29 C
Delhi
20 February 2026, Friday
Home Blog Page 91

Delhi Air Pollution: दम घोंट बनी राजधानी की हवा, AQI फिर खतरनाक स्तर पर

कंस्ट्रक्शन से स्कूल तक सभी पाबंदियां खत्म
कंस्ट्रक्शन से स्कूल तक सभी पाबंदियां खत्म.

Delhi Air Pollution: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है और लोगों को प्रदूषण से राहत मिलती नहीं दिख रही. शनिवार सुबह राजधानी का औसत AQI 365 को पार कर गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है. खास बात यह है कि पिछले आठ दिनों से दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार 300 के ऊपर बना हुआ है और निकट भविष्य में सुधार की कोई स्पष्ट उम्मीद नहीं है.

NCR में पहले से लागू GRAP-3

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 11 नवंबर को ही पूरे एनसीआर में GRAP-3 चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए थे. इस चरण के तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, भारी वाहनों के आवागमन पर सख्ती और औद्योगिक इकाइयों पर कड़े निर्देश प्रभावी हैं. अधिकारियों का कहना है कि नियमों की निगरानी कड़ाई से की जा रही है. सीपीसीबी के पैमाने के अनुसार AQI: 0–50 “अच्छा”, 51–100 “संतोषजनक”, 101–200 “मध्यम”, 201–300 “खराब”, 301–400 “बेहद खराब” और 401–500 “गंभीर” श्रेणी में माना जाता है.

इन इलाकों में सबसे खराब हालत

राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक है. आनंद विहार, वजीरपुर, विवेक विहार, बवाना और जहांगीरपुरी जैसे क्षेत्रों में AQI खतरनाक स्तर के आसपास बना हुआ है. इन इलाकों के निवासियों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. विशेषज्ञों के अनुसार हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर की अत्यधिक मात्रा सुबह और शाम के समय स्वास्थ्य जोखिम को और बढ़ा देती है.

बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानी

शनिवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जिससे सुबह और रात में ठंड का एहसास बढ़ा. दिन के दौरान अधिकतम तापमान 27–28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने आसमान साफ रहने और हल्की धूप निकलने की संभावना जताई है, हालांकि प्रदूषण की वजह से दिनभर हल्की धुंध छाई रह सकती है.

इसे भी पढ़ें-

Samrat Choudhary: गृह मंत्री सम्राट चौधरी के आवास की सुरक्षा बढ़ी, अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश; अपराधियों पर सख्त रुख

Deputy CM Samrat Chaudhary
Deputy CM Samrat Chaudhary

Samrat Choudhary: गृह मंत्री बनते ही सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त कर दिया गया है. सुरक्षाकर्मी केवल उन्हें ही अंदर जाने दे रहे हैं जिनके नाम पहले से अनुमोदित लिस्ट में दर्ज हैं. इसी कारण कंकड़बाग से उनसे मिलने पहुंचे एक डॉक्टर को प्रवेश नहीं दिया गया क्योंकि उनका नाम सूची में शामिल नहीं था.
यह व्यवस्था संकेत देती है कि मंत्री पद संभालने के तुरंत बाद से ही सुरक्षा और अनुशासन को लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

विधायकों की लगातार मुलाकातें, पार्टी कार्यालय में हुआ स्वागत

शनिवार को सम्राट चौधरी से मुलाकात करने वालों का तांता लगा रहा. जानकारी के अनुसार लगभग 12:30 बजे लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन डिप्टी सीएम से मुलाकात कर निकले थे.
इसके बाद पूर्व मंत्री जनक राम, विभिन्न विधायक और समर्थक लगातार उनके आवास पहुंचते रहे. भीड़ इतनी अधिक थी कि सम्राट चौधरी निर्धारित समय से लगभग दो घंटे देर से पार्टी कार्यालय पहुंचे. वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया.

बंद कमरे में अधिकारियों को दिए निर्देश, पटेल भवन में होगा नया कार्य संचालन

गृह मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी मिलने के बाद सम्राट चौधरी ने पहले ही दिन कामकाज शुरू कर दिया. सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उनके सरकारी आवास पहुंचे, जहां बंद कमरे में सभी को अलग-अलग टास्क सौंपे गए.
ध्यान देने वाली बात यह है कि पटेल भवन, जहां से Bihar की कानून व्यवस्था संचालित होती है, वहां पहली बार कोई गृह मंत्री नियमित रूप से बैठने वाला है. अब तक यह विभाग मुख्यमंत्री के पास रहता था.
सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालते ही मंत्री कक्ष को नया रूप दिया जा रहा है और नामपट्टिका भी लगा दी गई है.

