Pakistan Hindu activist shot dead : दक्षिण एशिया में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति को लेकर चिंता एक बार फिर गहराती नजर आ रही है. हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा, तोड़फोड़ और डराने-धमकाने की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े किए थे. इसी कड़ी में अब पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है. सिंध के बदीन जिले में एक युवा हिंदू किसान और सामाजिक रूप से सक्रिय कार्यकर्ता कैलाश कोहली की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
दिनदहाड़े हत्या से दहला बदीन जिला
यह सनसनीखेज वारदात बदीन जिले के तालुका तल्हार अंतर्गत पीरू लशारी क्षेत्र के राही कोल्ही गांव में हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बिना किसी डर के कैलाश कोहली के पास पहुंचे और बेहद नजदीक से उनकी छाती में गोलियां दाग दीं. हमला इतना अचानक और निर्मम था कि कैलाश को बचने का कोई मौका तक नहीं मिला. गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. खासकर स्थानीय हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश दोनों साफ दिखाई देने लगे. लोगों का कहना है कि वे पहले से ही असुरक्षा के माहौल में जीवन गुजार रहे थे और इस हत्या ने उनके डर को और पुख्ता कर दिया है.
🚨 BREAKING NEWS
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) January 10, 2026
Massive Protests erupt across Sindh, Pakistan after Hindu youth Kailash Kolhi was brutally murdered, allegedly by feudal lord Sarfaraz Nizamani.
Minority groups demand immediate arrest, terrorism charges, and protection. pic.twitter.com/Cn9HZN9a2s
जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट द नेशन की रिपोर्ट के अनुसार, इस हत्या के पीछे एक प्रभावशाली स्थानीय जमींदार सरफराज निजामानी का नाम सामने आया है. आरोप है कि जमींदार की जमीन पर झोपड़ी बनाने को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और अंततः कैलाश कोहली की जान चली गई.
न्यूज 18 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह घटना 4 जनवरी 2026 को हुई थी और हमलावरों ने दिन के उजाले में इस वारदात को अंजाम दिया, जिससे यह साफ होता है कि अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं था.
इसे भी पढ़ें-ढाका में BNP नेता की हत्या, पेट में मारी गोली, हमलावर फरार; सड़कों पर उतरी सेना
Badin Sindh
— Shiva Kachhi (دراوڙ)🇵🇰 (@FaqirShiva) January 9, 2026
The protest for the arrest of the killers of the martyred Kalash Kolhi is making history.
Shiva Kachhi, Chairman of Pakistan Darawar Ittehad @PItehad is leading the historic protest sit-in.
This was not just a protest—it was the cry of a wounded conscience.
From… pic.twitter.com/uo9io9PAk0
इलाके में सक्रिय सामाजिक चेहरा थे कैलाश
कैलाश कोहली केवल एक किसान भर नहीं थे. वे अपने इलाके में सामाजिक मुद्दों को लेकर मुखर आवाज माने जाते थे. स्थानीय लोगों के अनुसार, वे अक्सर गांव की समस्याएं, जमीन से जुड़े विवाद और हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाते रहते थे. सिंध के ग्रामीण इलाकों में हिंदू समुदाय पहले ही सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक रूप से कमजोर स्थिति में है. ऐसे में कैलाश की हत्या को लोग एक संदेश के तौर पर देख रहे हैं, जो पूरे समुदाय को डराने के लिए दिया गया है.
सड़कों पर उतरा जनाक्रोश
हत्या के बाद बदीन जिले के कई हिस्सों में लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. बदीन-हैदराबाद नेशनल हाईवे और बदीन-थार कोल रोड पर धरना दिया गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. सैकड़ों वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या की नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा की है.
पुलिस के आश्वासन पर उठे सवाल
हत्या के तुरंत बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय समुदाय के लोगों ने कैलाश का शव पीरू लशारी स्टॉप पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान एसएसपी बदीन ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. लेकिन घटना के चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
Kailash Kohli’s cold-blooded murder is a wound on society’s conscience. Sindh Govt is in constant contact with his family & has directed police to apprehend culprit at the earliest. We have also taken up this matter through SHRC, calling for report on police action by 13th… pic.twitter.com/sOQtG9TNiC
— Sukhdev (@SukhdevHemnani_) January 9, 2026
पुलिस की इस ढिलाई से लोगों में नाराजगी और गुस्सा और बढ़ गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर आरोपी किसी कमजोर वर्ग से होता, तो अब तक उसे जेल भेज दिया गया होता.
सोशल मीडिया पर भी न्याय की मांग
कैलाश कोहली की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. #JusticeForKailashKolhi जैसे हैशटैग के जरिए लोग प्रांतीय सरकार और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
अल्पसंख्यक अधिकार कार्यकर्ता शिवा कच्छी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कैलाश कोहली की हत्या के खिलाफ चल रहा धरना अभूतपूर्व है और बिना किसी रुकावट के जारी है. उनके अनुसार, यह आंदोलन इतिहास रच रहा है क्योंकि इसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हैं.
मानवाधिकार संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद के अध्यक्ष और माइनॉरिटी राइट्स ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख शिवा कच्छी ने इस हत्या को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समुदाय को डराने और चुप कराने की कोशिश है. उनका कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक दोषियों को गिरफ्तार कर सजा नहीं दी जाती.
सरकार के दावे और जमीनी हकीकत
सिंध सरकार के प्रवक्ता और सिंध ह्यूमन राइट्स कमीशन के सदस्य सुखदेव हेमनानी ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के संपर्क में है और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए. इस मामले को सिंध मानवाधिकार आयोग के माध्यम से भी उठाया गया है और 13 जनवरी तक पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है.
हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाकिस्तान में इस तरह के मामलों में अक्सर जांच और नोटिस तक ही प्रक्रिया सीमित रह जाती है. दोषियों को सजा मिलने के उदाहरण बेहद कम हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं.
क्षेत्रीय स्तर पर गंभीर चिंता
बांग्लादेश से लेकर पाकिस्तान तक लगातार सामने आ रही घटनाएं यह दर्शाती हैं कि भारत के बाहर दक्षिण एशिया में हिंदू अल्पसंख्यक लगातार हिंसा, भेदभाव और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं. कैलाश कोहली की हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या क्षेत्र के देश अपने सबसे कमजोर नागरिकों की जान और अधिकारों की रक्षा करने में विफल साबित हो रहे हैं.
इसे भी पढ़ें-बांग्लादेश में एक और मौत; तालाब में कूदकर जान गंवा बैठा हिंदू युवक
इसे भी पढ़ें-हमलों का भयावह दौर जारी, 2 हिंदुओं की हत्या, विधवा पर हमला, यूनुस प्रशासन मौन

