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PM Modi Bengal Visit : 17 और 18 जनवरी को बंगाल में दो जनसभाएं, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी

PM Modi
प्रधानमंत्री 17 और 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे.

PM Modi Bengal Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी महीने में पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे. इस दौरान वह लगातार दो दिनों तक राज्य के अलग-अलग जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. इन जनसभाओं के जरिए प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे.

प्रधानमंत्री 17 जनवरी को उत्तर बंगाल के मालदा जिले में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद 18 जनवरी को उनका हावड़ा में कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वह एक बड़ी जनसभा में शामिल होंगे.

हावड़ा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को करेंगे रवाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जनवरी को हावड़ा रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. यह ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही यह जानकारी दे चुके हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी. इस ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे.

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दो दिनों में बंगाल में दो बड़े कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के इस दौरे को भाजपा के लिए अहम माना जा रहा है. 17 और 18 जनवरी को होने वाले कार्यक्रमों के जरिए पार्टी राज्य में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश करेगी.

20 दिसंबर को भी बंगाल आए थे पीएम मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए थे. हालांकि खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते वह उत्तर 24 परगना के ताहिरपुर नहीं पहुंच पाए थे.

मौसम खराब होने की वजह से प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर नदिया जिले के ताहिरपुर में लैंड नहीं कर सका था. इसके बाद प्रधानमंत्री ने कोलकाता एयरपोर्ट से ही वर्चुअल माध्यम के जरिए जनसभा को संबोधित किया था.

अमित शाह ने किया था बड़ा दावा

प्रधानमंत्री के दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हाल ही में तीन दिवसीय बंगाल यात्रा पर आए थे. इस दौरान उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ और स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें कीं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.

इसके अलावा अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया था कि वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल करेगी.

मुख्य बिंदु

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे.
  • 17 जनवरी को उत्तर बंगाल के मालदा में करेंगे जनसभा.
  • 18 जनवरी को हावड़ा में जनसभा को करेंगे संबोधित.
  • हावड़ा स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी.
  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी.
  • इससे पहले 20 दिसंबर को भी बंगाल आए थे पीएम मोदी.
  • खराब मौसम के कारण ताहिरपुर नहीं जा सके थे प्रधानमंत्री.
  • अमित शाह ने 2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा की दो-तिहाई बहुमत से जीत का दावा किया.

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Bihar Crime : बिहार में पति ने पहले पत्नी पर तेजाब डाला, फिर खुद पी लिया—आखिर इसके पीछे क्या रही वजह?

पति पत्नी विवाद में एसिड अटैक
पति पत्नी विवाद में एसिड अटैक.

Bihar Crime : रानीतालाब मोहल्ले में गुरुवार देर शाम घरेलू विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक परिवार पूरी तरह टूट गया. आरोप है कि पति ने पहले पत्नी को जबरन तेजाब पिलाया, फिर उसके शरीर पर तेजाब उड़ेल दिया. इसके बाद उसने खुद भी तेजाब पी लिया. इस घटना में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज पटना में चल रहा है.

पुलिस के अनुसार औद्योगिक थाना क्षेत्र के रानीतालाब निवासी 55 वर्षीय दुलाल पोद्दार बीते पांच वर्षों से दिल्ली में रह रहा था और 31 दिसंबर को ही घर लौटा था. गुरुवार को किसी बात को लेकर उसका अपनी पत्नी पूनम देवी से विवाद हो गया. पूनम देवी रानीतालाब में ही ‘आवासीय विद्या निकेतन’ नामक निजी स्कूल का संचालन करती हैं.

विवाद बढ़ने पर क्या हुआ?

विवाद बढ़ने पर दुलाल ने कथित तौर पर पहले पत्नी को जबरन तेजाब पिलाया और फिर उसके पूरे शरीर पर तेजाब डाल दिया. घटना के बाद उसने खुद भी तेजाब पी लिया. शोर सुनकर बड़ा बेटा मौके पर पहुंचा और गंभीर हालत में मां को अस्पताल लेकर भागा. मायागंज अस्पताल से महिला की स्थिति को देखते हुए उसे पटना रेफर कर दिया गया.

घटना के बाद घर में ताला लगा रह गया. शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पुलिस छोटे बेटे आयुष के साथ घर पहुंची और ताला खुलवाया. कमरे के अंदर दुलाल पोद्दार का शव बरामद हुआ. इसके बाद एफएसएल की टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए. शव का पोस्टमार्टम शनिवार को कराया जाएगा.

