भारत सरकार ने पाकिस्तान में मौजूद 23 लोगों को घोषित किया आतंकवादी, हाफिज सईद के करीबी भी सूची में शामिल

UAPA आतंकवादी सूची
गृह मंत्रालय.

Home Ministry Action : केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान में मौजूद 23 व्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से शनिवार (4 जुलाई) सुबह जारी अधिसूचना में इन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं. मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल सभी व्यक्ति जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े रहे हैं.

इन पर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने, नए सदस्यों की भर्ती करने, हथियारों की आपूर्ति करने और आतंकी हमलों की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं. सरकार का कहना है कि ये सभी लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं.

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2019 में UAPA में संशोधन के बाद मिला यह अधिकार

केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में UAPA कानून में संशोधन किया था. इससे पहले इस कानून के तहत केवल किसी संगठन को आतंकवादी घोषित किया जा सकता था, लेकिन संशोधन के बाद किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान लागू किया गया. इस बदलाव के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जैसी जांच एजेंसियों को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उनकी संपत्ति जब्त करने का अधिकार भी मिल गया.

सरकार की आतंकी सूची में अब 80 नाम

सरकार की मौजूदा आतंकवादी सूची में पहले से ही लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी, फरार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और अमेरिका में रहने वाले खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे नाम शामिल हैं. अब 23 नए नाम जोड़े जाने के बाद इस सूची में कुल 80 व्यक्तियों के नाम दर्ज हो गए हैं.

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हाफिज सईद के करीबी सहयोगियों को भी किया गया नामित

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, आतंकवादी घोषित किए गए 23 लोगों में हाफिज सईद के तीन करीबी सहयोगी भी शामिल हैं. इनमें अब्दुल रऊफ, जो लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा (JuD) से जुड़ा है, हाफिज खालिद वलीद, जिसे LeT और JuD का प्रमुख नेता माना जाता है, तथा राणा इफ्तिखार शामिल हैं. राणा इफ्तिखार पर युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने का आरोप है.

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भागलपुर सिटी में अब जहां जरूरत, वहीं पहुंचेगा टॉयलेट; नगर निगम की नई पहल

भागलपुर मोबाइल टॉयलेट
भागलपुर नगर निगम की फाइल फोटो.

Bhagalpur News : भागलपुर शहर में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है. राहगीरों और विभिन्न आयोजनों में लोगों को अस्थायी शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निगम चार मोबाइल टॉयलेट खरीदेगा. इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इच्छुक फर्मों एवं एजेंसियों से कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं.

चार सीटर क्षमता वाले होंगे सभी मोबाइल टॉयलेट

नगर निगम की योजना के अनुसार खरीदे जाने वाले सभी मोबाइल टॉयलेट चार सीटर क्षमता के होंगे. इनका उपयोग आवश्यकता के अनुसार शहर के अलग-अलग स्थानों पर किया जा सकेगा. विशेष रूप से ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन, मेले या अन्य भीड़भाड़ वाले अवसर, जहां स्थायी शौचालय उपलब्ध नहीं होते, वहां इन मोबाइल टॉयलेट को तैनात किया जाएगा. इसके अलावा शहर में आने-जाने वाले राहगीरों को भी इससे स्वच्छ और सुविधाजनक शौचालय की सुविधा मिल सकेगी.

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सबसे कम दर वाली एजेंसी को मिलेगा आपूर्ति का कार्य

नगर निगम द्वारा जारी कोटेशन आमंत्रण सूचना के अनुसार निविदा प्रक्रिया के तहत जिस फर्म या एजेंसी की वित्तीय बोली सबसे कम होगी, उसी को चारों मोबाइल टॉयलेट की आपूर्ति का जिम्मा सौंपा जाएगा. खरीद प्रक्रिया को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द चयन की प्रक्रिया पूरी की जा सके.