“सात दिन रुकिए… अपराधी बिहार छोड़ने पर मजबूर होंगे”

गृह मंत्री ने अपराध नियंत्रण को लेकर बेहद कड़ा रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि बिहार के सुशासन ने पहले भी अराजकता को खत्म किया है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा.
उनका स्पष्ट बयान था—
“बिहार अपराधियों के लिए जगह नहीं है. उन्हें यहां से बाहर जाना होगा. भाजपा के नेतृत्व और नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में गृह मंत्री के रूप में काम करना मेरे लिए जिम्मेदारी है.”

अपराधियों को चेतावनी, पब्लिक-फ्रेंडली पुलिसिंग पर जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले 5–7 दिनों में कानून व्यवस्था में सुधार और जनहित वाली पुलिसिंग मॉडल पर काम तेज किया जाएगा. उन्होंने दो टूक कहा—
“यहां एक भी अपराधी को रहने नहीं दिया जाएगा. अराजकता और जंगलराज का दौर खत्म हो चुका है और सुशासन की परंपरा आगे भी बनी रहेगी.”
गृह मंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

इसे भी पढ़ें-

बिहार में विधानसभा अध्यक्ष की खोज तेज, NDA खेमे में दो नाम सबसे आगे, जानें डिटेल्स

बिना विधायक या MLC बने ही दिलाई गई शपथ, कौन है दीपक प्रकाश और कैसे बन गए मंत्री?

सम्राट चौधरी बने भाजपा विधायक दल के नेता, विजय सिन्हा होंगे उपनेता

तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार को दी बधाई, 14 करोड़ बिहारवासियों के सपनों पर जताई भरोसा

Bihar Aviation : सहरसा एयरपोर्ट से अगले साल उड़ान की उम्मीद, जमीन अधिग्रहण को मंजूरी

500 से अधिक विमान प्रभावित — आखिर समस्या क्या है?
500 से अधिक विमान प्रभावित — आखिर समस्या क्या है?

Bihar Aviation : उड़ान योजना में शामिल होने के बाद सहरसा के हवाई अड्डे को फिर से विकसित करने की प्रक्रिया अब तेज होती दिखाई दे रही है. सरकार ने विभिन्न टीमों की जांच-पड़ताल के बाद रनवे विस्तार के लिए 12.08891 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है. इस जमीन के लिए 147 करोड़ 76 लाख 56 हजार 180 रुपये की अनुमानित मुआवजा राशि तय की गई है.
पिछले महीने ओएलएस सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है और अब सामाजिक सर्वेक्षण के लिए पटना से विशेष टीम भेजी जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इन औपचारिकताओं के बाद धरातल पर काम शुरू हो सकेगा और अगले वर्ष सहरसा से हवाई सेवा शुरू होने की संभावना मजबूत है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

19 सीटर विमान सेवा की योजना, लेकिन स्थानीय नाराजगी भी

हवाई अड्डे से प्रारंभिक चरण में 19 सीटर विमान उड़ाने की तैयारी है. इससे सहरसा तथा आसपास के लोगों को रेल और सड़क के साथ एक नया हवाई विकल्प भी मिल जाएगा. न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि आपात स्थिति में यह सेवा मरीजों के लिए जीवनदायक साबित हो सकती है.
हालांकि, लोगों में यह नाराजगी है कि लंबे समय से घोषणा के बावजूद वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ. दरभंगा और पूर्णिया जैसे नजदीकी जिलों में नियमित हवाई सेवा शुरू हो चुकी है, लेकिन सहरसा की परियोजना अब भी प्रतीक्षा में है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी उम्मीदें अभी भी अधूरी हैं.

जमीन अधिग्रहण में रफ्तार नहीं, चुनावी व्यस्तता बनी कारण

उड़ान योजना में चयनित होने के बाद भी सहरसा एयरपोर्ट पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है. विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जिला प्रशासन व्यस्त होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हवाई सुविधा शुरू होने से नेपाल सीमा के नजदीकी क्षेत्रों के लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे. इसलिए वे उम्मीद कर रहे थे कि विस्तार कार्य तेजी से शुरू होगा, लेकिन फिलहाल स्थिति अनिश्चितता में है.

