Delhi Air Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो चुकी है और इसका प्रभाव सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. एम्स के पल्मोनरी मेडिसिन और स्लीप डिसऑर्डर विभाग के एचओडी डॉ. अनंत मोहन ने बताया, “यहां का प्रदूषण बहुत ही गंभीर और जानलेवा है.
पिछले दस वर्षों से यह समस्या बनी हुई है. हम हर बार सुधार के प्रयास करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव कम ही दिखाई देता है. जिम्मेदार एजेंसियों को इस पर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है. अब सिर्फ श्वसन तंत्र ही नहीं, बल्कि अन्य अंग भी प्रभावित हो रहे हैं.
देश की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
#WATCH | Delhi: On Delhi's air pollution, Dr Saurabh Mittal, assistant professor at AIIMS, says, "Pollution is rampant… this is a very emergency situation. Currently, in Delhi, we're seeing a significant increase in patients with respiratory problems… It's definitely true… pic.twitter.com/m3QB6b8pWT
— ANI (@ANI) November 18, 2025
बाह्य रोगी और आपातकालीन कक्षों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है और कई लोगों को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा. इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में देखा जाना चाहिए.”
प्रदूषण से बीमारियों में वृद्धि
एम्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. सौरभ मित्तल ने कहा, “वायु प्रदूषण नियंत्रण से बाहर है और यह गंभीर आपातकालीन स्थिति बन गई है. सांस लेने की समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. प्रदूषण ने कई बीमारियों को बढ़ा दिया है. हार्ट अटैक, ब्रेन अटैक, हाई बीपी और मेमोरी लॉस जैसी समस्याएं लंबे समय तक प्रदूषण के कारण पैदा होती हैं.
यह कहना मुश्किल है कि जीवनकाल पर कितना असर पड़ा है, लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि जीवन प्रत्याशा घट सकती है. नियमित जांच के लिए आने वाले ओपीडी मरीज अब इमरजेंसी में आ रहे हैं, क्योंकि पिछले एक सप्ताह से उनकी सांस लेने की समस्याएं तेज हो गई हैं.”
Also Read-लालकिला के पास विस्फोट प्रकरण में उमर का एक और सहयोगी गिरफ्तार, साजिश में शामिल था आरोपी