9 जुलाई को होगी प्री-बिड बैठक, 16 जुलाई को खुलेगी तकनीकी बोली

मोबाइल टॉयलेट खरीद से जुड़ी निविदा प्रक्रिया के तहत 9 जुलाई को प्री-बिड मीटिंग आयोजित की जाएगी. इस बैठक में इच्छुक एजेंसियों की ओर से पूछे गए तकनीकी और अन्य बिंदुओं पर चर्चा होगी. इसके बाद 16 जुलाई को तकनीकी बिड खोली जाएगी, जिसके आधार पर आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

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महत्वपूर्ण बिंदु

  • भागलपुर नगर निगम चार मोबाइल टॉयलेट खरीदेगा.
  • राहगीरों और सार्वजनिक आयोजनों में इनका उपयोग किया जाएगा.
  • सभी मोबाइल टॉयलेट चार सीटर क्षमता वाले होंगे.
  • खरीद के लिए निविदा (कोटेशन) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
  • सबसे कम दर (L1) देने वाली फर्म/एजेंसी को आपूर्ति का कार्य मिलेगा.
  • 9 जुलाई को प्री-बिड मीटिंग आयोजित होगी.
  • 16 जुलाई को तकनीकी बिड खोली जाएगी.
  • आवश्यकता के अनुसार शहर के अलग-अलग स्थानों और आयोजन स्थलों पर मोबाइल टॉयलेट तैनात किए जाएंगे.
  • उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और शौचालय सुविधा को बेहतर बनाना है.

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स्पाई यूनिवर्स की ‘अल्फा’ बॉक्स ऑफिस पर चमकी? पहले ही दिन उड़ाए 25 फिल्मों के होश

alpha box office
'अल्फा' बॉक्स ऑफिस पर चमकी?

Alpha Worldwide Collection: सिनेमाघरों में 3 जुलाई को एक्शन और स्पाई थ्रिलर का तड़का लगाने वाली फिल्म ‘अल्फा’ ने दस्तक दी है. आलिया भट्ट और शरवरी के मुख्य किरदारों वाली यह फिल्म वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स शृंखला की सातवीं फिल्म है. सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, रिलीज के पहले ही दिन इस फिल्म ने भारतीय बाजारों में 9 करोड़ रुपये की शुद्ध कमाई दर्ज की है. इसके साथ ही भारत में इसका कुल सकल कारोबार लगभग 10.80 करोड़ रुपये रहा.

आइए देखते हैं कि इस फिल्म ने वैश्विक पटल पर कितने करोड़ बटोरे हैं.

अल्फा वर्ल्डवाइड कलेक्शन डे 1: वैश्विक स्तर पर पहले दिन कितनी रही कमाई?

सैकनिल्क के डेटा के अनुसार, निर्देशक शिव रवैल के निर्देशन में तैयार हुई ‘अल्फा’ ने विदेशी बाजारों से 5 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है. इस प्रकार, पहले दिन का कुल वैश्विक सकल कलेक्शन तकरीबन 15.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

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अल्फा बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड्स: इस साल की इन 25 फिल्मों के रिकॉर्ड हुए ध्वस्त

‘अल्फा’ ने अपने प्रदर्शन के पहले ही दिन वर्ष 2026 में रिलीज हुई 25 अन्य फिल्मों के ओपनिंग डे बिजनेस को पीछे छोड़ दिया है. उन सभी फिल्मों की सूची और उनकी कमाई के आंकड़े नीचे दिए गए हैं-

इक्कीस- 7.28 करोड़ रुपये

हैप्पी पटेल- 1.25 करोड़ रुपये

राहु केतु- 1 करोड़ रुपये

मायासबा- 0.12 करोड़ रुपये

वध 2- 0.5 करोड़ रुपये

भाबी जी घर पर हैं- 0.2 करोड़ रुपये

तू या मैं- 0.6 करोड़ रुपये

अस्सी- 1 करोड़ रुपये

दो दीवाने सहर में- 1.25 करोड़ रुपये

द केरल स्टोरी 2- 0.75 करोड़ रुपये

गिन्नी वेड्स सनी 2- 0.3 करोड़ रुपये

एक दिन- 1.15 करोड़ रुपये

कृष्णावतारम पार्ट 1- 1.57 करोड़ रुपये

दादी की शादी- 0.6 करोड़ रुपये

आखिरी सवाल- 0.4 करोड़ रुपये

पति पत्नी और वो दो- 4.38 करोड़ रुपये

चांद मेरा दिल- 3.31 करोड़ रुपये

द ग्रेट ग्रैंड सुपर हीरो- 0.25 करोड़ रुपये

पेद्दी (हिंदी)- 3 करोड़ रुपये

है जवानी तो इश्क होना है -8.65 करोड़ रुपये

बंदर- 0.5 करोड़ रुपये

गवर्नर- 1.1 करोड़ रुपये

मैं वापस आऊंगा -1.15 करोड़ रुपये

भारत भाग्य विधाता -1 करोड़ रुपये

हॉन्टेड 3 डी इकोज ऑफ द पास्ट- 2.5 करोड़ रुपये

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झारखंड में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

Jharkhand rain alert
झारखंड में बारिश और वज्रपात का अलर्ट.

