Bhagalpur News : भागलपुर में सहकारिता विभाग की ओर से पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों और व्यापार मंडल के अध्यक्षों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया. इस दौरान सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और उन्हें नए क्षेत्रों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पैक्स प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सहकारिता के बदलते स्वरूप पर चर्चा की गई. अधिकारियों ने बताया कि अब सहकारिता केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसे व्यवसायिक रूप से विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके.
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सहकारिता के विस्तार पर जोर
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे पदाधिकारियों को सक्षम बनाना है, ताकि वे सहकारिता क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझ सकें. उन्होंने बताया कि पहले पैक्स केवल ऋण वितरण और वसूली तक सीमित थे, लेकिन अब सरकार द्वारा अधिप्राप्ति जैसे महत्वपूर्ण कार्य जोड़े गए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सहकारिता संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है.
नई योजनाओं से मिल रहा बढ़ावा
कार्यक्रम में बताया गया कि पैक्सों को व्यवसायिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना, कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र, किसान समृद्धि योजना और पेट्रोल पंप जैसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है. साथ ही विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना के तहत 1500 एमटी से 10000 एमटी तक क्षमता वाले गोदामों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है. इन पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
कम्प्यूटरीकरण और नई समितियों का गठन
जिलाधिकारी ने बताया कि पैक्सों के सुचारू संचालन के लिए उनका कम्प्यूटरीकरण भी किया जा रहा है, जिसमें नावार्ड का सहयोग मिल रहा है. भागलपुर जिले में कुल 160 पैक्सों का कम्प्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है. इसके अलावा प्रखंड स्तर पर बकरी पालन समिति, मधुमक्खी पालन समिति, अनुमंडल उपभोक्ता भंडार और किसान उत्पादन संगठन (FPO) की स्थापना की गई है. साथ ही 28 जीविका समूहों को स्वावलंबी समिति के रूप में पंजीकृत किया गया है.
योजनाओं को धरातल पर उतारने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए सहकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करें. उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा, ताकि सहकारिता क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सके.
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