LPG Supply Crisis: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और समुद्री रास्तों पर बढ़े तनाव के बावजूद भारत में गैस और एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित बताई गई है. सरकार का कहना है कि ऊर्जा सप्लाई को लेकर फिलहाल किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है.
लोकसभा में सरकार का बयान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि यदि पश्चिम एशिया का संघर्ष लंबा भी चलता है, तब भी देश में गैस उत्पादन और सप्लाई की व्यवस्था मजबूत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली उत्पादन और उद्योगों को मिलने वाली ऊर्जा पर किसी तरह का बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है.
Delhi: Union Minister Hardeep Singh Puri says, "Before the crisis, approximately 45% of India's food imports transited through the Hormuz route. Thanks to the Honourable Prime Minister's outstanding diplomatic outreach and goodwill, India has secured food volumes that exceed what… pic.twitter.com/YoYPeC7vbJ
— IANS (@ians_india) March 12, 2026
मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी दलों के कुछ सांसदों ने विरोध भी जताया, लेकिन सरकार ने दोहराया कि ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति नियंत्रण में है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट का असर
पश्चिम एशिया में जारी टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भी पड़ा है. मंत्री के मुताबिक Strait of Hormuz से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है.
दुनिया में सप्लाई होने वाले करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल, गैस और एलपीजी की ढुलाई इसी समुद्री रास्ते से होती है. इसके बावजूद भारत ने अपने आयात स्रोतों में बदलाव कर जोखिम को काफी हद तक कम कर लिया है.
तेल आयात के स्रोत बढ़ाए
सरकार के अनुसार पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज मार्ग से आता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रास्तों और नए देशों से खरीद बढ़ाई गई है.
अब स्थिति यह है कि करीब 70 प्रतिशत कच्चा तेल ऐसे समुद्री मार्गों से भारत पहुंच रहा है, जिनका संबंध होर्मुज जलडमरूमध्य से नहीं है. इसी वजह से मौजूदा संकट का सीधा असर सीमित रहा है.
40 देशों से हो रहा तेल आयात
सरकार ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तेल खरीद के स्रोत भी बढ़ाए गए हैं. पहले भारत 27 देशों से कच्चा तेल खरीदता था, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 40 हो गई है.
मंत्री के अनुसार देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) और फ्यूल ऑयल की उपलब्धता सामान्य है. रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कई बार 100 प्रतिशत से भी अधिक उत्पादन कर रही हैं.
गैस वितरण में नई प्राथमिकता व्यवस्था
सरकार ने 9 मार्च से प्राकृतिक गैस के वितरण को लेकर नई प्राथमिकता प्रणाली लागू की है. इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र को सबसे पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है.
- घरेलू पाइप्ड गैस (PNG) – 100% सप्लाई
- वाहनों के लिए CNG – 100% सप्लाई
- उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग – लगभग 80%
- खाद कारखाने – करीब 70%
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से खेती के लिए जरूरी उर्वरक उत्पादन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
33 करोड़ परिवारों की LPG सप्लाई सुरक्षित
मंत्री ने बताया कि देश के लगभग 33 करोड़ परिवारों को मिलने वाली एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों के दौरान रिफाइनरियों में घरेलू एलपीजी उत्पादन करीब 28 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है.
साथ ही सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए शहरों में एक नई व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर रखना होगा.
सरकार के अनुसार फिलहाल एलपीजी डिलीवरी में कोई देरी नहीं हो रही है. बुकिंग से लेकर सिलेंडर पहुंचने तक का औसत समय अभी भी करीब ढाई दिन बना हुआ है.
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