दिल्ली से ही लाया गया था तेजाब

छोटे बेटे आयुष ने बताया कि पिता दिल्ली से ही तेजाब लेकर आए थे. 31 दिसंबर को वह खुद उन्हें स्टेशन से लेकर आया था, लेकिन बैग की जांच नहीं की गई. आयुष के अनुसार घटना के समय स्कूल में रह रहे करीब 50 बच्चे कक्षाओं में थे. डर के कारण घटना के बाद सभी बच्चों को लेकर वे ननिहाल चले गए थे.

परिजनों का कहना है कि जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. फिलहाल स्कूल किराये के भवन में संचालित किया जा रहा था, जिसे लेकर भी तनाव बना हुआ था.

सिटी एसपी शुभांक मिश्रा के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला घरेलू विवाद का प्रतीत होता है. आशंका है कि पति ने तेजाब पीकर आत्महत्या की है. पूरे मामले का खुलासा एफएसएल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा.

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Magh Mela : संगम तट पर माघ मेला, मिनी कुंभ जैसा उत्सव – फोटो और वीडियो में देखें

मिनी कुंभ जैसा उत्सव
मिनी कुंभ जैसा उत्सव.

Magh Mela : त्रिवेणी संगम पर माघ मेले की शुरुआत हो गई है. शनिवार से माघ मेले में लगभग पांच लाख कल्पवासी शामिल हो रहे हैं. वे दिन में दो बार गंगा स्नान करेंगे, एक पहर भोजन करेंगे और बाकी समय अपने आराध्य देवता की पूजा और ध्यान में व्यतीत करेंगे. त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि सुबह ठंड और कोहरे की वजह से स्नानार्थियों की संख्या कम रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप निकली, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी. पौष पूर्णिमा का स्नान पूरे दिन जारी रहेगा.

सुबह-सुबह स्नान और श्रद्धालुओं का आगमन

मेला प्रशासन के अनुसार सुबह 10 बजे तक लगभग नौ लाख श्रद्धालु संगम और गंगा घाटों में स्नान कर चुके थे. प्रयाग धाम संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि सुबह कोहरे के कारण भीड़ कम रही. हालांकि कल्पवासियों को जोड़कर शाम तक लगभग 20 लाख लोग पौष पूर्णिमा स्नान कर सकते हैं. स्नान मुहूर्त 3 जनवरी की शाम चार बजे तक रहेगा.

Magh Mela : संगम तट पर माघ मेला, मिनी कुंभ जैसा उत्सव – फोटो और वीडियो में देखें Magh Mela
Magh Mela

कल्पवासी स्नान के बाद अपने पुरोहित से एक महीने के कल्पवास का संकल्प लेंगे और उसी के अनुसार मेला क्षेत्र में प्रवास करेंगे.

प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 स्नान घाट और 9 पांटून पुल बनाए गए हैं. इससे श्रद्धालुओं का आवागमन आसान होगा और भीड़ नियंत्रित रहेगी. प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि पौष पूर्णिमा पर लगभग 20–30 लाख श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान करेंगे.

एडीएम (माघ मेला) दयानंद प्रसाद ने बताया कि पहली बार कल्पवासियों के लिए अलग नगर विकसित किया गया है. इसे प्रयागवाल नाम दिया गया है. 950 बीघा में बसे इस नगर में ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं. यह नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार स्थित है.

Magh Mela : संगम तट पर माघ मेला, मिनी कुंभ जैसा उत्सव – फोटो और वीडियो में देखें Magh Mela 1
Magh Mela

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

स्नान के पहले दिन लोग अपेक्षाकृत कम भीड़ में गंगा और संगम में नहाने का लाभ उठा रहे हैं. कोलकाता से आई पूजा झा ने कहा कि माघ मेले में आने का अनुभव बेहद सुखद रहा. मध्य प्रदेश के रीवा से आई शिवानी मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की तुलना में भीड़ कम होने से आराम से स्नान किया जा सका.

माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्व

माघ मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान पर्व आयोजित होंगे:

  • पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी
  • मकर संक्रांति: 14 जनवरी
  • मौनी अमावस्या: 18 जनवरी
  • बसंत पंचमी: 23 जनवरी
  • माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी
  • महाशिवरात्रि: 15 फरवरी

प्रशासन ने बताया कि इन पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी.

