Eastern Railway GM visits Bhagalpur : पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंग के. देउस्कर ने भागलपुर स्टेशन के प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रस्तुत ड्राइंग पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों को उसे तत्काल संशोधित करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के क्रम में वे बांका रेलखंड का जायजा लेने के बाद गुरुवार को भागलपुर पहुंचे थे. स्टेशन पहुंचने पर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की.
दोपहिया पार्किंग के ऊपर बनेगा होल्डिंग एरिया
स्टेशन परिसर में यात्री सुविधा बढ़ाने को लेकर जीएम ने दोपहिया पार्किंग के ऊपर होल्डिंग एरिया विकसित करने का सुझाव दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोपहिया पार्किंग भूतल पर ही संचालित रहे, जबकि उसके ऊपर मजबूत बीम संरचना के सहारे प्रथम तल पर होल्डिंग एरिया बनाया जाए, ताकि यात्रियों को भीड़ के समय व्यवस्थित जगह मिल सके.
चारपहिया पार्किंग व्यवस्था को फिलहाल यथावत रखने की बात कही गई. साथ ही स्टेशन परिसर से फुटओवर ब्रिज को जोड़कर बेहतर आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने और बाहर निकलने में आसानी हो.
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ड्राइंग प्रस्तुति पर जताई नाराजगी
जीएम की स्पेशल सैलून प्लेटफॉर्म संख्या दो पर रुकी. वहां से वे सीधे वीआईपी कक्ष पहुंचे, जहां कुछ प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के बाद अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया. पीआरएस बिल्डिंग के पास प्रस्तावित कार्यों की ड्राइंग दिखाई गई. प्रस्तुतीकरण के दौरान जीएम ने ड्राइंग में खामियां बताते हुए इसे गलत करार दिया और नाराजगी जताई. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं की ड्राइंग वास्तविक जरूरतों और मानकों के अनुरूप दोबारा तैयार की जाए. इस दौरान वाणिज्यिक और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी असहज नजर आए.
संगठनों ने रखीं स्थानीय जरूरतों से जुड़ी मांगें
वीआईपी रूम में शहर और रेलवे से जुड़े विभिन्न संगठनों ने जीएम के समक्ष समस्याएं और सुझाव रखे. कई मांगें लिखित रूप में भी सौंपी गईं. जीएम ने इन पर गंभीरता से विचार कर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन ने भागलपुर रेलवे हेल्थ यूनिट में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की मांग उठाई. यूनियन ने हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर स्थितियों के इलाज के लिए शहर के बड़े अस्पतालों से समन्वय (टाई-अप) करने का प्रस्ताव रखा. साथ ही हेल्थ यूनिट को सब-डिवीजनल रेलवे अस्पताल का दर्जा देने की मांग भी की.
कर्मचारियों को बाहर जाना पड़ता है इलाज के लिए
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि भागलपुर में रेलकर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्थानीय हेल्थ यूनिट में पर्याप्त जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है. स्थिति यह है कि सामान्य जांच के लिए भी कर्मचारियों को मालदा या जमालपुर जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधन दोनों की परेशानी होती है.
इसके अलावा भागलपुर कोचिंग डिपो में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के अनुपात में मैकेनिकल स्टाफ बढ़ाने और नए कार्यों के अनुसार पद सृजित करने की मांग भी रखी गई, ताकि परिचालन और मेंटेनेंस प्रभावित न हो.
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