Dhanbad Landslide: धनबाद जिले के सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टांडाबाड़ी बस्ती में मंगलवार की शाम अचानक मचे कोहराम ने पूरे इलाके को दहला दिया. स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम करीब साढ़े पांच बजे तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके कुछ ही पल बाद बस्ती के कई घर भरभराकर ढह गए. इस अचानक हुए हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबे के नीचे एक ही परिवार के तीन लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर जुट गए और अपने स्तर पर मलबा हटाने की कोशिश शुरू कर दी.
एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में सरिता देवी, मनोहर उरांव और गीता कुमारी के मलबे में दबे होने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला. धमाके के तुरंत बाद घरों के गिरने से लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे. परिजन और पड़ोसी लगातार मलबे के आसपास डटे रहे और अपनों की तलाश में जुटे रहे.
इलाके में मौजूद लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद कुछ देर तक स्थिति इतनी भयावह थी कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि पहले क्या किया जाए. हर तरफ सिर्फ धूल, टूटे घर और चीख-पुकार का माहौल था.
राहत कार्य में देरी पर भड़के लोग
घटना के काफी देर बाद तक आधिकारिक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद शुरुआती घंटों में प्रशासन की ओर से जरूरी तत्परता नहीं दिखाई गई. उनका कहना है कि अगर समय पर रेस्क्यू शुरू होता, तो मलबे में फंसे लोगों तक जल्दी पहुंचा जा सकता था.
इसी नाराजगी के बीच लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि ऐसी गंभीर स्थिति में हर मिनट कीमती होता है, लेकिन मौके पर जरूरी मशीनरी और टीम पहुंचने में देरी हुई.
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध
आक्रोशित ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. इसके साथ ही राजगंज-बोकारो मुख्य मार्ग एनएच-32 को भी जाम कर दिया गया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ग्रामीण लगातार यही मांग करते रहे कि फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.
विधायक मौके पर पहुंचे, अफसरों से की बात
हादसे की खबर मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. मौके पर पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने को कहा.
बताया गया कि विधायक ने फोन पर बीसीसीएल के सीएमडी और धनबाद के उपायुक्त से बातचीत कर तत्काल राहत कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया. उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी.
इलाके में दहशत, लोग घरों से बाहर निकले
इस घटना के बाद टांडाबाड़ी बस्ती और आसपास के इलाकों में डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है. लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और देर शाम तक घटनास्थल के आसपास भारी भीड़ जुटी रही. हर किसी की नजर मलबे पर टिकी रही और सभी को राहत टीम के प्रभावी रेस्क्यू का इंतजार रहा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और स्थिति को जल्द सामान्य करने की है.
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