श्रद्धालु सुविधाएं और सुरक्षा

मेला क्षेत्र में पर्याप्त टॉयलेट, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. पुलिस और सुरक्षा बल तट पर सतत निगरानी रख रहे हैं. इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग और पारगमन के लिए अलग अलग मार्ग बनाए गए हैं.

कल्पवासियों के लिए विशेष आयोजन

कल्पवासियों के लिए अलग नगर के भीतर पूजा, सत्संग और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. वे यहां प्रतिदिन स्नान, भोजन और उपासना करेंगे. प्रशासन ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थित प्रवास को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है.

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केंद्र से आगे निकलकर असम ने रचा नया इतिहास!, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया सबसे पहले शुरू

Pay Commission
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया सबसे पहले शुरू

Assam Pay Commission : पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों में एक अहम पहल की है. राज्य सरकार ने 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे दिया है. इसके साथ ही असम ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब मौजूदा 7वें वेतन आयोग की अवधि 1 जनवरी 2026 को समाप्त होने जा रही है.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार समय रहते वेतन ढांचे की समीक्षा करना चाहती है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भविष्य में किसी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.

आयोग की जिम्मेदारी किसे मिली?

राज्य सरकार ने प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए पूर्व मुख्य सचिव सुभाष दास को इस आयोग का नेतृत्व सौंपा है. उन्हें 8वें राज्य वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. आयोग का काम राज्य के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा कर नई सिफारिशें तैयार करना होगा.

कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीदें

वेतन आयोग के गठन की खबर सामने आते ही असम के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों में उत्साह देखा जा रहा है. हालांकि नई वेतन संरचना को पूरी तरह लागू होने में अभी समय लगेगा और इसके 2027–28 या 2028–29 तक प्रभावी होने की संभावना है, लेकिन इसका लाभ 1 जनवरी 2026 से मान्य किया जाएगा. ऐसे में एरियर मिलने की भी संभावना जताई जा रही है.

केंद्र और राज्यों से आगे असम

आमतौर पर किसी भी वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में करीब डेढ़ साल का समय लगता है. असम सरकार ने पहले ही कदम उठाकर न सिर्फ अन्य राज्यों बल्कि केंद्र सरकार की प्रक्रिया से भी बढ़त बना ली है. जानकारों का मानना है कि इस वजह से असम के कर्मचारियों को वेतन संशोधन का लाभ अपेक्षाकृत जल्दी मिल सकता है.

सरकार का कहना है कि यह फैसला कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और आयोग की सिफारिशों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी.

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₹2,100 की राशि अब कैसे और किनको मिलेगी? यहां जानें दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव

Deen Dayal Lado Lakshmi Yojana
₹2,100 की राशि अब कैसे और किनको मिलेगी?.

Deen Dayal Lado Lakshmi Yojana: हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को नए स्वरूप में लागू करने का फैसला किया है. 1 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में योजना के नियमों में संशोधन को हरी झंडी दी गई. सरकार का कहना है कि अब यह योजना सिर्फ आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार को भी प्रोत्साहित करेगी.

नई व्यवस्था के तहत जिन महिलाओं के बच्चे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे या जिनकी सेहत पहले की तुलना में सुधरेगी, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा.

₹2,100 की राशि किस तरह दी जाएगी?

अब योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि एकमुश्त नहीं दी जाएगी. कुल ₹2,100 को दो हिस्सों में बांटा गया है. ₹1,100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में भेजे जाएंगे, जबकि शेष ₹1,000 रुपये सरकार महिला के नाम से एफडी या आरडी में जमा करेगी. यह राशि तय समय के बाद ब्याज सहित दी जाएगी, जिसकी अवधि पांच साल से अधिक नहीं होगी. यदि लाभार्थी महिला की मृत्यु हो जाती है, तो यह रकम उसके नामित व्यक्ति को दी जाएगी.

  • कुल सहायता राशि ₹2,100 तय की गई है.
  • ₹1,100 रुपये महिला के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होंगे.
  • ₹1,000 रुपये सरकार महिला के नाम से FD या RD में जमा करेगी.
  • जमा की गई राशि तय अवधि के बाद ब्याज सहित दी जाएगी.
  • यह अवधि अधिकतम 5 साल होगी.
  • लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में राशि नॉमिनी को मिलेगी.

