Bihar Minister Deepak Prakash Kushwaha: बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में आयोजित किया गया. इस मौके पर नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की, जो इस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.
बिना सदस्य मंत्री बनने का प्रावधान
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, यदि किसी व्यक्ति को मंत्री बनाया जाता है और वह उस समय विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं है, तो उसे छह महीने तक मंत्री बने रहने की अनुमति है. इस अवधि के भीतर उसे किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है, अन्यथा उसे पद छोड़ना होगा.
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दीपक प्रकाश को मिला विधायकों का समर्थन
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दीपक प्रकाश के मंत्री बनने में उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक अहम भूमिका निभाई. पार्टी ने कुल 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें जीतीं. इनमें सासाराम की विधायक स्नेहलता, जो कि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी हैं, भी शामिल हैं.
विशेषज्ञ और अनुभवी नेताओं को शामिल करने की रणनीति
ऐसा कदम इसलिए उठाया जाता है ताकि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में योग्य विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल कर सकें. बाद में ये लोग उपचुनाव या विधान परिषद के जरिए सदन का सदस्य बन सकते हैं.
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