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Mauni Amavasya 2026 : मौनी अमावस्या पर बरसेगी पितरों की कृपा, जानें स्नान-दान से लेकर विशेष ज्योतिषीय उपाय

Mauni Amavasya 2026
मौनी अमावस्या पर बरसेगी पितरों की कृपा.

Mauni Amavasya 2026 : सनातन धर्म में माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. यह तिथि न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, बल्कि पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए भी विशेष फल देने वाली होती है. इसी दिन मौन, स्नान, दान और तर्पण के माध्यम से पुण्य अर्जित करने की परंपरा है. माघ मेले के तीसरे प्रमुख स्नान पर्व के रूप में भी इस दिन का अलग महत्व है, जब देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचते हैं.

मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व

मौनी अमावस्या को आत्मशुद्धि और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए कर्म सीधे पितरों तक पहुंचते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि इस तिथि पर मौन रहकर पूजा-पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन के कई संकट दूर होते हैं.

गंगा स्नान से पापों का क्षय

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करने से व्यक्ति के जीवन में किए गए जाने-अनजाने पाप नष्ट होते हैं. जिन लोगों के लिए गंगा तट पर जाना संभव नहीं है, वे स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर घर पर ही स्नान कर सकते हैं. इसे भी गंगा स्नान के समान पुण्यकारी माना गया है.

पितरों के नाम से तर्पण और दान का महत्व

स्नान के बाद पितरों के नाम से तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान करना अत्यंत आवश्यक माना गया है. इस दिन सफेद वस्त्र, अनाज, कंबल या जरूरतमंदों को गर्म कपड़े दान करना विशेष शुभ फल देता है. मान्यता है कि इससे पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और पितरों की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

पितृ दोष से मुक्ति के लिए विशेष उपाय

मौनी अमावस्या के दिन एक पात्र में जल लेकर उसमें कुश, अक्षत (चावल) और काले तिल मिलाएं. इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके श्रद्धा भाव से पितरों को जल अर्पित करें. तर्पण करते समय ‘ॐ पितृभ्यो नमः’ मंत्र का कम से कम 11 बार जप करना अत्यंत फलदायी माना गया है.

ब्राह्मण भोज और तीर्थ दान का फल

इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना और दक्षिणा देना विशेष पुण्य प्रदान करता है. यदि संभव हो तो हरिद्वार, गया या प्रयागराज जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों पर जाकर दान-पुण्य करना और भी श्रेष्ठ फल देता है. धार्मिक मान्यता है कि इससे पितर संतुष्ट होते हैं और वंशजों को आशीर्वाद देते हैं.

पीपल पूजा से मिलेगी पितरों की कृपा

हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को पितरों का प्रतीक माना गया है. मौनी अमावस्या की संध्या में पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके साथ पीपल की जड़ में दूध और गंगाजल अर्पित करें. इसके बाद सात बार परिक्रमा कर पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का वातावरण बनता है.

मौनी अमावस्या 2026 की तिथि और समय

  • माघ मास की अमावस्या रविवार, 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी.
  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 17 जनवरी 2026, रात 11:53 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 18 जनवरी 2026, रात 01:08 बजे

मौनी अमावस्या का यह पावन अवसर पितरों को स्मरण करने, उनके प्रति कर्तव्य निभाने और जीवन में सुख-शांति की कामना करने का सबसे उत्तम समय माना गया है.

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BMC Election Result
शहरों में 'कमल' की सुनामी.

BMC Election Result : महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में 2026 के नगर निकाय चुनावों ने बड़ा सियासी उलटफेर कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने न सिर्फ राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में जबरदस्त प्रदर्शन किया, बल्कि मुंबई की सत्ता से ठाकरे परिवार का करीब तीन दशक पुराना दबदबा भी खत्म कर दिया. कुल 2,869 सीटों में भाजपा ने 1,425 पर जीत हासिल कर विपक्ष को हाशिये पर ला दिया.

मुंबई में सत्ता का समीकरण बदला

देश की सबसे अमीर नगर निकाय मानी जाने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. 227 सदस्यीय सदन में पार्टी ने 89 सीटें अपने नाम कीं, जबकि सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिलीं. उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) 65 सीटों तक सिमट गई. कांग्रेस 24 सीटों पर अटकी, वहीं एआईएमआईएम, एनसीपी और अन्य दलों की मौजूदगी सीमित रही.