योजना में किए गए प्रमुख बदलाव

सरकार ने पात्रता से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है. अब ₹1.80 लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाएं इस योजना में शामिल होंगी. इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कुछ नए मानदंड जोड़े गए हैं—

  • सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की मां को लाभ मिलेगा.
  • 10वीं या 12वीं में 80% से अधिक अंक आने पर पात्रता.
  • निपुण मिशन के तहत कक्षा 1 से 4 का तय स्तर पूरा होना.
  • कुपोषण या एनीमिया से उबरकर ग्रीन जोन में आए बच्चों की माताएं भी शामिल.

पहले किए गए बदलावों का असर

इस योजना को लेकर इससे पहले भी नियम बदले जा चुके हैं. 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी महिलाओं को ₹2,100 प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन 15 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना में शर्तें कड़ी कर दी गईं. उम्र सीमा बढ़ाई गई, आय सीमा तय की गई और कई श्रेणियों की महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया.

  • न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 23 वर्ष की गई.
  • पारिवारिक आय सीमा ₹1 लाख तय की गई.
  • हरियाणा का स्थायी निवासी होना या 15 साल से रहना जरूरी किया गया.
  • सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं को बाहर किया गया.
  • विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन पाने वाली महिलाएं अपात्र रहीं.

इन शर्तों का असर यह हुआ कि अनुमानित लाभार्थियों की संख्या 80 लाख से घटकर करीब 20 लाख रह गई. नवंबर 2025 में जब पहली किस्त जारी की गई, तब सिर्फ 5.22 लाख महिलाओं को ही राशि मिल सकी. 1 जनवरी 2026 तक भी कुल पंजीकरण लगभग 10 लाख तक ही पहुंच पाया.

इसका क्या असर पड़ा?

  • अनुमानित लाभार्थी 80 लाख से घटकर करीब 20 लाख रह गए.
  • नवंबर 2025 में पहली किस्त जारी हुई.
  • सिर्फ 5.22 लाख महिलाओं को भुगतान हो सका.
  • 1 जनवरी 2026 तक लगभग 10 लाख रजिस्ट्रेशन हुए.

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Bihar Teacher News : बिहार के 82 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, सक्षमता परीक्षा को लेकर आया अपडेट

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बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर. (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Teacher News : नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार के हजारों नियोजित शिक्षकों के लिए राहत भरी जानकारी सामने आई है. राज्य सरकार ने पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर संकेत दिए हैं, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों को अवसर मिलने वाला है. अनुमान है कि यह परीक्षा जनवरी के अंतिम दिनों या फरवरी की शुरुआत में आयोजित की जा सकती है.

कहां से सामने आई जानकारी?

इस परीक्षा को लेकर जानकारी सत्तारूढ़ दल जेडीयू के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की गई है. पोस्ट में बताया गया है कि पांचवीं सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है. इसे सरकार की ओर से नियोजित शिक्षकों के लिए नए साल का बड़ा अवसर माना जा रहा है, क्योंकि काफी समय से परीक्षा को लेकर असमंजस बना हुआ था.

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध

परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक शिक्षक निर्धारित पोर्टल sakshamtabihar.com के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए 1100 रुपये शुल्क तय किया गया है. यह परीक्षा प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक, यानी कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के लिए आयोजित होगी. परीक्षा की अवधि ढाई घंटे की होगी, जिसमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. आवेदन या तकनीकी समस्या की स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.

फर्जी दस्तावेज वाले शिक्षकों पर शिकंजा

इसी बीच नियोजित शिक्षकों से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है. राज्य में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की पहचान की गई है. निगरानी विभाग की जांच में पता चला है कि कई जिलों में हजारों शिक्षक गलत दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति पाए हुए थे.

जांच में उजागर हुए कई तरीके

प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि कुछ शिक्षकों ने अपने अंकपत्रों में हेरफेर कर अंक बढ़ाए थे, जबकि कुछ मामलों में किसी अन्य व्यक्ति के नाम और रोल नंबर का इस्तेमाल किया गया. कई दस्तावेजों में पारिवारिक विवरण भी मेल नहीं खा रहा था. इन सभी मामलों में संबंधित जिलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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Bihar Politics : बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव की सक्रिय वापसी; 5–6 जनवरी को RJD की बैठक में होंगे बड़े निर्णय

Tejashwi Yadav
बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव की सक्रिय वापसी.