एयरपोर्ट की हालत बदहाल, वॉकिंग ट्रैक और मवेशियों का जमावड़ा

प्रशासनिक कार्यालयों और अधिकारियों के आवास के बीच स्थित सहरसा हवाई अड्डा इस समय अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है. यह जगह अब मार्निंग वॉक, ड्राइविंग सीखने और पुलिस भर्ती दौड़ लगाने वालों का केंद्र बन चुकी है.
केवल तब ही प्रशासन सक्रिय दिखाई देता है जब किसी मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का कार्यक्रम जिले में होता है. ऐसे मौके पर साफ-सफाई और रनवे की मरम्मत तत्काल की जाती है, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते ही हवाई अड्डा फिर उपेक्षा की स्थिति में लौट जाता है. दिनभर मवेशियों का जमावड़ा इसकी दुर्दशा का प्रतीक बना हुआ है.
स्थानीय लोगों की एक ही मांग है — वर्षों से उपेक्षित इस एयरपोर्ट का जल्द से जल्द विकास हो.

इसे भी पढ़ें-

बिहार में विधानसभा अध्यक्ष की खोज तेज, NDA खेमे में दो नाम सबसे आगे, जानें डिटेल्स

सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनते ही पहला बड़ा एक्शन; बेगूसराय में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर, पुलिस ने मारी गोली

Jharkhand Weather Update: 25 नवंबर से बदलेगा मौसम, बढ़ेगी कनकनी—जानें कल का हाल

25 नवंबर से बदलेगा मौसम
25 नवंबर से बदलेगा मौसम.

Jharkhand Weather Update: मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में शुक्रवार को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन वर्षा की कोई खास संभावना नहीं है.
न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिससे सुबह–शाम की ठंडक में थोड़ी कमी महसूस होगी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राज्य के অধিকतर जिलों में मौसम शांत रहेगा और दिन का तापमान सामान्य सीमा में बना रहेगा.

झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

25 नवंबर से गिरेगा तापमान, बढ़ेगी ठंड

अगले दो से तीन दिनों तक मौसम में विशेष परिवर्तन नहीं होगा. हालांकि इसके बाद 25 नवंबर से तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी.
तापमान कम होने के साथ कनकनी बढ़ने की संभावना है.
ताजा आंकड़ों के मुताबिक चाईबासा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुमला में न्यूनतम तापमान 10.09 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा.

बारिश की संभावना बेहद कम

मौसम विभाग के अनुसार तेज बारिश की संभावना न के बराबर है. हालांकि बादलों की आवाजाही जारी रहने से कहीं–कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, जो मौसम को सुहावना बनाए रखेंगी.
किसानों के लिए यह मौसम फिलहाल अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि गंभीर वर्षा या किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की चेतावनी नहीं है.
विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे आने वाले दिनों के पूर्वानुमान पर ध्यान रखें और अचानक ठंड बढ़ने पर आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ. फिलहाल किसी बड़े अलर्ट की जरूरत नहीं है.

इसे भी पढ़ें-

संस्कार से निखरता है बच्चों का भविष्य, संयमित जीवन पर जोर—सुतिर्थ सागर महाराज

केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य, निरसा में आंशिक प्रगति

धनबाद वन प्रमंडल का नया कार्यालय और अतिथि गृह अब पूरी तरह तैयार

Ranchi News: संस्कार से निखरता है बच्चों का भविष्य, संयमित जीवन पर जोर—सुतिर्थ सागर महाराज

संस्कार से निखरता है बच्चों का भविष्य
संस्कार से निखरता है बच्चों का भविष्य.

Ranchi News: दिगंबर जैन आचार्य 108 सूरत्न सागर जी महाराज के शिष्य परम पूज्य 108 सुतिर्थ सागर महाराज ने शनिवार को श्री दिगंबर जैन मंदिर, अपर बाजार में प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए संस्कार सबसे सशक्त साधन हैं.
महाराज ने कहा कि छोटे से छोटे कार्य में भी धर्म का आधार दिखना चाहिए. बच्चों को मंदिर ले जाना, अभिषेक करवाना और नियमित पूजा की आदत डालना संस्कार देने के प्रभावी तरीके हैं.