पुणे, नागपुर और नासिक में भी भाजपा का दबदबा

पुणे में भाजपा ने पवार परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र में बड़ी सेंध लगाते हुए 119 सीटें जीत लीं. अजित पवार गुट की एनसीपी 27 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि शरद पवार गुट महज तीन सीटों तक सिमट गया.
नागपुर की 151 सदस्यीय महानगरपालिका में भाजपा ने 102 सीटों पर कब्जा जमाया और कांग्रेस 34 सीटों पर रह गई. नासिक में भी भाजपा 72 सीटों के साथ सबसे आगे रही.

संभाजीनगर में भी भाजपा आगे

छत्रपति संभाजीनगर में भाजपा ने 57 सीटें जीतकर बढ़त बनाई. यहां शिवसेना को 13 और कांग्रेस को केवल एक सीट मिली, जबकि एआईएमआईएम सहित अन्य दलों ने उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई.

फडणवीस की रणनीति रही निर्णायक

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस चुनाव के सबसे बड़े विजेता रणनीतिकार के तौर पर उभरे हैं. भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 29 में से 25 नगर निगमों में जीत दर्ज की. भाजपा 17 महानगरपालिकाओं में अपने दम पर महापौर बनाने की स्थिति में है.
खास बात यह रही कि इस चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका सीमित रही और पूरा अभियान राज्य स्तर पर संचालित किया गया.

विकास के नाम पर जनादेश, विपक्ष के आरोप

फडणवीस ने जीत को विकास और सुशासन के प्रति जनता के भरोसे का परिणाम बताया. वहीं शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने हार के लिए सत्ता पक्ष पर संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और मुकाबले को बराबरी का बताया.

शहरी राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़

कुल नतीजों ने साफ संकेत दे दिया है कि महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में फिलहाल भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में है. यह जीत आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ा मनोबल साबित हो सकती है.

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Bhagalpur News : नगर आयुक्त ने टेंडर निष्पादन में अधिकारियों को दिया 1 सप्ताह का अल्टीमेटम

Municipal Commissioner
भागलपुर नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा.

Bhagalpur News : नगर निगम ने पिछले महीने 143 विकास योजनाओं के टेंडर जारी किए थे, लेकिन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है. 101 ठेकेदारों ने टेंडर में भाग लिया है और उनका तकनीकी मूल्यांकन चल रहा है. शेष योजनाओं के लिए निगम द्वारा टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है. देरी के कारण कुछ परियोजनाओं का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है.

नगर आयुक्त ने बैठक में ली विस्तृत समीक्षा

शुक्रवार को नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने अपने कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने टेंडर निष्पादन की धीमी गति और लंबित कार्यादेश/समझौते के कारण योजनाओं में देरी पर चिंता व्यक्त की. अधिकारियों ने बताया कि कई योजनाओं के समझौते और कार्यादेश पूरी तरह से अंतिम नहीं हो पाए हैं, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है.

अल्टीमेटम और निर्देश

नगर आयुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंता, अधीक्षक अभियंता और नगर विकास प्रमंडल के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे टेंडर निष्पादन की प्रक्रियाओं का व्यक्तिगत निरीक्षण करें. उन्होंने एक सख्त अल्टीमेटम दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए. इसके अलावा, जिन योजनाओं का कार्यादेश और समझौते पहले ही हो चुके हैं, उन्हें 10 फरवरी तक पक्का करार करना अनिवार्य होगा.

गुणवत्ता और मानक पर जोर

नगर आयुक्त ने कहा कि सभी विकास कार्य केवल मानक और गुणवत्ता के अनुसार ही शुरू किए जाएँ. जिन परियोजनाओं के लिए राशि पहले ही जमा हो चुकी है, उनका कार्य तुरंत प्रारंभ होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी योजना में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए, ताकि नागरिकों को समय पर और सही लाभ मिल सके.

निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्टिंग करने का आदेश दिया. प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी के तहत टेंडर निष्पादन और परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी साझा करनी होगी. उनका कहना था कि व्यक्तिगत निगरानी और संपर्क से ही टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है.