Bihar Politics : राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव अगले सप्ताह से बिहार की राजनीति में फिर से पूरी ताकत के साथ सक्रिय होते दिखाई देंगे. 4 जनवरी को उनके दिल्ली से पटना लौटने की योजना है. लौटते ही 5 और 6 जनवरी को पटना में पार्टी की उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें संगठन की स्थिति और आने वाली राजनीतिक रणनीति पर गहन मंथन होगा.

इन बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. चर्चा का केंद्र हालिया विधानसभा चुनावों में मिली असफलता और संगठनात्मक कमजोरियों की पहचान रहेगा.

संगठन की निष्क्रियता बनी हार की बड़ी वजह

पार्टी के आंतरिक फीडबैक में पहले ही यह सामने आ चुका है कि चुनाव के दौरान कई जिलों और प्रखंडों में संगठन अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं रहा. कई जगहों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं की बजाय बाहरी संसाधनों पर भरोसा किया गया, जिससे जमीनी पकड़ कमजोर हुई. कार्यकर्ताओं ने प्रचार सामग्री को लेकर भी नाराज़गी जताई थी, खासकर उन वस्तुओं को लेकर जिनका रंग सत्तारूढ़ दल से मेल खाता था. इन सभी बिंदुओं पर समीक्षा बैठकों में खुलकर चर्चा होने की संभावना है.

तेजस्वी के लौटते ही संगठनात्मक ढांचे में बदलाव

सितंबर में मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन चुनाव नजदीक होने के कारण नई प्रदेश और जिला इकाइयों का गठन नहीं हो सका. कई जिलों और अधिकांश प्रखंडों में अब तक पदाधिकारी नियुक्त नहीं हो पाए हैं. इसका सीधा असर चुनाव प्रबंधन और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर पड़ा. फिलहाल पार्टी पुरानी कमेटियों के सहारे काम कर रही है, जो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के कार्यकाल में गठित हुई थीं.

नए जिलाध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्षों पर मंथन

बैठकों के दौरान करीब 50 जिलाध्यक्षों और लगभग 265 प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर रायशुमारी की जाएगी. तेजस्वी यादव इन पदों पर नियुक्ति से पहले वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े लोगों की सलाह लेना चाहते हैं.

इसके अलावा 24 जनवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा कि इसे पूरे राज्य में बड़े स्तर पर मनाया जाए या केवल प्रदेश कार्यालय तक सीमित रखा जाए.

मकर संक्रांति पहले लालू यादव की वापसी की संभावना

14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन राबड़ी देवी के आवास पर होने वाले पारंपरिक ‘चूड़ा-दही भोज’ को लेकर भी रणनीति तय की जाएगी कि इसे सीमित रखा जाए या व्यापक राजनीतिक आयोजन का रूप दिया जाए. सूत्रों के अनुसार, आंख के इलाज के बाद लालू प्रसाद यादव भी इसी अवधि में दिल्ली से पटना लौट सकते हैं. इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. मीसा भारती के भी पटना आने की संभावना जताई जा रही है.

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Bhagalpur : भागलपुर में सड़क सुरक्षा सप्ताह का आगाज, चौक-चौराहों से स्कूलों तक चल रहा जागरूकता अभियान

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur : नववर्ष के साथ ही भागलपुर में सड़क सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत व्यापक स्तर पर की गई है. सड़क हादसों की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग ने जिले भर में जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की है. तय कार्यक्रम के अनुसार शहर और ग्रामीण इलाकों में रोज अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं.

जीरो माइल, स्टेशन चौक, कचहरी चौक सहित व्यस्त स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जहां दोपहिया चालकों के हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट के उपयोग की जांच की जा रही है. इसके साथ ही जागरूकता रथ लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दे रहा है.

अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई जा रही है, जबकि ऑटो और बस चालकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जा रहे हैं. जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है.

स्कूल बसों पर बढ़ेगी निगरानी

देश में सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में अहम बदलाव की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2025 का मसौदा तैयार कर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुझाव मांगे हैं.

प्रस्तावित संशोधन के तहत शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े वाहनों की परिभाषा को नए सिरे से तय किया गया है, जिससे ठेके या किराये पर चलने वाली स्कूल बसें भी सख्त नियमों के दायरे में आएंगी. इसके अलावा वाहनों के वर्गीकरण को वजन के आधार पर पुनः निर्धारित करने का प्रस्ताव भी शामिल है.

