Free Sanitary Pad: झारखंड सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए नि:शुल्क सेनेटरी पैड वितरण योजना शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इस पहल से राज्य की करीब 12 से 13 लाख छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है. सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद सरकार ने योजना का प्रारूप तैयार करना और बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करना शुरू कर दिया है.
हर महीने कितना सेनेटरी पैड कराया जायेगा उपलब्ध?
योजना को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी है. बैठकों में सेनेटरी पैड की खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक, भंडारण और स्कूल स्तर तक वितरण व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर विस्तार से विचार हुआ है.
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सरकार इस कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए यूनिसेफ से सहयोग लेने पर भी विचार कर रही है. माहवारी स्वच्छता पर यूनिसेफ पहले से कई जागरूकता और वितरण कार्यक्रम चलाता रहा है, जिसका अनुभव राज्य के काम आ सकता है. साथ ही अन्य राज्यों में चल रही समान योजनाओं का अध्ययन भी किया जा रहा है ताकि बेहतर मॉडल अपनाया जा सके.
प्रारंभिक खाके के मुताबिक कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को हर महीने पांच से छह सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा सकते हैं. लक्ष्य है कि योजना अगले शैक्षणिक सत्र से जमीन पर उतर जाए.
अभी सीमित स्कूलों तक सुविधा
फिलहाल राज्य के अधिकांश सरकारी स्कूलों में सेनेटरी पैड वितरण की कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है. अभी यह सुविधा मुख्य रूप से 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तक सीमित है, जहां छात्राओं को नियमित रूप से पैड उपलब्ध कराए जाते हैं.
ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को अक्सर इस सुविधा के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति पर असर पड़ता है. नई योजना का मकसद इसी अंतर को खत्म करना है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेजी
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्कूलों में छात्राओं के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने को कहा है. अदालत ने तीन महीने के भीतर इस दिशा में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी मांगी है.
इसी के बाद झारखंड सरकार ने प्रक्रिया को तेज किया है. अधिकारियों का कहना है कि योजना केवल वितरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि छात्राएं बिना झिझक स्कूल आ सकें.
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