Jharkhand Weather News: झारखंड में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रहने वाला है. मौसम विभाग ने 4 जुलाई, शनिवार को राज्य के सभी 24 जिलों के लिए गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके बाद 6 जुलाई से 8 जुलाई तक येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा. इस अवधि में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

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5 से 7 जुलाई के बीच इन जिलों में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 जुलाई को लातेहार, पलामू, चतरा और गढ़वा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं 6 जुलाई को राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा चलने का अनुमान है. इस दिन हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, चतरा और रांची जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. 7 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है.

Jharkhand Weather News: मेदिनीनगर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज

पिछले 24 घंटे के दौरान मेदिनीनगर में 54.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही. वहीं अधिकतम तापमान के मामले में बोकारो थर्मल सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रांची का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, चाईबासा का 33.8 डिग्री और जमशेदपुर का 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

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जून में सामान्य से काफी कम हुई बारिश

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस वर्ष 12 जून को झारखंड में प्रवेश किया था और 30 जून तक पूरे राज्य में सक्रिय हो गया. इसके बावजूद जून महीने के दौरान झारखंड में सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई.

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वित्तीय प्रबंधन में झारखंड ने मारी बाजी, नीति आयोग की रैंकिंग में टॉप-3 में जगह

Jharkhand Fiscal Index
वित्तीय प्रबंधन में झारखंड ने मारी बाजी. इमेज-एआई

Jharkhand Fiscal Health Index: नीति आयोग की ओर से जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 के फिसकल हेल्थ इंडेक्स 2026 में झारखंड को बड़ी सफलता मिली है. वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर राज्य को देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल किया गया है. झारखंड को ‘अचीवर’ श्रेणी में स्थान मिला है, जहां उसके साथ ओडिशा और गोवा भी शामिल हैं. रिपोर्ट में राजस्व संग्रह, व्यय नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और कर्ज प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य के प्रदर्शन को सकारात्मक बताया गया है.

राजस्व संग्रह और वित्तीय अनुशासन पर बेहतर प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड ने अपने कुल राजस्व में कर संग्रह की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक बनाए रखी. इसके साथ ही गैर-कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में किए गए प्रयासों के भी अच्छे परिणाम मिले. राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के निर्धारित तीन प्रतिशत की सीमा से नीचे रखा.

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पूंजीगत व्यय से विकास परियोजनाओं को मिली गति

नीति आयोग ने विकास कार्यों पर खर्च के मामले में भी झारखंड के प्रदर्शन को उल्लेखनीय माना है. राज्य ने पूंजीगत व्यय को जीएसडीपी के लगभग चार से पांच प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखा, जिससे आधारभूत संरचना और दीर्घकालिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली. रिपोर्ट में कर्ज प्रबंधन को भी संतुलित बताया गया है.

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कर्ज का बोझ नियंत्रित, वित्तीय स्थिति मजबूत

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड का कुल कर्ज जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से कम है, जबकि ब्याज भुगतान का दबाव भी नियंत्रित स्तर पर बना हुआ है. इससे राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिली है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैंकिंग दर्शाती है कि झारखंड ने संसाधनों के प्रभावी उपयोग और वित्तीय संतुलन बनाए रखने में बेहतर प्रदर्शन किया है.

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लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर मिली Z श्रेणी की सुरक्षा, सरकार ने बदला फैसला

Lalu Rabri security
लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की फाइल फोटो.

Lalu-Rabri Security: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपना पूर्व निर्णय वापस ले लिया है. दोनों नेताओं को दोबारा Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है. इसके साथ ही उनके काफिले के लिए बुलेटप्रूफ वाहन की व्यवस्था भी बहाल कर दी गई है.

इससे पहले बंगला विवाद के दौरान राज्य सरकार ने दोनों की सुरक्षा में कटौती करने का निर्णय लिया था. उस समय सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने वापस कर दिया था. अब सरकार ने सुरक्षा बहाल करने का फैसला लिया है.