मंत्रालय ने सभी राज्यों से 2 जनवरी 2026 तक अपनी टिप्पणियां भेजने को कहा है. इसके बाद 7 और 8 जनवरी को नई दिल्ली में परिवहन मंत्रियों की बैठक में संशोधन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

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Bhagalpur News : ई-केवाईसी के लिए 6 से 9 जनवरी तक लगेगा शिविर; DM ने कामकाज सुधारने की दी चेतावनी

भागलपुर डीएम
ई-केवाईसी के लिए 6 से 9 जनवरी तक लगेगा शिविर.

Bhagalpur News : भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में प्राथमिकता सूची वाले लंबित कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के सभी कार्यालय प्रधान, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी उपस्थित रहे.

प्रखंड स्तर पर समन्वय बैठक और कमजोर प्रखंडों पर विशेष फोकस

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कैबिनेट के निर्णय के आलोक में प्रखंड स्तर पर महीने में कम से कम दो बार समन्वय बैठक आयोजित की जानी चाहिए. यदि दो विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी कोई समस्या हो तो उसका समाधान जिला स्तर के पदाधिकारी करेंगे.
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों के प्रदर्शन में सबसे नीचे रहने वाले तीन प्रखंडों का चयन करे, वहां स्वयं भ्रमण कर समीक्षा करे और निरंतर प्रयास से स्थिति में सुधार लाए.

किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय उद्योग पर निर्देश

जिलाधिकारी ने बताया कि किसान सम्मान निधि और ई-केवाईसी के लिए 6 से 9 जनवरी तक विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. सरकार द्वारा इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, इसलिए समय पर कार्य निष्पादन अनिवार्य है.
उन्होंने अंचलाधिकारियों के दाखिल-खारिज और परिमार्जन कार्यों की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि अपने-अपने अंचल की शिकायतों का अलग फोल्डर बनाकर ऐसा तंत्र विकसित करें, जिससे शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालय न आना पड़े.

जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षकों के अनुशासन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. वहीं अनुमंडल पदाधिकारियों से कहा गया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि एनआईसीयू एवं पीआईसीयू के बेड खाली न रहें.
जहां सर्जन पदस्थापित हैं वहां ऑपरेशन नहीं होने की स्थिति की समीक्षा सिविल सर्जन करेंगे. साथ ही आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं के कार्यों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया.

जिलाधिकारी ने छोटे और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि भागलपुर में आटा, चावल सहित स्थानीय उत्पादों तथा जीविका के माध्यम से बनाए जा रहे आम, मक्का, जूस, फूल और बेलपत्र जैसे उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए. इसके लिए जीएमडीआईसीटी को बैठक कर स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास करने का निर्देश दिया गया.

प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में कम से कम तीन खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण करने और वहां मौजूद किसानों से फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया. साथ ही जियो-टैग्ड उत्पादों को निर्यात तक ले जाने पर जोर देते हुए जर्दालू आम और सिल्क को बढ़ावा देने की बात कही गई.

पर्यटन विकास को लेकर जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रखंड विकास पदाधिकारी को अपने प्रखंड के एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल का चयन कर उसके विकास के लिए समिति गठन का निर्देश दिया. वहां साफ-सफाई, चप्पल-जूता रखने की व्यवस्था, सीसीटीवी और स्थल की जानकारी देने के लिए उचित स्क्रिप्ट तैयार करने को कहा गया.

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

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भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, तीनों अनुमंडल पदाधिकारी, तीनों भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा सभी अंचल अधिकारी शामिल हुए.

भू-अर्जन की प्रगति पर असंतोष, एसडीओ करेंगे निगरानी

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर में विभिन्न विभागों की कुल 14 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है. अमीनों द्वारा भूमि सर्वे किया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं मिल रही है. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि अब संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भू-अर्जन मामलों की निगरानी और अनुश्रवण स्वयं करेंगे, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके.

एनएच-133 से ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तक परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में एनएच-133, एकचारी–महगामा पथ, पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना, कटारिया–विक्रमशिला रेल लाइन, गोराडीह औद्योगिक क्षेत्र, बधुआ जलाशय योजना, अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, गंगा पथ परियोजना तथा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना सहित अन्य योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि के भू-अर्जन की स्थिति की क्रमवार समीक्षा की गई.

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 5 से 6 दिनों के अंदर सभी भू-धारकों का सर्वे पूरा कर उनका जमाबंदी नंबर, खाता संख्या और खेसरा विवरण के साथ परियोजनावार प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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