Heavy snowfall : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुई जबरदस्त बर्फबारी के बाद चतरगला दर्रा पूरी तरह बर्फ में दब गया, जिससे कई लोग वहां फंस गए. हालात की गंभीरता को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तुरंत मोर्चा संभाला और ऊंचाई वाले इलाके में फंसे कुल 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इनमें राष्ट्रीय राइफल्स के 40 जवान भी शामिल थे.
करीब 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस दर्रे पर बर्फ की मोटी परत जम चुकी थी, जिससे भद्रवाह–चतरगला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था.
40 घंटे की बर्फबारी, फिर भी नहीं रुका राहत कार्य
BRO की 118 सड़क निर्माण इकाई ने 24 जनवरी से लगातार अभियान चलाया. सड़क पर कई जगह पांच से छह फीट तक जमी बर्फ को हटाते हुए लगभग 38 किलोमीटर लंबे मार्ग को दोबारा चालू किया गया.
25 जनवरी की शाम तक रास्ता बहाल कर लिया गया, जिसके बाद 20 आम नागरिकों और राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों को उनके साजो-सामान और हथियारों सहित सुरक्षित निकाला गया. पूरा राहत अभियान 26 जनवरी की सुबह सफलतापूर्वक समाप्त हुआ और किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई.
मुगल रोड पर फिलहाल ब्रेक
घाटी में जारी भारी हिमपात का असर मुगल रोड पर भी साफ दिखाई दे रहा है. BRO की पुंछ इकाई लगातार सड़क साफ करने में जुटी हुई है, लेकिन फिसलन और खराब मौसम को देखते हुए एहतियातन इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है.
पीर की गली और हीरपुर के रास्तों से कश्मीर–पुंछ के बीच ट्रैफिक फिलहाल बंद रखा गया है.
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श्रीनगर एयरपोर्ट ठप, पर्यटक इंतजार में
बर्फबारी ने हवाई यातायात को भी प्रभावित किया है. श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. मौसम की स्थिति सुधरने और रनवे को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही उड़ानें बहाल होंगी.
अब तक 58 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जिससे गणतंत्र दिवस की छुट्टियों के बाद लौट रहे सैकड़ों पर्यटक कश्मीर में ही रुकने को मजबूर हैं.
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