Fire In Bokaro: बोकारो जिले के डीवीसी चंद्रपुरा प्लांट में रविवार की शाम अचानक अफरातफरी का माहौल बन गया, जब कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) से जुड़े एमसीसी-2 सेक्शन में आग भड़क उठी. शाम करीब 7 बजे हुई इस घटना के बाद संबंधित पैनल से तेज धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया. प्लांट परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया. हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और स्थिति किसी बड़े औद्योगिक हादसे में तब्दील नहीं हुई. प्रारंभिक सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की वजह से प्लांट के दूसरे हिस्सों को भी सुरक्षित रखा जा सका.
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची
घटना की खबर मिलते ही सीआईएसएफ के अग्निशमन दस्ते को तुरंत अलर्ट किया गया. कुछ ही देर में दमकल वाहन और फायर टीम मौके पर पहुंच गई. इसके बाद आग बुझाने का अभियान तेजी से शुरू किया गया. करीब 30 मिनट तक लगातार प्रयास के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, अगर आग पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया जाता तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था.
सुरक्षा के तहत कन्वेयर सिस्टम रोका गया
आग लगने के बाद एहतियात के तौर पर सीएचपी सेक्शन से जुड़ी कन्वेयर बेल्ट को तत्काल बंद कर दिया गया. इसका उद्देश्य यह था कि किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या चिंगारी आगे के हिस्सों तक न पहुंचे. बाद में जब हालात पूरी तरह सामान्य हो गए, तब रात करीब 8:15 बजे इस बेल्ट को फिर से चालू कर दिया गया. इसके बाद प्लांट की गतिविधियां सामान्य ढंग से चलने लगीं.
बिजली उत्पादन पर असर नहीं, जांच जारी
प्लांट प्रबंधन ने साफ किया है कि इस आगजनी की घटना का बिजली उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा. सभी उत्पादन इकाइयां तय व्यवस्था के अनुसार काम करती रहीं. हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञ अब प्रभावित हिस्से की जांच और मरम्मत में जुटे हुए हैं. आग लगने की असली वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.
बड़ा हादसा टला, सतर्कता से बची बड़ी क्षति
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है. यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती, तो यह प्लांट के अन्य हिस्सों तक फैल सकती थी. फायर टीम और प्लांट प्रशासन की तत्परता ने एक संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया. फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पूरे सिस्टम की तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित माना जाएगा.
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