‘चक्रवर्ती विवाह’ की महत्ता पर प्रकाश

प्रवचन के दौरान उन्होंने विवाह पर चर्चा करते हुए ‘चक्रवर्ती विवाह’ का उल्लेख किया. उनके अनुसार यह विवाह दिन के समय पूर्ण विधि-विधान से होता है और परंपरा के अनुरूप अत्यंत पवित्र माना जाता है. उन्होंने समाज से आग्रह किया कि यथासंभव इसी प्रकार का विवाह कराने का प्रयास होना चाहिए.

झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

होटल के भोजन से परहेज़ की सलाह

होटलों के भोजन पर चिंता व्यक्त करते हुए महाराज ने कहा कि अशुद्ध खान-पान का प्रभाव मन और विचारों पर पड़ता है. इसलिए, भोजन से लेकर व्यवहार तक—हर कदम पर सजगता आवश्यक है.
अपने गृहस्थ जीवन की झलक देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे धीरे-धीरे उनका मन वैराग्य की ओर प्रवृत्त हुआ और संयमित जीवनशैली ने उन्हें नई दिशा दी. उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से संयम और सदाचार अपनाने की अपील की.

सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति

प्रवचन में पूर्व अध्यक्ष पूरणमल सेठी, वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य, विभिन्न अतिथि और समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे. इनमें अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल, मंत्री जीतेंद्र छाबड़ा, अरविंद शास्त्री, टिकमचंद छाबड़ा, सुबोध बड़जात्या, मनोज काला, अंकित शास्त्री, सौरभ विनायक्या और राजेश छाबड़ा शामिल थे.
मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने बताया कि रविवार सुबह सवा आठ बजे भी प्रवचन होगा. इसके बाद पिच्छी परिवर्तन का आयोजन किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें-

केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य, निरसा में आंशिक प्रगति

धनबाद वन प्रमंडल का नया कार्यालय और अतिथि गृह अब पूरी तरह तैयार

Dhanbad News: केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य, निरसा में आंशिक प्रगति

केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य
केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य.

Dhanbad News: धनबाद जिले में हैबिटेशन मैपिंग कार्य को तेजी लाने के उद्देश्य से शनिवार को एपीओ शंभुदत्त मिश्रा ने निरसा, केलियासोल और एग्यारकुंड प्रखंड के सीआरपी, बीपीओ और एचएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. बैठक में प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की गयी.
रिपोर्ट के अनुसार केलियासोल और एग्यारकुंड प्रखंडों में अब तक एक भी हैबिटेशन मैपिंग नहीं हुई है, जबकि निरसा प्रखंड में केवल 20 मैपिंग पूरी हो पाई हैं. धीमी गति पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों ने सभी संबंधितों को पांच दिनों के भीतर मैपिंग पूरी करने और शिक्षकों को टैग करने का निर्देश दिया है. इसके बाद घर-घर सर्वे का चरण शुरू होगा.

शनिवार दोपहर 12.30 बजे तक पूरे जिले में कुल 514 गांवों से 922 हैबिटेशन मैपिंग दर्ज की गई हैं, जिसमें 551 शिक्षकों को टैग किया गया है.

क्या है हैबिटेशन मैपिंग

हैबिटेशन मैपिंग समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट (2026-27) तैयार करने का महत्वपूर्ण चरण है. इसके तहत तीन से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की संख्या, विद्यालयों में उनका नामांकन, ड्रॉपआउट आंकड़े और अनामांकित बच्चों की सही जानकारी केंद्र सरकार को भेजी जाती है.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा यह सर्वे विद्यालय स्तर पर शिशु पंजी के माध्यम से कराया जाता है. इस प्रक्रिया में सरकारी, सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के शिक्षकों को भी जिम्मेदारी दी गई है.

झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

स्कूल से टैग होंगे टोले और गांव

वर्तमान वित्तीय वर्ष में सभी सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को शिशु पंजी अपडेट करना है. इसके लिए हर स्कूल को उसके आसपास के टोले और गांवों से टैग किया जाएगा.
हैबिटेशन मैपिंग की प्राथमिक जिम्मेदारी बीइइओ, अवर विद्यालय निरीक्षक, आउट ऑफ स्कूल प्रभारी और बीपीओ को सौंपी गई है.

