West Bengal : पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम के बीच दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है. कूचबिहार और सिलीगुड़ी से जुड़ी इन घटनाओं को लेकर मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न मानसिक दबाव ही मौत की वजह बना.
कूचबिहार में महिला की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में मौत
कूचबिहार जिले के बोरो हल्दीबारी इलाके की रहने वाली 55 वर्षीय मालिन रॉय की मौत जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुई. परिजनों के अनुसार, मालिन रॉय को अचानक दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनका निधन हो गया. परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में वह एसआईआर से जुड़े मामलों को लेकर मानसिक रूप से परेशान थीं.
सिलीगुड़ी के चूनाभट्टी में खादेम मृत पाए गए
सिलीगुड़ी के पास चूनाभट्टी इलाके में मंगलवार को 57 वर्षीय मोहम्मद खादेम का शव बरामद किया गया. शव फूलबारी क्षेत्र में एक खाली पड़े पुलिस क्वार्टर के पास मिला. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया.
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद खादेम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है.
मतदाता सत्यापन से जुड़ा मामला
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2002 की मतदाता सूची में मोहम्मद खादेम का नाम दर्ज नहीं था. इसी वजह से उन्हें हाल ही में एसआईआर के तहत सत्यापन और सुनवाई प्रक्रिया में शामिल होना पड़ा था. परिवार का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद से ही वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगे थे.
परिवार का आरोप, तनाव बना मौत की वजह
खादेम के परिवार का कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने की आशंका और सत्यापन की प्रक्रिया ने उन पर गहरा मानसिक दबाव डाला. परिजनों के मुताबिक, वह इस विषय को लेकर काफी चिंतित रहते थे और सामान्य व्यवहार में भी बदलाव दिख रहा था.
महापौर ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलने के बाद सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब चूनाभट्टी पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. साथ ही हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिलाया.
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है. स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे हैं कि सत्यापन जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के दौरान आम नागरिकों पर पड़ने वाले मानसिक प्रभाव को किस तरह कम किया जाए.
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