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Z श्रेणी की सुरक्षा में क्या-क्या मिलता है

Z श्रेणी की सुरक्षा के तहत करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं. इनमें घर की सुरक्षा के लिए हथियारों से लैस 2 से 8 गार्ड मौजूद रहते हैं. इसके अलावा 24 घंटे दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) तैनात रहते हैं. सुरक्षा काफिले में तीन से पांच वाहन शामिल होते हैं, जबकि एक बुलेटप्रूफ गाड़ी भी उपलब्ध कराई जाती है. बंगला विवाद से पहले भी लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को इसी श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था.

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Lalu-Rabri Security: किस वजह से बदली थी सुरक्षा व्यवस्था?

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद राज्य सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा की समीक्षा कराई थी. समीक्षा के बाद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा घटाने का निर्णय लिया गया था. हालांकि, तेजस्वी यादव और मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में उस समय कोई बदलाव नहीं किया गया था.

सरकार के फैसले के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने उन्हें उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस कर दी थी. बाद में तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया. इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी. अब सरकार ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को दोबारा Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने का फैसला किया है.

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राम मंदिर में दिया चंदा वापस मांगेंगे दिग्विजय सिंह, खटखटाएंगे कोर्ट का दरवाजा

Digvijay Singh
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह .

Ram Mandir Donation: राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी और हेरफेर को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को लेकर अयोध्या की अदालत का रुख करेंगे. उनका कहना है कि राम मंदिर के लिए दी गई उनकी दान राशि का गलत इस्तेमाल और गबन हुआ है, इसलिए वे कोर्ट से अपनी राशि वापस दिलाने की मांग करेंगे. कांग्रेस नेता के अनुसार, मंदिर निर्माण के लिए दो बार धन जुटाया गया था.

पहली बार लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा के समय चंदा लिया गया था, जिसमें उन्होंने भी सहयोग किया था, मगर उस पैसे का कोई सार्वजनिक ब्यौरा आज तक सामने नहीं आया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब वीएचपी ने दोबारा अभियान शुरू किया, तब उन्होंने वीएचपी के बजाय सीधे राम मंदिर ट्रस्ट को 1.11 लाख रुपये की राशि भेजी और उसकी पक्की रसीद भी ली.

Ram Mandir Donation: शिवराज सिंह चौहान से अधिक दिया था दान

दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि उस समय के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये का सहयोग दिया था, जिससे अधिक राशि देने की इच्छा के कारण उन्होंने 1.11 लाख रुपये दान किए थे. उन्होंने शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस राशि को ट्रस्ट में जमा करवाने की बात कही थी, लेकिन जब वह पत्र वापस आ गया तो उन्होंने खुद यह पैसा जमा कराया.

चंपत राय और बैंक कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप

उन्होंने ट्रस्ट के मुख्य पदाधिकारियों और चंपत राय पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि बाहरी लोगों को कम पैसों पर काम पर रखा गया और रोज आने वाले चंदे में से 10 से 20 फीसदी रकम कथित रूप से गायब की जाती रही. इस पूरे खेल में बैंक कर्मियों की मिलीभगत होने की आशंका जताते हुए उन्होंने इसे राम भक्तों की आस्था के साथ बहुत बड़ा छल करार दिया.

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दान वापस लेकर दूसरे ट्रस्ट को सौंपने का एलान

कांग्रेस नेता ने घोषणा की कि वे कोर्ट के जरिए अपना दान वापस मांगेंगे ताकि उस पैसे को शंकराचार्य मठ या रामालय ट्रस्ट जैसे किसी अन्य धार्मिक ट्रस्ट को सौंप सकें. पुलिस की कार्यप्रणाली पर अविश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह बीजेपी के दबाव में काम करती है.

महाकाल मंदिर की जमीन को लेकर उठाए सवाल

राम मंदिर के साथ ही उन्होंने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं पर भी उंगली उठाई. उनका आरोप है कि वीएचपी और आरएसएस से जुड़े संगठनों ने जैसे राम मंदिर के चंदे में धांधली की, वैसा ही कुछ महाकाल मंदिर में भी हुआ है. उन्होंने कहा कि सुंदरलाल पटवा की सरकार ने मंदिर के पास की एक मूल्यवान भूमि आरएसएस के ट्रस्ट को दी थी, जिसका उनकी सरकार के समय पुरजोर विरोध किया गया था और इसके पूरे दस्तावेज मौजूद हैं. वहां पहले आरएसएस का गेस्ट हाउस बना, फिर जिस जगह पर सरस्वती शिशु मंदिर चलता था, उसे गिराकर अब 100 कमरों का होटल तैयार किया जा रहा है, जहां रुकने वाले लोगों को वीआईपी दर्शन का लाभ मिलता है. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग भी उठाई है.

