18.1 C
Delhi
18 February 2026, Wednesday
- Advertisment -

वायरल वीडियो

Tejashwi Yadav : तेजस्वी यादव ने लगाया बड़ा आरोप—’बिहार में जनता नहीं, पूरी मशीनरी जीती

Tejashwi Yadav : बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव ने पहली बार खुलकर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव जनता ने नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी ने जीता और पूरा चुनाव पहले से सेट था. कपिल सिब्बल से बातचीत वाला वीडियो जारी होते ही राजनीतिक तापमान अचानक तेज हो गया है.

Tejashwi Yadav : बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहली बार खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने हार को लेकर बड़ा दावा किया है. यूरोप दौरे के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से बातचीत में तेजस्वी ने पूरे चुनाव को “फिक्स” बताते हुए कहा कि नतीजों ने लोकतंत्र की बुनियाद हिला दी है. शनिवार को उन्होंने यह बातचीत वाला वीडियो सार्वजनिक किया, जिसके बाद राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है.

चर्चा लगभग 45 मिनट चली, जिसमें तेजस्वी ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र खतरे में है और इस विषय पर राष्ट्रव्यापी बहस जरूरी है. उनका आरोप है कि राज्य के मतदाताओं ने बदलाव का निर्णय ले लिया था, लेकिन “मशीनरी ने जनादेश को दबा दिया.”

सीटों में भारी गिरावट पर सवाल

तेजस्वी ने कहा कि आज तक कोई यह समझ नहीं पा रहा कि महागठबंधन 75 से सीधे 25 सीटों पर कैसे आ गया. उनके अनुसार, वोट प्रतिशत स्पष्ट रूप से बढ़ा था और बिहार की जनता परिवर्तन के पक्ष में थी, लेकिन नतीजे इसके ठीक उलट घोषित किए गए. तेजस्वी का सीधा आरोप है — “यह चुनाव जनता की जीत नहीं, मशीनरी की जीत है.”

पोस्टल बैलेट की गिनती में 143 सीटों पर महागठबंधन आगे चल रहा था

तेजस्वी ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया. उन्होंने दावा किया कि पोस्टल बैलेट की गिनती में 143 सीटों पर महागठबंधन आगे चल रहा था, लेकिन ईवीएम परिणाम घोषित होने के बाद तस्वीर बिल्कुल बदल गई. तेजस्वी के शब्दों में — “ईवीएम में अदृश्य शक्तियां काम कर रही थीं, जो बदलाव होने नहीं देना चाहती थीं.”

साधन और संसाधन के इस्तेमाल का आरोप

तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान से 10 दिन पहले करीब 40 हजार करोड़ रुपये “रिश्वत की तरह” बांटे गए. उनका कहना है कि चुनाव जीतने के लिए हर संभव साधन और संसाधन का इस्तेमाल किया गया. तेजस्वी ने दोहराया कि पेंशन बढ़ाने और माई-बहिन मान जैसी योजनाएं महागठबंधन की थीं, लेकिन सत्ता पक्ष ने संसाधनों के दुरुपयोग से चुनावी माहौल पलट दिया.

सीसीटीवी फुटेज पर उठाया सवाल

तेजस्वी ने चुनाव आयोग की भी आलोचना की और पूछा कि सीसीटीवी फुटेज को केवल 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का नियम क्यों बनाया गया है. उनके अनुसार यदि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो फुटेज को एक वर्ष या उससे अधिक तक सुरक्षित रखने में क्या समस्या है.

तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है. विपक्ष इन्हें “लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास” बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी के आरोप राजनीतिक निराशा से भरे हुए हैं और उनके पक्ष में कोई ठोस प्रमाण नहीं है.

इसे भी पढ़ें-अमित शाह–सम्राट चौधरी के 30 मिनट की मुलाकात क्यों बनी चर्चा का केंद्र, जानें डिटेल्स

- Advertisement -
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
HelloCities24 से शुरुआत के दिनों से ही जुड़ी हैं. डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव है. राजनीतिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रामीण पत्रकारिता में गहरी रुचि रखती हैं.
संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

- Advertisment -
Patna
haze
23 ° C
23 °
23 °
56 %
0kmh
0 %
Wed
22 °
Thu
31 °
Fri
33 °
Sat
33 °
Sun
33 °
- Advertisment -

अन्य खबरें