नागरिकों के लिए विकास की गति सुनिश्चित

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी. इससे नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा और शहर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सुधार आएगा.

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Bhagalpur News : चोरी के 6 महीने बाद भी खाली हाथ पुलिस, पीड़िता नर्स ने SSP से लगाई गुहार

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औरंगाबाद में एक ही रात दो भाइयों के घरों में बड़ी चोरी.

Bhagalpur News : मायागंज अस्पताल में पदस्थापित असिस्टेंट मैट्रन मीनू कुमारी के घर हुई करीब 20 लाख रुपये की चोरी की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है. चोरी का कोई भी सामान बरामद नहीं होने से पीड़िता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

शुक्रवार को मीनू कुमारी स्वयं एसएसपी कार्यालय पहुंचीं और एक लिखित शिकायत सौंपते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए. उन्होंने बताया कि बरारी थाना पुलिस ने जिस आरोपी बोंगा हरि को हिरासत में लिया था, उसका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है, इसके बावजूद उससे चोरी गया सामान निकालने में पुलिस विफल रही है.

पीड़िता का कहना है कि जांच में जुटाए गए साक्ष्य यह स्पष्ट करते हैं कि वारदात को अंजाम उसी आरोपी ने दिया और बाद में चोरी का सामान बेच दिया. इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित रह गई है.

नर्स ने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी के स्थानांतरण के बाद मामला और ठंडे बस्ते में चला गया. संबंधित पदाधिकारी अब विश्वविद्यालय थाना में थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जिससे केस की प्रगति बाधित हो रही है.

पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप कर मामले की दोबारा समीक्षा कराने और चोरी गए सामान की जल्द बरामदगी सुनिश्चित कराने की मांग की है.

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Bhagalpur News : भागलपुर में संगीन मामलों में फरार 5 आरोपी गिरफ्तार

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : भागलपुर पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाकर संगीन मामलों में फरार चल रहे कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की इस कार्रवाई में एक आरोपी को शराब के साथ पकड़ा गया है.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है. इसके अलावा आठ लीटर देशी शराब भी जब्त की गई है.

वहीं, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वाहन जांच अभियान के तहत कुल 745 वाहनों की जांच की गई. इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों से पुलिस ने 61 हजार रुपये जुर्माने के रूप में वसूले हैं.

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Bihar News : सरस्वती पूजा में पहली बार ड्रोन से निगरानी, गंगा में विसर्जन पर रोक; जानिए थ्री-लेयर सुरक्षा प्लान

Saraswati Puja
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar News: सरस्वती पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तैयारी कर ली है. कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है. डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया.

बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि पूरे आयोजन को तीन अलग-अलग चरणों में नियंत्रित किया जाएगा. पहला चरण पूजा की तैयारियों से जुड़ा होगा, दूसरा चरण पूजा के दौरान लागू रहेगा और तीसरा चरण विसर्जन के समय प्रभावी होगा. प्रशासन का मानना है कि निरंतर निगरानी और बेहतर समन्वय से ही किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सकता है.

तीन स्तरों पर लागू होगी सुरक्षा योजना

जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरस्वती पूजा के दौरान किसी भी तरह की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा. पूजा शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, पूजा समितियों को नियमानुसार अनुमति दी जाएगी और तैयारियों की नियमित जांच होगी. पूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी. इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर सूचना फ्लैक्स लगाए जाएंगे, जिनमें निगरानी की जानकारी दी जाएगी. विसर्जन के समय ड्रोन कैमरों से भी हालात पर पैनी नजर रखी जाएगी.

अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी भ्रामक सूचना को लेकर सख्त रुख अपनाया है. सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं. किसी भी अफवाह की पहचान होते ही उसका तत्काल खंडन किया जाएगा. साथ ही खुफिया तंत्र को मजबूत करने और पहले से चिन्हित उपद्रवी तत्वों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई करने को कहा गया है. आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए क्विक रिस्पांस और मेडिकल टीम भी तैनात रहेंगी.

होटल और हॉस्टल की गतिविधियों पर नजर

त्योहार के दौरान शहर के होटल, लॉज और हॉस्टल की नियमित जांच की जाएगी. विशेष रूप से छात्रावासों में रह रहे छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. बिना अनुमति के पंडाल लगाने या जुलूस निकालने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी सीधे संबंधित थाने की होगी.

