Income Tax Collection : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया. इस बार व्यक्तिगत इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स से सरकार की आमदनी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है. नौकरीपेशा लोगों के लिए कोई अतिरिक्त टैक्स छूट नहीं दी गई, लेकिन इनकम टैक्स वसूली के नियम स्पष्ट किए गए हैं.
भारत में इनकम टैक्स से सबसे अधिक कमाई
भारत के बजट 2026–27 में व्यक्तिगत इनकम टैक्स से 21% और कॉर्पोरेट टैक्स से 18% राजस्व आने का अनुमान है.
इसके अलावा:
- कस्टम ड्यूटी: 4%
- यूनियन एक्साइज ड्यूटी: 6%
- जीएसटी और अन्य अप्रत्यक्ष कर: 15%
- गैर-ऋण पूंजी: 2%
- गैर-टैक्स रेवेन्यू: 10%
- केंद्र सरकार की उधारी और देनदारियां: 24%
इस बजट का मकसद आर्थिक विकास, निवेश और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को संतुलित करना है.
अमेरिका में 50% तक इनकम टैक्स से सरकार की कमाई
वित्त वर्ष 2026 के बजट अनुसार, अमेरिका में संघीय टैक्स राजस्व का लगभग आधा हिस्सा व्यक्तिगत इनकम टैक्स से आता है.
- पेरोल टैक्स: 33%
- कॉर्पोरेट इनकम टैक्स: 9%
- एक्साइज टैक्स: 1.8%
अमेरिका में प्रोग्रेसिव इनकम टैक्स लागू है. एक्साइज टैक्स गैसोलीन, शराब और तंबाकू पर लगता है. संपत्ति ट्रांसफर पर एस्टेट व गिफ्ट टैक्स लागू होता है.
वैट से सबसे अधिक कमाई करता है रूस
- रूस का बजट फ्रेमवर्क 2026–28 टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने पर केंद्रित है.
- वैट दर 20% से बढ़ाकर 22%
- कॉर्पोरेट प्रॉफिट टैक्स: 25%
- प्रोग्रेसिव पर्सनल इनकम टैक्स: 13–15%
- डिजिटल फाइनेंशियल एसेट्स और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों पर अतिरिक्त टैक्स
कॉर्पोरेट टैक्स का 8% फेडरल और 17% क्षेत्रीय बजट में जाएगा. रूस अपने सैन्य और प्रशासनिक खर्चों के लिए डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स संग्रह को प्राथमिकता देता है.
वैट चीन का सबसे बड़ा टैक्स
चीन का बजट मजबूत टैक्स सिस्टम पर आधारित है. 2021–25 में कुल वित्तीय राजस्व का लगभग 80% टैक्स से आया.
- वैट चीन का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत
- कॉर्पोरेट इनकम टैक्स: 25%
- कंजम्पशन टैक्स लक्ज़री और प्रदूषण वाले उत्पादों पर
नए नियमों में डिजिटल इनवॉइसिंग, इनपुट डिडक्शन और सख्त कंप्लायंस पर जोर दिया गया है. चीन टैक्स-शेयरिंग सिस्टम के जरिए केंद्र और स्थानीय सरकारों के बीच राजस्व बांटता है.
कॉरपोरेट टैक्स से सबसे अधिक कमाता है पाकिस्तान
पाकिस्तान के वित्त वर्ष 2025–26 के बजट में टैक्स कलेक्शन पर जोर दिया गया.
- कॉर्पोरेट टैक्स: 29%
- सर्विसेज पर विदहोल्डिंग टैक्स: 11% से 15%
- डिजिटल ट्रांजैक्शन पर 1% और कैश ऑन डिलीवरी पर 2% फाइनल टैक्स
नॉन-एनटीएन पर सख्त टैक्स अनुपालन सुनिश्चित किया गया. पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने 14.1 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये का लक्ष्य तय किया.
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