Pakistan Lockdown : पाकिस्तान में ऊर्जा बचत और खर्च कम करने को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. नए आदेश के तहत पंजाब, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी, गिलगित-बाल्टिस्तान और आजाद जम्मू-कश्मीर समेत कई इलाकों में बाजार, मंडियां और शॉपिंग मॉल तय समय के बाद बंद कर दिए जाएंगे. यह व्यवस्था 7 अप्रैल से लागू की जा रही है और इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखेगा.
اسلام آباد: 6 اپریل 2026
— Prime Minister's Office (@PakPMO) April 6, 2026
وزیراعظم محمد شہباز شریف نے پیٹرولیم مصنوعات ، توانائی کی بچت اور کفایت شعاری کے اقدامات کے نفاذ کے حوالےسے اہم جائزہ اجلاس کی صدارت کی. صوبہء پنجاب، خیبر پختونخوا، بلوچستان ، اسلام آباد کیپیٹل ٹیریٹری ، گلگت بلتستان اور آزاد جموں و کشمیر میں بازار،… pic.twitter.com/BEsPreuQWa
किस इलाके में कितने बजे तक खुलेंगे बाजार
सरकारी फैसले के अनुसार, अधिकतर इलाकों में बाजार, मंडियां और शॉपिंग मॉल को रात 8 बजे तक ही खोलने की इजाजत रहेगी. हालांकि खैबर पख्तूनख्वा के डिविजनल मुख्यालयों के लिए थोड़ी राहत दी गई है, जहां बाजारों और शॉपिंग मॉल को रात 9 बजे तक खुले रहने की अनुमति होगी. वहीं, रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की दुकानें, डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य मॉल पर भी बंदी का नियम लागू रहेगा.
यह फैसला ऊर्जा संरक्षण और ईंधन की खपत कम करने के मकसद से लिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे बिजली और पेट्रोलियम उत्पादों की खपत पर नियंत्रण किया जा सकेगा.
शादी-ब्याह और खानपान कारोबार पर भी पाबंदी
नई व्यवस्था में केवल बाजार ही नहीं, बल्कि शादी समारोह और खानपान से जुड़े कारोबार पर भी सख्ती की गई है. बेकरी, रेस्तरां, तंदूर और खाने-पीने की दूसरी जगहों को रात 10 बजे तक ही संचालन की अनुमति होगी. इसके बाद इन्हें बंद करना अनिवार्य होगा.
मैरिज हॉल, मार्की और शादी समारोह के लिए इस्तेमाल होने वाले दूसरे व्यावसायिक स्थलों पर भी रात 10 बजे के बाद रोक लागू रहेगी. इतना ही नहीं, निजी मकानों और संपत्तियों में भी रात 10 बजे के बाद शादी समारोह आयोजित नहीं किए जा सकेंगे. इस फैसले का सीधा असर सामाजिक आयोजनों और देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों पर पड़ेगा.
जरूरी सेवाएं रहेंगी जारी, कुछ शहरों में बस सेवा मुफ्त
सरकार ने इन प्रतिबंधों के बीच जरूरी सेवाओं को राहत भी दी है. मेडिकल स्टोर और फार्मेसियों को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है, ताकि लोगों को दवा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े.
इसके अलावा गिलगित और मुजफ्फराबाद शहरों में अंतर-शहरी सार्वजनिक बस सेवा को एक महीने तक मुफ्त रखने का फैसला लिया गया है. इस सेवा का पूरा खर्च संघीय सरकार वहन करेगी. सरकार का कहना है कि इस कदम से आम लोगों को राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा.
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