घर-घर जाकर होगा सर्वे

स्कूलों के प्रधानाध्यापक और संकुल साधन सेवी (सीआरपी) अपने विद्यालयों के शिक्षक एवं पारा-शिक्षकों को संबंधित टोला–गांव से जोड़ेंगे. घर-घर सर्वे वही शिक्षक करेंगे, जिन्हें उस क्षेत्र से टैग किया गया है.
सर्वे का दायरा गांव की जनसंख्या और स्कूल में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या के आधार पर तय किया जाएगा, ताकि पूरा काम निर्धारित समय में समाप्त किया जा सके.

इसे भी पढ़ें-धनबाद वन प्रमंडल का नया कार्यालय और अतिथि गृह अब पूरी तरह तैयार

Dhanbad News: धनबाद वन प्रमंडल का नया कार्यालय और अतिथि गृह अब पूरी तरह तैयार

केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य
केलियासोल और एग्यारकुंड में हैबिटेशन मैपिंग शून्य.

Dhanbad News: धनबाद वन प्रमंडल को वर्ष 1956 के बाद पहली बार अपना स्वतंत्र कार्यालय मिलने जा रहा है. बिरसा मुंडा पार्क, नावाडीह के समीप पहाड़ी क्षेत्र में इसका नया भवन तैयार कर लिया गया है. वन विभाग के अनुसार 27 नवंबर को इसका उद्घाटन किया जाएगा. यह भवन इको-फ्रेंडली ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा पर आधारित है.

अब तक वन प्रमंडल का दफ्तर कंबाइंड बिल्डिंग के दूसरे तल पर मात्र चार कमरों में संचालित होता रहा है. एक कमरे में वन प्रमंडल पदाधिकारी, दूसरे में सहायक वन प्रमंडल पदाधिकारी और शेष दो कमरों में अन्य कर्मचारी कार्यरत थे. वर्षों से स्थान की कमी बड़ी समस्या थी. लंबे समय से नए कार्यालय के लिए पत्राचार जारी था. वित्तीय वर्ष 2023-24 में नावाडीह स्थित वन विभाग की भूमि पर नया भवन निर्माण की स्वीकृति मिली.

झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

दो भवन हुए तैयार, 95 लाख की लागत

नावाडीह में भवन निर्माण कार्य अप्रैल 2024 में शुरू हुआ था. लगभग 95 लाख रुपये की लागत से दो भवन बनाए गए हैं. इनमें एक दो-मंजिला भवन कार्यालय के लिए तैयार किया गया है. इसके पास ही दूसरा भवन अतिथि गृह के रूप में निर्मित हुआ है, जिसमें तीन कमरे बनाए गए हैं. उद्घाटन के बाद विभाग का मौजूदा कार्यालय कंबाइंड बिल्डिंग से शिफ्ट कर दिया जाएगा.

ग्रीन डिजाइन पर विशेष जोर

वन विभाग की एजेंसी ने कार्यालय और अतिथि गृह दोनों को इस तरह डिजाइन किया है कि अधिकतम क्षेत्र हरा-भरा रहे. भवनों को इको-फ्रेंडली और ऊर्जा-संरक्षण की दृष्टि से तैयार किया गया है. विभाग का मानना है कि नया परिसर कामकाज के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा.

इसे भी पढ़ें-बिहार में विधानसभा अध्यक्ष की खोज तेज, NDA खेमे में दो नाम सबसे आगे, जानें डिटेल्स

Bihar News: पंचायत चुनाव में पहली बार एक ही ईवीएम से 6 पदों का मतदान, NOTA का नहीं होगा विकल्प

पहली बार एक ही ईवीएम से 6 पदों का मतदान
पहली बार एक ही ईवीएम से 6 पदों का मतदान.

Bihar News: पंचायत आम चुनाव 2026 को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL), हैदराबाद को 32 हजार से अधिक मल्टी-पोस्ट ईवीएम खरीदने का आदेश दिया है. आयोग को मशीनें समय पर मिल जाएंगी. नई मशीनों के साथ पावर पैक, टोटलाइज़र और डिटैचेबल मेमरी मॉड्यूल भी खरीदे जा रहे हैं, ताकि मतदान और मतगणना दोनों कार्य अधिक सुगम हो सकें.