गंगा में विसर्जन पर रोक, बनाए गए कृत्रिम तालाब

गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने इस बार अलग व्यवस्था लागू की है. सरस्वती पूजा की मूर्तियों और पूजन सामग्री का विसर्जन केवल चिन्हित कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा. पाटलिपुत्र अंचल में मिनार घाट, अजीमाबाद अंचल में भद्र घाट और मित्तन घाट, बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट तथा पटना सिटी अंचल में कंगन घाट और दमराही घाट पर विशेष तालाब तैयार किए जा रहे हैं. नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई होगी.

विसर्जन के बाद सफाई पर रहेगा फोकस

विसर्जन संपन्न होने के बाद नगर निगम की ओर से घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. घाटों की सफाई, कचरे के निस्तारण, रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय एजेंसियों को दी गई है. इसके साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत घाटों पर जागरूकता टीमें मौजूद रहेंगी, जो लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगी.

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Javed Akhtar Birthday Special : जावेद अख्तर बर्थडे; 81 साल में रचीं वो कहानियां जो आज भी दर्शकों के दिलों में हैं

Javed Akhtar
जावेद अख्तर.

Javed Akhtar Birthday Special : हिंदी सिनेमा के दिग्गज लेखक, गीतकार और शायर जावेद अख्तर आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं. अपनी प्रभावशाली कहानियों और यादगार डायलॉग्स से उन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को नई दिशा दी है. जावेद अख्तर को पद्म श्री, पद्म भूषण और पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है. उनके जन्मदिन के मौके पर आज हम आपको उनकी कुछ ऐसी चर्चित फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी कहानी उन्होंने लिखी थी, लेकिन यह बात बहुत कम लोग जानते हैं.

Zanjeer

साल 1973 में आई फिल्म Zanjeer जावेद अख्तर और सलीम खान की जोड़ी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई. प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया और बॉलीवुड को “एंग्री यंग मैन” की नई पहचान दी. फिल्म के तीखे और दमदार संवाद आज भी दर्शकों को याद हैं.

Sholay और Deewar

1975 का साल हिंदी सिनेमा के इतिहास में खास माना जाता है, जब Sholay और Deewar जैसी फिल्में रिलीज हुईं. रमेश सिप्पी की Sholay में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और जया बच्चन की शानदार अदाकारी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. वहीं यश चोपड़ा की Deewar में अमिताभ का विजय वर्मा का किरदार आज भी सिनेमा के सबसे आइकॉनिक किरदारों में गिना जाता है. इन दोनों फिल्मों की कहानी और संवाद आज भी क्लासिक माने जाते हैं.

Don और Main Azaad Hoon

1978 में रिलीज हुई Don और 1989 की Main Azaad Hoon के जरिए जावेद अख्तर ने अपनी लेखनी की विविधता को साबित किया. Don में अमिताभ बच्चन का स्टाइलिश अंदाज और थ्रिल से भरपूर कहानी दर्शकों के दिलों में बस गई, जबकि Main Azaad Hoon ने समाज और राजनीति से जुड़े गंभीर सवालों को मजबूती से उठाया.

Lakshya

साल 2004 में फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित Lakshya में जावेद अख्तर की कहानी ने युवाओं को गहराई से प्रभावित किया. खुद को पहचानने और लक्ष्य हासिल करने की इस प्रेरणादायक कहानी में उनकी सोच और रचनात्मकता साफ झलकती है.

जावेद अख्तर ने अपनी कलम से भारतीय सिनेमा को अनमोल धरोहर दी है. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी और उनके यादगार संवाद आज भी दर्शकों की जुबान पर हैं. उनकी लिखी कहानियां आने वाले समय में भी सिनेमा प्रेमियों को प्रेरित करती रहेंगी.

