Kolkata News : जादवपुर यूनिवर्सिटी ने फैकल्टी ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज, लॉ एंड मैनेजमेंट (एफआइएसएलएम) के तहत जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) पर एक नया प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है. यह पहल एडवांस्ड सस्टेनेबल सॉल्यूशंस के जरिए इंडस्ट्रियल वेस्टवॉटर मैनेजमेंट की चुनौतियों को हल करने के उद्देश्य से तैयार की गई है.
कोर्स का उद्देश्य और लाभ
इस कोर्स का मकसद इंजीनियरों, साइंस पोस्ट ग्रेजुएट्स और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स में तकनीकी क्षमता विकसित करना है, ताकि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जल प्रबंधन के उपायों को बढ़ावा दिया जा सके. कोर्स का विकास ग्लोबल जादवपुर यूनिवर्सिटी एलुमनाई फाउंडेशन (GJUAF), कैलिफोर्निया, यूएसए की पहल पर किया गया. जीजेयूएएफ के अध्यक्ष डॉ. रंजीत चक्रवर्ती ने बताया कि यह कोर्स जल संसाधन इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, पर्यावरण अध्ययन और सिविल इंजीनियरिंग विभागों के सहयोग से एफआइएसएलएम के तहत डिजाइन किया गया.
वित्तपोषण और छात्र लाभ
GJUAF कार्यक्रम को तीन साल के लिए प्रायोजित कर रहा है, जिसमें दो और वर्षों के लिए समर्थन बढ़ाने की संभावना है. तीन साल की लागत 60,000 अमेरिकी डॉलर है. केमिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र देबाशीष मुखोपाध्याय (कैलिफोर्निया, यूएसए) ने 54,000 अमेरिकी डॉलर का उदार दान इस पहल को वित्तपोषित करने के लिए दिया.
छात्रों को कोर्स के दौरान 8,000 रुपये मासिक इंटर्नशिप स्टाइपेंड मिलेगा और इंडस्ट्री विज़िट के दौरान 2,000 रुपये अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे.
कोर्स की डिजाइन और रोजगार के अवसर
जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस-चांसलर डॉ. अमिताव दत्ता ने बताया कि यह कोर्स यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुसार “अप्रेंटिस एम्बेडेड एजुकेशनल प्रोग्राम” के रूप में तैयार किया गया है. इससे छात्रों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इंडस्ट्री में उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा.
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