अब तक पंचायत चुनाव पुराने एम-3 मॉडल की मशीनों पर आधारित थे, जिन्हें भारत निर्वाचन आयोग ने स्वीकृति दी थी. लेकिन इस बार प्रणाली में बदलाव किया जा रहा है. राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद के निर्देशन में मतदान प्रक्रिया में कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पहली बार उपयोग में लाए जाएंगे. पंचायत चुनाव नवंबर–दिसंबर 2026 में प्रस्तावित हैं और आयोग इससे पहले सभी तकनीकी तैयारियाँ पूरी कर लेना चाहता है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

एक कंट्रोल यूनिट, छह बैलेट यूनिट

नए मल्टी-पोस्ट ईवीएम की विशेषता है कि इसमें एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बैलेट यूनिट लगाई जा सकेंगी, जिनसे पंचायत के छहों पद—वार्ड सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य—के लिए एक साथ मतदान कराया जाएगा. मशीनें आठ पदों तक के चुनाव में सक्षम हैं, पर बिहार में छह पदों का चुनाव एक साथ होता है.

राज्य सरकार ने इस पूरी नई व्यवस्था के लिए आयोग को 208 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं. किसी पद पर यदि 15 से अधिक प्रत्याशी होंगे, तो अतिरिक्त बैलेट यूनिट लगानी पड़ेगी. मतदान और मतगणना दोनों प्रक्रियाएँ एक ही मशीन से संचालित होंगी. यह भी सुनिश्चित किया गया है कि हर बूथ पर एक मल्टी-पोस्ट ईवीएम अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे.

NOTA विकल्प नहीं होगा

इस बार होने वाले पंचायत चुनाव में एक बड़ा बदलाव यह भी है कि मल्टी-पोस्ट ईवीएम में NOTA विकल्प उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. आयोग का मानना है कि पंचायत चुनावों की संरचना और पदों की अधिकता को देखते हुए इस विकल्प को शामिल नहीं किया जा रहा है.

आम तौर पर पंचायत चुनाव 10 चरणों में कराए जाते हैं. आयोग इस बार भी चरणबद्ध मतदान कराएगा, पर तकनीक के कारण प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और व्यवस्थित होने की उम्मीद है. बूथों पर मशीनों की संख्या और संरचना को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.

इसे भी पढ़ें-

बिहार में विधानसभा अध्यक्ष की खोज तेज, NDA खेमे में दो नाम सबसे आगे, जानें डिटेल्स

सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनते ही पहला बड़ा एक्शन; बेगूसराय में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर, पुलिस ने मारी गोली

Bihar Politics : बिहार में विधानसभा अध्यक्ष की खोज तेज, NDA खेमे में दो नाम सबसे आगे, जानें डिटेल्स

प्रेम कुमार और दामोदर रावत
प्रेम कुमार और दामोदर रावत.

Bihar Politics : बिहार की नई सरकार के गठन के बाद अब सत्ता पक्ष का ध्यान विधानसभा अध्यक्ष पद पर टिक गया है. विभागों के बंटवारे के साथ ही राजग के भीतर इस अहम पद को लेकर जोरदार गतिविधियाँ शुरू हो गई हैं. भाजपा और जदयू दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं और अंदरखाने समर्थन जोड़ने की कवायद जारी है.

BJP में प्रेम कुमार की दावेदारी मजबूत

भाजपा खेमे में सबसे चर्चा में गया टाउन से जीतकर आए वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार का नाम है. नौ बार के विधायक और लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उन्हें स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा है. हालिया चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को बड़ी बढ़त से हराया और पार्टी के भीतर भी वे वरिष्ठता की सूची में शीर्ष पर हैं. इसी वजह से अध्यक्ष पद की दौड़ में उन्हें बढ़त मिलती दिख रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

JDU भी मैदान में, दामोदर रावत का नाम उछला

जदयू भी इस पद को अपने हिस्से में लाने की कोशिश कर रहा है. पार्टी के अंदर दामोदर रावत को लेकर सकारात्मक माहौल बताया जा रहा है. जदयू का एक वर्ग यह तर्क पेश कर रहा है कि चूंकि विधान परिषद की जिम्मेदारी पहले से भाजपा के पास है, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी उन्हें मिलनी चाहिए. बदले में भाजपा उपाध्यक्ष पद ले सकती है—ऐसा दलीलें दी जा रही हैं.