Javed Akhtar Shayari: जावेद अख़्तर के शेर, जो दिल पर मरहम बन जाएं

“इन चराग़ों में तेल ही कम था
क्यूं गिला फिर हमें हवा से रहे”
“हम तो बचपन में भी अकेले थे
सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे”
– जावेद अख़्तर

छोड़ कर जिस को गए थे आप कोई और था,
अब मैं कोई और हूँ वापस तो आ कर देखिए !
– जावेद अख़्तर

बहाना ढूँडते रहते हैं कोई रोने का
हमें ये शौक़ है क्या आस्तीं भिगोने का
– जावेद अख़्तर

आज फिर दिल ने एक तमन्ना की,
आज फिर दिल को हमने समझाया….
– जावेद अख़्तर

बंध गई थी दिल में कुछ उम्मीद सी
ख़ैर तुम ने जो किया अच्छा किया
– जावेद अख़्तर

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महाराष्ट्र निकाय चुनावों में महायुति का दबदबा, BJP की बड़ी बढ़त पर जश्न, फडणवीस ने कहा– जनता ने विकास चुना

Maharashtra
BJP की बड़ी बढ़त पर जश्न

Maharashtra Civic Elections Results: महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. नगर निकाय चुनावों के सामने आए रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि राज्य की अधिकांश महानगरपालिकाओं में बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है. 29 नगर निगमों के लिए हुए चुनावों में महायुति 23 जगहों पर बढ़त बनाती नजर आ रही है, जिससे राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं.

पुणे और पिंपरी-चिंचवड जैसे वे क्षेत्र, जिन्हें अब तक शरद पवार और अजित पवार की सियासी पकड़ का केंद्र माना जाता रहा है, वहां भी बीजेपी गठबंधन आगे चल रहा है. इसके अलावा मुंबई, नागपुर और नासिक जैसे बड़े शहरों में भी महायुति ने स्पष्ट बढ़त बना ली है. इन संकेतों के बाद बीजेपी संगठन में उत्साह का माहौल है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इसी क्रम में मुंबई स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार अभिनंदन किया.

बीएमसी में पहली बार बीजेपी सबसे आगे, 125 से अधिक सीटों का अनुमान

बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों में इस बार का परिणाम ऐतिहासिक माना जा रहा है. दशकों तक जिस संस्था पर अविभाजित शिवसेना का वर्चस्व रहा, वहां बीजेपी ने बड़ी छलांग लगाते हुए खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित कर लिया है. मौजूदा रुझानों के अनुसार 227 सदस्यीय बीएमसी में महायुति को करीब 125 सीटें मिल सकती हैं.

मुंबई सहित राज्य के 29 नगर निकायों में कुल मतदान प्रतिशत 54.77 दर्ज किया गया. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बेहतर प्रदर्शन के चलते महायुति अब बीएमसी में सत्ता गठन के सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभर चुकी है.

ठाकरे भाइयों की साझा रणनीति भी नहीं दिला सकी फायदा

बीएमसी की सत्ता की जंग में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की वर्षों बाद हुई राजनीतिक नजदीकी भी चुनावी नतीजों में असर नहीं दिखा सकी. अब तक के परिणामों से यह संकेत मिल रहा है कि मतदाताओं ने इस एकता को समर्थन नहीं दिया.

पुणे और उससे जुड़े पिंपरी-चिंचवड नगर निगम में भी बीजेपी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और एनसीपी (शरद पवार गुट) के गठबंधन को पीछे छोड़ते हुए बड़ी बढ़त बना ली है.

फडणवीस फैक्टर बना गेमचेंजर, पुराने आंकड़े टूटते दिखे

बीजेपी की इस चुनावी सफलता के केंद्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नेतृत्व बताया जा रहा है. 2017 के बीएमसी चुनावों में पार्टी को मिली 82 सीटों के मुकाबले इस बार बीजेपी उससे कहीं आगे निकलती नजर आ रही है.

‘मिशन मुंबई’ के जरिए बीजेपी ने खुद को देश की आर्थिक राजधानी में निर्णायक राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है. यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बीएमसी को लंबे समय तक ठाकरे परिवार की शिवसेना का अजेय किला समझा जाता था. मौजूदा नतीजों से संकेत मिलता है कि मुंबई की राजनीति अब पहचान की राजनीति से हटकर विकास और प्रशासन के मुद्दों की ओर बढ़ रही है.
वहीं नागपुर की 151 सदस्यीय महानगरपालिका में भी बीजेपी 2017 के 108 सीटों के रिकॉर्ड को पार करने की ओर अग्रसर है.

