Rajya Sabha : राज्यसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच भारत की भूमिका पर विस्तृत बयान दिया. उन्होंने बताया कि युद्ध के समय ईरान के नेतृत्व से सीधे संपर्क करना चुनौतीपूर्ण था. इस दौरान भारत ने ईरानी युद्धपोत को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी, जिसे ईरान ने सराहा. इस कदम के लिए ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद भी किया.
On the conflict situation in West Asia, EAM Dr S Jaishankar says," The Indian Embassy has facilitated the relocation of several Indian students in Tehran to places outside. Indian nationals in Iran on business were facilitated to cross over to Armenia to return to India. Our… pic.twitter.com/zmMDEesmYn
— ANI (@ANI) March 9, 2026
वेस्ट एशिया की घटनाओं पर चिंता
जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम सभी देशों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं. भारत का मानना है कि किसी भी विवाद या संकट का समाधान संपर्क, बातचीत और राजनैतिक संवाद के माध्यम से ही होना चाहिए. संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत सरकार लगातार वहां के हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति का निरंतर विश्लेषण किया जा रहा है.
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On the conflict situation in West Asia, EAM Dr S Jaishankar says," Contacts with Iran at the leadership level are obviously difficult at this time….Iran's foreign minister has expressed his country's thanks to India for this human gesture of permitting the Iranian warship Lavan… pic.twitter.com/5HrQnE684k
— ANI (@ANI) March 9, 2026
तेहरान में दूतावास सक्रिय और उच्च सतर्कता पर
विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है. उन्होंने कहा कि दूतावास ने कई भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में सहायता की. साथ ही, ईरान में व्यापारिक गतिविधियों में लगे भारतीय नागरिकों को अर्मेनिया के मार्ग से भारत लौटने में मदद की गई. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इस समय भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है.
भारत की नीति: शांति और संयम
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति और राजनैतिक संवाद के जरिए समाधान का समर्थक रहा है. मौजूदा परिस्थितियों में भारत का रुख स्पष्ट है – तनाव कम करना, संयम बरतना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सभी पक्षों से आपसी समझ और संवाद के लिए प्रयास करने की उम्मीद करता है.
As expected the External Affairs Minister made a suo moto statement on the situation in the Rajya Sabha on which no questions can be asked or clarifications sought. The entire Opposition wanted an immediate discussion on the West Asian situation. This was denied and hence the…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) March 9, 2026
विपक्ष ने राज्यसभा में इस विषय पर अपनी असंतोष व्यक्त किया
वहीं, विपक्ष ने राज्यसभा में इस विषय पर अपनी असंतोष व्यक्त किया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की जानी चाहिए थी. उन्होंने बताया कि जब राज्यसभा में चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया, तो विपक्ष ने विरोध स्वरूप वॉकआउट किया.
भारत की नजर व अंतरराष्ट्रीय सहयोग
जयशंकर ने कहा कि भारत न केवल घटनाओं पर नजर रख रहा है, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत किसी भी प्रकार के सैन्य संघर्ष में शामिल होने की बजाय साझा संवाद और प्रयासों को प्राथमिकता देता है.
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