Darbhanga News : दरभंगा जिले के सकतपुर थाना क्षेत्र के मछैता गांव में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अलग-अलग समुदाय से जुड़े एक युवक और युवती ने अचानक विवाह कर लिया. इस घटना की जानकारी फैलते ही गांव में चर्चा तेज हो गई. कुछ ही देर में दोनों पक्षों के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. विवाद बढ़ने के साथ माहौल गर्म होता चला गया. हालात को देखते हुए स्थानीय लोग सहमे नजर आए. देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया.
सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस पहुंची
घटना की खबर मिलते ही सकतपुर थाना के साथ अलीनगर थाना की पुलिस और क्यूआरटी टीम को मौके पर भेजा गया. पुलिस बल ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. आक्रोशित लोगों को अलग-अलग कर समझाने का प्रयास किया गया. पुलिस की मौजूदगी से हालात धीरे-धीरे काबू में आए. अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती. देर रात तक पुलिस गांव में तैनात रही.
युवक के घर में घुसकर मारपीट का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान कुछ लोग युवक के घर में जबरन घुस गए. आरोप है कि घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्यों के साथ हाथापाई की गई. महिलाओं और पुरुषों को चोटें आने की बात भी कही जा रही है. घर के सामानों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है. घटना के बाद परिवार के सदस्य दहशत में आ गए. गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
लंबे समय से चल रहा था प्रेम संबंध
जानकारी के मुताबिक मछैता गांव निवासी सुरेश कामत के पुत्र सोनू कामत का प्रेम संबंध दूसरे समुदाय की एक युवती से था. दोनों के बीच काफी समय से बातचीत और मुलाकात होती थी. इस रिश्ते को लेकर गांव में पहले भी चर्चा होती रही है. परिवार और समाज के कुछ लोगों ने इस संबंध को लेकर आपत्ति जताई थी. बावजूद इसके दोनों एक-दूसरे से संपर्क में बने रहे. अंततः दोनों ने साथ रहने का फैसला किया.
रात में बुलाकर की गई शादी
बताया जा रहा है कि बुधवार की रात युवती ने युवक को फोन कर मिलने के लिए बुलाया. इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से विवाह कर लिया. शादी के बाद युवक पक्ष ने युवती के परिवार को इसकी सूचना दी. हालांकि युवती के माता-पिता और परिजन इस विवाह से सहमत नहीं हुए. उन्होंने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. इसी असहमति के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया.
पहले भी हो चुकी थी ऐसी घटना
युवक के पिता सुरेश कामत ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब यह मामला सामने आया हो. उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले भी युवती घर छोड़कर उनके बेटे के पास आ गई थी. उस समय गांव के लोगों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बैठक हुई थी. बैठक के बाद युवती को समझाकर वापस भेज दिया गया था. लेकिन इस बार मामला ज्यादा गंभीर हो गया.
देर रात पुलिस ने संभाला मोर्चा
हिंसा और तनाव की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने तुरंत सकतपुर थाना को जानकारी दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में लेने के लिए सख्ती दिखाई. दोनों पक्षों को शांत कराया गया और भीड़ को हटाया गया. पुलिस ने गांव में शांति बनाए रखने की अपील की. इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी.
इस पूरे मामले पर सकतपुर थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है. फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है.
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