Strait of Hormuz : दुनिया भर में जारी ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. ईरान ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है. न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.
बातचीत के बाद सामने आया फैसला
ANI के मुताबिक भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच हुई बातचीत के बाद यह सहमति बनी. इसके बाद भारतीय झंडे वाले टैंकरों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति मिल गई.
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Iran to allow Indian-flagged ship to pass safely through the Strait of Hormuz: Sources pic.twitter.com/BKo9RXDBVR
— ANI (@ANI) March 12, 2026
सूत्रों के अनुसार कम से कम दो भारतीय टैंकर — पुष्पक और परिमल — के इस समुद्री रास्ते से सुरक्षित रूप से गुजरने की जानकारी सामने आई है. यह वही मार्ग है जिसे वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में गिना जाता है.
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर भी होर्मुज क्षेत्र से निकलकर सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह पहुंचा. इस जहाज को भारतीय चालक दल चला रहा था. मौजूदा हालात के बीच इसे इस रास्ते से भारत पहुंचने वाला पहला जहाज माना जा रहा है.
हमलों के बाद प्रभावित हुआ समुद्री ट्रैफिक
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद इस पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है. 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब कई दिनों से जारी है और इसका असर समुद्री व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है.
तनाव बढ़ने के बाद कई शिपिंग कंपनियों ने इस मार्ग से गुजरने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी. कई जहाजों की आवाजाही कम हो गई और कुछ जहाजों ने वैकल्पिक रास्ते अपनाने का फैसला किया. इसकी वजह से इस इलाके में समुद्री ट्रैफिक काफी कम हो गया.
इस स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ा है. समुद्री मार्ग में अनिश्चितता बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.
जहाजों के लिए ईरान ने तय की नई शर्त
ईरान ने इस बीच साफ किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को उसकी मंजूरी लेनी होगी. Islamic Revolutionary Guard Corps की नेवल फोर्स के कमांडर ने पहले ही कहा था कि बिना अनुमति के गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है.
तेहरान का कहना है कि जिन जहाजों का संबंध अमेरिका या इजरायल के हितों से जुड़ा है, उन्हें इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसी कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां फिलहाल इस मार्ग को लेकर सतर्क बनी हुई हैं.
दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में एक
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. यह जलमार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है.
करीब 55 किलोमीटर चौड़ा यह समुद्री रास्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. सामान्य परिस्थितियों में हर दिन लगभग 13 मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल इसी मार्ग से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है.
इसी वजह से जब भी इस इलाके में तनाव बढ़ता है तो उसका असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर देखने को मिलता है.
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