उज्जैन से अयोध्या तक गैर-राजनीतिक पदयात्रा

दिग्विजय सिंह ने आगामी 2 अक्टूबर से उज्जैन से लेकर अयोध्या तक एक पदयात्रा शुरू करने का एलान किया है. उन्होंने साफ किया कि यह पूरी तरह से एक गैर-राजनीतिक यात्रा होगी, जिसमें किसी भी दल के झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. राम में विश्वास रखने वाला और मंदिर के लिए दान देने वाला कोई भी नागरिक इस यात्रा का हिस्सा बन सकता.

कोर्ट में केस दर्ज कराने की तैयारी

इससे पहले भोपाल में महिला कांग्रेस द्वारा आयोजित सद्बुद्धि यज्ञ और प्रदर्शन के दौरान भी दिग्विजय सिंह ने यह मुद्दा उठाया था. उन्होंने सवाल किया कि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से इस्तीफे तो लिए गए, पर उन पर एफआईआर क्यों नहीं हुई. उन्होंने बताया कि दिल्ली के एक बड़े क्रिमिनल लॉयर के सुझाव पर वे 5 या 6 जुलाई को अपने वकील से चर्चा करेंगे और उसके बाद अयोध्या कोर्ट में केस दर्ज कराएंगे. उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर दोषी ट्रस्टियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

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बिहार के इन 13 जिलों में आज अचानक बदलेगा मौसम, जारी हुआ अलर्ट

बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून.
सांकेतिक तस्वीर

Bihar Weather Update Today: बिहार में मानसून की मजबूत स्थिति को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 3 जुलाई को प्रदेश के 13 जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी किया है. इस दौरान इन चिन्हित इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने, बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की प्रबल आशंका है. दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर एवं दरभंगा सहित उत्तर बिहार के कई जिलों को फिलहाल इस वेदर वार्निंग से बाहर रखा गया है.

3 जुलाई को जिलों की स्थिति

मौसम विभाग द्वारा जारी मानचित्र के अनुसार जिन 13 जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है और लोगों को चौकस रहने को कहा गया है, वे निम्नलिखित हैं.

बिहार में 3 दिनों तक कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं तेज आंधी, जानिए कहां बिगड़ेंगे हालात

पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, पटना, गया, नालंदा, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, शेखपुरा और नवादा.

इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ पानी गिर सकता है और तेज गति से हवाएं चल सकती हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक येलो अलर्ट का तात्पर्य यह है कि मौसम का रुख अचानक बदल सकता है, इसलिए पहले से मुस्तैद रहना जरूरी है.

इन इलाकों के लिए कोई चेतावनी नहीं

मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, वैशाली, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और अरवल.

हालांकि राहत वाले इन जिलों के विषय में विशेषज्ञों का कहना है कि यहां वर्षा की उम्मीद पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण आसमान में बादलों का डेरा जमा रह सकता है और छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं.

आपदा से बचाव हेतु जरूरी गाइडलाइन

आसमान में कड़कती बिजली के बीच खुले क्षेत्रों में ठहरने से पूरी तरह परहेज करें.
आंधी-तूफान की स्थिति में वृक्षों की ओट में खड़े होने की भूल न करें.
खेतों में कृषि कार्य कर रहे लोग आसमान खराब होते ही तुरंत किसी पक्के आश्रय स्थल की ओर रुख करें.
प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले बुलेटिन से खुद को अपडेट रखें.

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय भूमिका में है. यही कारण है कि आने वाले कुछ दिनों तक बिहार के विभिन्न प्रातों में वर्षा का यह सिलसिला रुक-रुक कर चलता रहेगा. वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर नागरिकों को प्रतिदिन के वेदर अपडेट पर पैनी नजर रखने का परामर्श दिया गया है.

