झारखंड की परंपरा का हिस्सा है बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. यह मेला महिलाओं के सामूहिक उत्सव और परंपरा को जीवित रखने का अनोखा उदाहरण है.

इसे भी पढ़ें-रांची ईडी ऑफिस पर पुलिस कार्रवाई, आरोप और राजनीतिक बहस तेज; हेमंत सरकार पर लगा बड़ा आरोप