नतीजों पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

चुनावी रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पार्टी ने नगर निकाय चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास-केंद्रित नेतृत्व को सामने रखकर लड़े. उन्होंने कहा कि जनता ने भारी समर्थन देकर यह दिखा दिया है कि उसे प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर भरोसा है.

कार्यकर्ताओं में जश्न, सड़कों पर उत्सव का माहौल

चुनावी बढ़त के साथ ही बीजेपी समर्थकों ने कई शहरों में जश्न मनाना शुरू कर दिया है. कार्यकर्ता रंग-गुलाल उड़ाते हुए सड़कों पर खुशी जाहिर कर रहे हैं.

पुणे से जीत दर्ज करने वाले बीजेपी उम्मीदवार कुणाल तिलक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह अभूतपूर्व है. उनके अनुसार बीजेपी ने लगभग सभी नगर निगमों में शानदार प्रदर्शन किया है, खासतौर पर पुणे में मिली जीत वर्षों की मेहनत और संगठनात्मक मजबूती का नतीजा है.

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बिहार के इस सिटी में 18 और 21 को Police Sub-Inspector की परीक्षा, अंतिम 30 मिनट में टॉयलेट जाने की अनुमति नहीं

Bihar Police
18 और 21 को Police Sub-Inspector की परीक्षा.

Bihar Police : जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव की संयुक्त अध्यक्षता में भागलपुर के 21 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली “पुलिस अवर निरीक्षक” प्रारंभिक लिखित परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर बैठक आयोजित की गई.

बैठक में सभी परीक्षा केंद्र अधीक्षक, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को परीक्षा के सफल संचालन और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए.

परीक्षा का कार्यक्रम

बैठक में बताया गया कि बिहार पुलिस अवर सेवा चयन आयोग, पटना द्वारा यह परीक्षा 18 जनवरी (रविवार) और 21 जनवरी (बुधवार) को दो पालियों में आयोजित की जाएगी.

  • पहली पाली: सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे
  • दूसरी पाली: दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे

परीक्षा केंद्र और अभ्यर्थी संख्या

भागलपुर जिले में कुल 21 परीक्षा केंद्र हैं. परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या:

  • 18 जनवरी: 8,832
  • 21 जनवरी: 8,827

सुरक्षा और दंडाधिकारी व्यवस्था

परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी इस प्रकार हैं:

  • स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक: 22
  • गश्तीदल-सह-जोनल दंडाधिकारी: 12
  • उड़नदस्तादल-सह-सुपर जोनल दंडाधिकारी: 6

प्रवेश और नियम

  • पहली पाली प्रवेश समय: 08:30 – 09:30 बजे
  • दूसरी पाली प्रवेश समय: 01:00 – 02:00 बजे
  • निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
  • मुख्य प्रवेश द्वार पहली पाली के लिए 09:30 बजे और दूसरी पाली के लिए 02:00 बजे बंद कर दिए जाएंगे.
  • परीक्षा समाप्त होने तक किसी भी परीक्षार्थी को बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी.
  • परीक्षा के अंतिम 30 मिनट में टॉयलेट जाने की अनुमति नहीं होगी.

तकनीकी व्यवस्था

  • परीक्षा केंद्र परिसर में केवल अधिकृत अधिकारी और कर्मचारी ही प्रवेश कर सकेंगे.
  • मोबाइल फोन का प्रयोग निषिद्ध होगा; केवल केन्द्राधीक्षक विशेष परिस्थितियों में Keypad Mobile का उपयोग कर सकते हैं.
  • प्रत्येक केंद्र पर CCTV कैमरा और जैमर लगाए जाएंगे.
  • उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज की जाएगी.

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Bhagalpur News : जिलाधिकारी ने समाहरणालय कार्यालयों में सुधार के दिए निर्देश

Bhagalpur
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण.

Bhagalpur News : जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समाहरणालय, भागलपुर में जिला गोपनीय शाखा और आपूर्ति शाखा सहित कई कार्यालयों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कार्यालयों की सफाई, संचिकाओं के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया.

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधान लिपिकों को कार्य में सुधार और संचालन को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कार्यालयों में सुव्यवस्था और नियमित रखरखाव से ही कामकाज सुचारू रूप से चल सकता है.

गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी श्री सुधीर कुमार भी निरीक्षण में उपस्थित रहे.

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