आज की वेदर रिपोर्ट संक्षिप्त में…
अलर्ट का प्रकार: येलो
हवा की चाल: 30-40 किमी प्रति घंटा
वर्षा का स्तर: हल्की से मध्यम
मुख्य आपदा: वज्रपात और गर्जन

महत्वपूर्ण बिंदू

  • 13 जिलों में येलो अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 3 जुलाई को बिहार के 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत मौसम अचानक बदल सकता है.
  • तेज हवा और वज्रपात की आशंका: अलर्ट वाले क्षेत्रों में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली गिरने के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
  • हल्की से मध्यम वर्षा: इन 13 जिलों (पटना, गया, नालंदा, नवादा, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, शेखपुरा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण) में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है.
  • उत्तर बिहार को राहत: मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और वैशाली सहित राज्य के कई अन्य जिलों के लिए फिलहाल कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है.
  • स्थानीय स्तर पर बौछारें: जिन क्षेत्रों में अलर्ट नहीं है, वहां भी बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है; स्थानीय बदलावों के कारण कुछ जगहों पर बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है.
  • सुरक्षा गाइडलाइन: खराब मौसम और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे रुकने के बजाय तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गई है.
  • सक्रिय रहेगा मानसून: राज्य में मानसून अभी पूरी तरह प्रभावी है, जिसके कारण आने वाले कुछ दिनों तक बिहार के विभिन्न हिस्सों में बारिश का यह दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा.

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भागलपुर मर्डर केस: पुलिस ने 12 घंटे में किया हत्या का खुलासा, आरोपी प्रेमिका अरेस्ट

भागलपुर पुलिस मर्डर केस खुलासा
प्रेस कांफ्रेंस करते एसएसपी.

Bhagalpur Builder Murder Case: भागलपुर के तिलकामांझी क्षेत्र में एक जमीन कारोबारी की हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसका खुलासा स्थानीय पुलिस ने महज आधे दिन के भीतर करने की बात कही है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मृतक की महिला मित्र को अपनी कस्टडी में लिया है. सघन पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए घटनाक्रम की पूरी जानकारी साझा की है. इसके साथ ही पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात स्थल से गायब की गई चीजें और हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी अपने कब्जे में ले लिया है.

Bhagalpur Builder Murder Case: दफ्तर की ऊपरी मंजिल पर मिला शव

पुलिस के अनुसार दो जुलाई को यह सूचना मिली कि जमीन कारोबारी बजरंग कुमार अपने काम के सिलसिले में बाहर जाने के बाद घर वापस नहीं लौटे. इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो दफ्तर के दूसरे फ्लोर पर बने एक कमरे के अंदर उनका शव पड़ा हुआ पाया गया. शुरुआती जांच-पड़ताल में मृतक के बदन पर किसी तेज धार वाले हथियार से किए गए वार के गहरे जख्म दिखाई दिए.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने तुरंत एक विशेष टीम को इस केस की जिम्मेदारी सौंपी. इसके बाद एफएसएल, श्वान दस्ता और तकनीकी शाखा की मदद लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया.

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तकनीकी विश्लेषण और फुटेज से खुली परतें

छानबीन के दौरान पुलिस ने दफ्तर के आसपास लगे कैमरों के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन की बातचीत के ब्योरे और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला. इन कड़ियों को जोड़ने के बाद संदेह के घेरे में आई सीमा कुमारी को हिरासत में लिया गया, जिससे आगे की पूछताछ की गई.

आपसी विवाद के बाद अंजाम दी गई वारदात

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में महिला ने बताया कि वह घटना की रात कारोबारी के दफ्तर में ही मौजूद थी. वहां दोनों के बीच आपसी बातचीत के बाद विवाद की स्थिति बन गई. आरोपी का कहना है कि उस दौरान उसके साथ बेहद बुरा बर्ताव किया गया, जिससे वह गहरे गुस्से में आ गई.

आरोप है कि जब कारोबारी सो गए, तब उसने कमरे में रखे एक धारदार हथियार (दबिया) से उनके सिर पर हमला कर दिया. अचानक हुए इस हमले के बाद कारोबारी ने अपनी जान बचाने के लिए कड़ा मुकाबला भी किया, लेकिन महिला ने उन पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हाथापाई में आरोपी महिला को भी कुछ खरोंचें आई हैं.