शपथ के बाद होगा चुनाव, विशेष सत्र की तैयारी

राजनीतिक हलचल के बीच सरकार विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है जिसमें 243 नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. राज्यपाल पहले ‘प्रोटेम स्पीकर’ को नियुक्त करेंगे, जो शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी कराएंगे. इसके तुरंत बाद अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा. सत्र की अंतिम तिथि कैबिनेट की अगली बैठक में तय की जाएगी.

नई सरकार में 26 मंत्रियों ने संभाला पद

नीतीश कुमार हाल ही में दसवीं बार मुख्यमंत्री बने हैं. शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम के कुल 26 मंत्रियों ने भी पदभार लिया. नई कैबिनेट के गठन के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष पद ही अगला बड़ा फैसला माना जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं.

इसे भी पढ़ें-सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनते ही पहला बड़ा एक्शन; बेगूसराय में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर, पुलिस ने मारी गोली

Bihar News: सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनते ही पहला बड़ा एक्शन; बेगूसराय में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर, पुलिस ने मारी गोली

बेगूसराय में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर
बेगूसराय में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर(फोटो : इटीवी भारत)

Bihar News: बिहार में मंत्रियों को विभाग बाँटे जाने के तुरंत बाद कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ना शुरू हो गया है. बेगूसराय जिले में शुक्रवार देर रात एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बदनाम अपराधी शिवदत्त राय गोली लगने से घायल हो गया. पूरी मुठभेड़ साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के शालिग्राम–मल्हीपुर इलाके में हुई.

हथियार लेने आया था, पुलिस ने घेराबंदी की

सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ को इनपुट मिला था कि शिवदत्त राय मल्हीपुर के पास किसी सप्लायर से हथियार लेने पहुंचने वाला है. सूचना की पुष्टि होते ही एसटीएफ की टीम गांव के आसपास तैनात हो गई और स्थानीय पुलिस को भी जोड़ लिया गया. इसी दौरान दो बाइक पर सवार छह अपराधियों ने पुलिस को देखकर गोली चला दी. जवाब में सुरक्षा बलों ने भी फायरिंग की, जिसमें शिवदत्त राय की जांघ में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा.

गैंग के लोग फरार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

इस दौरान उसके बाकी साथी खेतों व अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले. घायल शिवदत्त से पूछताछ के बाद एक घर पर छापेमारी की गई, जहां से कई हथियार, नकदी और कफ सिरप की बोतलें बरामद की गईं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिवदत्त के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं. सम्राट चौधरी के गृह विभाग संभालते ही यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

लगभग 20 साल बाद बदला गृह विभाग

करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहने वाला गृह विभाग इस बार भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दिया गया है. 2005 से यह विभाग राज्य की कानून-व्यवस्था का सबसे अहम स्तंभ माना जाता रहा है. बिहार में यह बहुत कम बार हुआ है कि गृह पोर्टफोलियो मुख्यमंत्री से बाहर गया हो—1967 और 1971 में ऐसा हुआ था, और 2025 में फिर यह बदलाव देखने को मिला.

‘यूपी मॉडल’ की चर्चा तेज, अग्नि-परीक्षा अब शुरू

गृह विभाग मिलने के बाद भाजपा समर्थक इस कदम को ‘यूपी मॉडल’ की दिशा में बढ़ता कदम मान रहे हैं. योगी सरकार की तर्ज पर अपराधियों पर कड़ी नकेल और बुलडोजर की सम्भावना को लेकर चर्चा चल रही है. अब सभी की नजर इस पर है कि सम्राट चौधरी पुलिस-प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर नीतीश कुमार द्वारा बनाई गई व्यवस्था को किस तरह आगे ले जाते हैं.

इसे भी पढ़ें-

भागलपुर में गैस एजेंसी कर्मचारी के साथ हवाई अड्डा इलाके में छिनतई, पुलिस जांच में जुटी

बरगंज में जमीन के झांसे में आए व्यक्ति से 25 लाख की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

भागलपुर जिले की विकास योजनाओं की धीमी गति पर नाराजगी, समय पर कार्य पूरा करने का आदेश