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कमरे को बाहर से बंद कर सामान सहित फरार

पुलिस के अनुसाा इस खौफनाक कदम को उठाने के बाद आरोपी महिला कमरे के भीतर रखे आवश्यक दस्तावेज, पैसे, लैपटॉप और मोबाइल फोन समेटकर बाहर निकल गई. उसने दफ्तर के मुख्य दरवाजे पर कुंडी चढ़ाई और वहां से रफूचक्कर हो गई.

रक्त रंजित कपड़े और दस्तावेज बरामद

पुलिस का दावा है कि पकड़ी गई महिला के बताए अनुसार हत्या में प्रयुक्त हथियार, खून से सने कपड़े, मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और चाबियों समेत कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद कर लिए गए हैं. आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष पेश किया गया है.

एसएसपी का बयान- वैज्ञानिक साक्ष्यों से सुलझी गुत्थी

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि डिजिटल सबूतों, कैमरों की फुटेज और तकनीकी तफ्तीश की मदद से पुलिस ने महज 12 घंटे के अंदर इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है. इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है.

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भागलपुर में मालगाड़ी की चपेट में आने से 3 रेल मजदूरों की दर्दनाक मौत, एक घायल

railway track accident site
शिवनारायणपुर स्टेशन की फाइल फोटो.

Railway Accident Shivnarayanpur : साहिबगंज-भागलपुर रेलखंड पर गुरुवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. पटरियों की मरम्मत के लिए निकले तीन रेल कर्मियों की ट्रेन से कटकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी इस हादसे में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है. यह खौफनाक मंजर शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन और लक्ष्मीपुर भोरंग हॉल्ट के बीच शिवनारायणपुर सिग्नल के पास देखने को मिला. शुरुआती जांच के मुताबिक, चारों रेल कर्मी डाउन ट्रैक पर पैदल आगे बढ़ रहे थे, तभी पीछे से आई एक मालगाड़ी उन्हें रौंदती हुई निकल गई.

घटनास्थल पर तीन की मौत

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के थाना प्रभारी सिमरन चौधरी ने बताया कि दुर्घटना का शिकार हुए तीनों लोग एक निजी संवेदक (ठेकेदार) के अधीन मजदूरी का काम करते थे, जिन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

हादसे का शिकार हुए मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:

  • राम प्रसाद
  • रामू
  • रगदा

इस हादसे में प्रधान हांसदा नाम का मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे आनन-फानन में शुरुआती इलाज देने के बाद नाजुक हालत में बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया है.

मेंटेनेंस कार्य के लिए जा रहे थे मजदूर

मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी श्रमिकों की ड्यूटी अप लाइन पर पटरियों के रखरखाव और देखरेख के काम में लगी थी. अपनी साइट पर पहुंचने के लिए ये सभी डाउन लाइन का सहारा लेकर पैदल आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक पीछे से आई मालगाड़ी की चपेट में आ गए और संभलने का मौका तक नहीं मिला.

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परिजनों में मचा कोहराम

जैसे ही इस भीषण हादसे की खबर फैली, मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गई और रोते-बिलखते परिजन सीधे घटनास्थल पर पहुंच गए. इस समय पूरे इलाके और पीड़ित परिवारों में गहरा मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, जांच जारी

सूचना मिलते ही शिवनारायणपुर थाना पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और तीनों शवों को ट्रैक से हटाकर अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. इस बीच, रेल प्रबंधन और आरपीएफ की उच्च स्तरीय टीम ने इस पूरी लापरवाही और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय जांच शुरू कर दी है.

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महत्वपूर्ण बिंदु

  • साहिबगंज-भागलपुर रूट पर शिवनारायणपुर सिग्नल के पास आधी रात को भारी विपदा.
  • डाउन ट्रैक पर पैदल चलने के दौरान पीछे से आई मालगाड़ी ने मजदूरों को लिया चपेट में.
  • संवेदक के अधीन काम करने वाले तीन स्थानीय रेल कर्मियों की घटनास्थल पर ही थमी सांसें.
  • गंभीर रूप से घायल चौथे मजदूर प्रधान हांसदा को बेहतर उपचार के लिए भागलपुर भेजा गया.
  • अप लाइन पर चल रहे मरम्मत कार्य के सिलसिले में पटरियों के रास्ते जा रहे थे सभी श्रमिक.
  • स्थानीय पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, आरपीएफ ने शुरू की तकनीकी तफ्तीश.

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